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....इसलिए पीएम मोदी ने रवांडा को तोहफे में दी 200 गाय

रवांडा में गाय वो कामधेनु है जो आमदनी की गारंटी है तभी यहां गाय सम्मान, समृद्धि के साथ ही आपसी भाईचारे और बंधुत्व का प्रतीक है

Kinshuk Praval Kinshuk Praval Updated On: Jul 24, 2018 06:31 PM IST

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....इसलिए पीएम मोदी ने रवांडा को तोहफे में दी 200 गाय

पीएम मोदी ने रवांडा सरकार को 200 गाय तोहफे के रूप में दी. दुनिया में अचरज भरा सवाल उठ सकता है कि आखिर किसी देश ने दूसरे देश को गाय ही क्यों गिफ्ट की?

दरअसल अफ्रीकी देश रवांडा में गायों को लेकर सियासत नहीं बल्कि इंसानियत है. यहां की आम सोच ये है कि गाय समृद्धि का प्रतीक होती है. यही वजह है कि गाय के प्रति यहां सम्मान है. गाय को यहां रोजगार देने वाला माना जाता है. यानी रवांडा में गाय को वो कामधेनु कहा जा सकता है जो किसी गरीब परिवार को कम से कम आमदनी की गारंटी तो देती ही है.

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रवांडा सरकार ने गायों के जरिये रोजगार देने का काम शुरू किया है. उसने गिरिंका नाम से एक कल्याणकारी योजना शुरू की है. 'गिरिंका' का मतलब होता है कि 'एक गाय रखो'. गरीब परिवार को एक गाय दान में दी जाती है ताकि वो दुग्ध उत्पादन कर परिवार का पेट पाल सके.

इस गिरिंका योजना के चलते ही अबतक साढ़े तीन लाख परिवारों को रोजगार मिल सका है. रवांडा सरकार ने गिरिंका योजना साल 2006 में शुरू की थी. इस योजना के जरिये गायों का दूध पिला कर बच्चों का कुपोषण भी दूर किया जा रहा है. गरीबी हटाने और रोजगार देने के लिये रवांडा सरकार की गिरिंका योजना उसका सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम है.

रवांडा का त्रासदी भरा इतिहास है. साल 1994 में तुत्सी और हुतु समुदाय के बीच भड़की हिंसा के चलते भीषण नरसंहार हुआ था. उस नरसंहार में दस लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे. करीब अस्सी प्रतिशत मवेशी मारे गए थे. रवांडा के लोगों ने उस काले इतिहास को भुलाकर आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ाने के लिये गाय का सहारा लिया. आपसी संबधों में मिठास लाने और भाईचारा बढ़ाने के लिये लोग यहां पर एक दूसरे को गाय बांटते हैं. गाय की बछिया भी गिफ्ट करते हैं. गाय सम्मान का प्रतीक है तो आपसी भाईचारे का भी.

3 अफ्रीकी देशों के दौरे पर निकले पीएम नरेंद्र मोदी मंगलवार को रवांडा की राजधानी किगली पहुंचे

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रवांडा भी भारत की तरह ही कृषि प्रधान देश है. यहां भी गाय के प्रति प्राचीन आस्था है. प्राचीन काल में गाय का मुद्रा के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता था.

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने भी रवांडा के साथ आपसी संबंधों की प्रगाढ़ता और मजबूती के लिए तोहफे में गाय दी. इन गायों को रवांडा से ही खरीदा गया और रवांडा सरकार की कल्याणकारी योजना के तहत ही भेंट किया गया. पीएम मोदी की इस भेंट के जरिये 200 परिवारों को रोजगार भी मिलेगा.

यही वजह है कि भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंधों की जीवंतता बरकरार रखने के लिए मोदी ने गायों को तोहफे के रूप में दिया. वो गाय अब सिर्फ रवांडा में संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक ही नहीं रहीं बल्कि भारत-अफ्रीकी देशों के बीच पारस्परिक सौहार्द, समभाव, विश्वास और सहयोग का भी प्रतीक हैं. खुद पीएम मोदी ने भी कहा कि भारत में भी लोग रवांडा में गाय की महत्ता और सम्मान को देखकर आश्चर्य से भरे हुए हैं.

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