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दिल्ली बीजेपी: विजय गोयल बनाम मनोज तिवारी की लड़ाई में पार्टी का बंटाधार?

अब पार्टी के भीतर घमासान की सुगबुगाहट दिखने लगी है

Updated On: May 25, 2017 06:12 PM IST

Amitesh Amitesh

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दिल्ली बीजेपी: विजय गोयल बनाम मनोज तिवारी की लड़ाई में पार्टी का बंटाधार?

दिल्ली बीजेपी में लगता है सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है. अबतक बीजेपी के नेता केजरीवाल के घर में लगी आग को हवा देकर उसपर चटकारे ले रहे थे. लेकिन, अब घर के भीतर घमासान की सुगबुगाहट दिखने लगी है.

एमसीडी चुनाव में तीनों नगर निगम में बीजेपी का परचम लहराने के बाद दिल्ली बीजेपी के नेता अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं. जीत का श्रेय लेने की होड़ ही लड़ाई के कारण के तौर पर सामने आ रही है.

दरअसल, एमसीडी चुनाव जीतने के बाद से बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और उनके समर्थक इसे उनकी जीत के तौर पर देख रहे हैं. मनोज तिवारी के अध्यक्ष बनने के बाद दिल्ली के भीतर ये पहला चुनाव था जिस चुनाव में पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली है.

ऐसे इस जीत का श्रेय मनोज तिवारी के नेतृत्व को भी दिया जा रहा है. खास तौर से तिवारी के चेहरे को सामने लाकर बीजेपी आप और कांग्रेस के खेमे में सेंधमारी कर पूर्वांचल के वोटरों को अपने पाले में लाने में कामयाब रही.

दूसरी तरफ, केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल और उनके समर्थक दिल्ली की सियासत में अपनी दखलंदाजी को बरकरार रखना चाहते हैं. विजय गोयल ने एमसीडी चुनाव के दौरान भी कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली को पार्टी में शामिल करने में बड़ी भूमिका निभाई थी.

विजय गोयल दिल्ली बीजेपी के रह चुके हैं अध्यक्ष

vijay goel

विजय गोयल दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष भी रह चुके हैं. ऐसे में उनके समर्थकों की तरफ से एमसीडी चुनाव के बाद भी दिल्ली में अपनी दावेदारी मजबूत करने के हिसाब से कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा जा रहा है.

पार्टी अध्यक्ष मनोज तिवारी की अनुमति के बगैर एमसीडी चुनाव में जीते बीजेपी के सभी पार्षदों के लिए 16 मई को अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. विजय गोयल के समर्थकों की तरफ से किए गए इस आयोजन के बाद से ही पार्टी के भीतर का बवाल सामने आ गया.

इस अभिनंदन समारोह से बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने अपने आप को अलग कर लिया और बीजेपी के एक महासचिव ने इस बाबत सभी पार्षदों को अभिनंदन समारोह में शिरकत नहीं करने का फरमान सुना दिया.

लेकिन, इसके बावजूद अभिनंदन समारोह में करीब 25 से 30 पार्षद शामिल हुए जिनमें विजय गोयल के करीबी जयप्रकाश के अलावा शिखा राय और संतोष पाल भी मौजूद थे. इसके बाद बीजेपी की तरफ से इन सभी पार्षदों को नोटिस देकर जवाब तलब कर लिया गया है.

पार्टी के भीतर इसी बात को लेकर बवाल शुरू हो गया है. बीजेपी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में भी मनोज तिवारी और विजय गोयल के बीच मतभेद का मुद्दा छाया रहा. हालाकि बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान के निर्देश के बाद दोनों के बीच मतभेद सुलझाने की बात कही जा रही है.

जीत के बाद बड़ा हुआ मनोज तिवारी का कद

manoj tiwari delhi mcd

दरअसल, बीजेपी के भीतर इस वक्त प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का कद बाकी नेताओं की तुलना में काफी बड़ा हो गया है. एमसीडी चुनाव जीतने के बाद से ही कहा जा रहा है कि पूर्वांचल के मतदाताओं को साधकर बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने पार्टी आलाकमान की उम्मीदों के मुताबिक अपनी काबिलियत को साबित कर दिया है.

अगर आने वाले दिनों में बीजेपी मनोज तिवारी के नेतृत्व में दिल्ली में बहुमत हासिल करती है तो उस हालात में मनोज तिवारी मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार के तौर पर उभर सकते हैं. यही बात विजय गोयल और उनके समर्थकों पर भारी पड़ रही है. लिहाजा तिवारी बनाम गोयल की लड़ाई दिल्ली में दिख रही है.

लेकिन, अगर इस लड़ाई पर विराम न लगा तो दिल्ली के भीतर बीजेपी के पक्ष में बने माहौल के खराब होते देर भी नहीं लगेगी. एमसीडी की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी की हार ने इसका संकेत भी दे दिया है.

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