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त्रिपुरा चुनाव 2018: इस बार दोतरफा नहीं, त्रिकोणीय है मुकाबला

18 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. चुनाव के लिए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं

Updated On: Feb 17, 2018 05:40 PM IST

FP Staff

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त्रिपुरा चुनाव 2018: इस बार दोतरफा नहीं, त्रिकोणीय है मुकाबला
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पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा में कल यानी 18 फरवरी को वोट डाले जाएंगे. रविवार को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक 3214 चुनावी बूथों पर वोटिंग कराई जाएगी. मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. चुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कुल 307 उम्मीदवार मैदान में हैं. सत्तारूढ़ सीपीएम 57 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि अन्य वामपंथी दल आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक और सीपीआई ने 1-1 सीट पर उम्मीदवारी दर्ज कराई है. कांग्रेस 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. एक सीट गोमती जिले के काक्राबोन विधानसभा सीट से पार्टी ने किसी भी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है.

इस बार के विधानसभा चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए सभी पार्टियों ने पूरा दमखम दिखाया है. त्रिपुरा में लेफ्ट और कांग्रेस की मौजूदगी तो पहले से है, लेकिन बीजेपी ने यहां अपना 25 साल का वनवास खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है.

त्रिपुरा में क्या है बीजेपी की रणनीति

त्रिपुरा में शुक्रवार की शाम 5 बजे प्रचार का शोर थम गया. प्रचार के अंतिम दिन राहुल गांधी त्रिपुरा के रामकृष्ण कॉलेज स्टेडियम पहुंचे, यहां उन्होंने एक चुनावी सभा को संबोधित किया. बीजेपी ने भी आखिरी दिन धुआंधार चुनाव प्रचार किया है.

अब तक के चुनावों पर गौर करें तो हर बार वाम मोर्चा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया है. राज्य के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि 18 फरवरी को होने वाले असेंबली चुनाव में मुख्य मुकाबला सीपीएम और बीजेपी के बीच होने जा रहा है.

बीजेपी ने त्रिपुरा में लेफ्ट को मात देने लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है. पार्टी की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेताओं समेत 100 से ज्यादा सांसदों, विधायकों ने यहां लगातार जनसंपर्क और रैलियां की.

त्रिपुरा में जातिगत आकड़े देखें तो बंगाली हिंदू आबादी में करीब 70 फीसदी नाथ योग संप्रदाय के वोटर हैं. अगरतला में नाथ मंदिर भी है. इन्हें लुभाने के लिए यूपी के सीएम योगी ने यहां दो दिन रोड शो और जनसभाएं की हैं.

बीजेपी इस बार आईपीएफटी के साथ

बीजेपी इस बार जीत के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रही. तभी यहां के क्षेत्रीय दल इंडिजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ गठबंधन किया है. बीजेपी राज्य की 60 में से 51 सीटों पर और आईपीएफटी 9 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. आईपीएफटी काफी वक्त से अलग आदिवासी बहुल त्रिपुरालैंड राज्य बनाने की मांग करती रही है.

यहां के लोकल लोगों को लुभाने के लिए बीजेपी ने चुनाव प्रचार की कमान असम के मंत्री और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) के संयोजक डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा को दिया है. इससे पहले वह मणिपुर और असम असेंबली चुनावों में पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

त्रिपुरा के अलावा मेघालय और नगालैंड में भी इसी महीने विधानसभा के चुनाव होने हैं. इन दोनों राज्यों में 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे.

मेघालय में कांग्रेस की पूरी तैयारी

मेघालय में 27 फरवरी को वोटिंग है और नतीजे 3 मार्च को आएंगे. मौजूदा 60 सदस्यों वाली असेंबली का कार्यकाल छह मार्च को समाप्त हो रहा है. यहां कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और शशि थरूर को लगाया है. पार्टी के स्टार प्रचारकों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए के एंटनी, सलमान खुर्शीद, ऑस्कर फर्नांडिस और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी का भी नाम है.

पार्टी के स्टार प्रचारकों में कुल 40 नेताओं के नाम हैं. जिसमें 20 स्टार प्रचारक इसी राज्य से हैं. अन्य 20 बाहर से आ रहे हैं. मेघालय से आने वाले स्टार प्रचारकों में मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा और उनके भाई जेनिथ संगमा, राज्य पार्टी प्रभारी सेलेस्तिन लिंगदोह, कैबिनेट मंत्रियों में आर वी लिंगदोह, एम एम डंग्गो, एचडीआर लिंगदोह और राज्यसभा सदस्य वानसुक सीम शामिल हैं.

इस बार खास है नगालैंड का चुनाव

नगालैंड के 54 सालों के सियासी इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब किसी असेंबली चुनाव में महिला उम्मीदवार भी अपना दम ठोकेंगी. इस साल राज्य के 60 असेंबली सीट वाले चुनाव में 195 उम्मीदवार खड़े हैं जिनमें 5 महिला उम्मीदवार हैं. यहां 27 फरवरी को चुनाव होने जा रहे हैं जिसके नतीजे 3 मार्च को आ जाएंगे.

महिला कैंडिडेट में वीडि-यू-क्रोनू और मांग्यांगपूला नेशनल पीपुल्स पार्टी से दीमापुर और नोक्सेन असेंबली सीट से खड़ी हो रही हैं. उनके अलावा रखीला टुनसांग सदर सीट से बीजेपी की उम्मीदवार हैं. नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी से अवान कोन्याक अबोई सीट से खड़ी हो रही हैं. रेखा रोज डुकोरु शिजामी निर्वाचन क्षेत्र से निर्दल कैंडिडेट हैं. दूसरी ओर, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) पार्टी ने हालांकि इस बार किसी महिला उम्मीदवार को चुनावी मैदान में नहीं उतारा है. एनपीएफ प्रमुख पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव में हमारी पार्टी से किसी महिला उम्मीदवार ने रुचि नहीं दिखाई है.

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