S M L

तेलंगाना: वरिष्ठ नेता ने छोड़ी कांग्रेस, पार्टी पर लगाया मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप

तेलंगाना के वरिष्ठ कांग्रेस नेता आबिद रसूल खान ने कहा कि यह पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती है, लेकिन इसका आचरण सांप्रदायिक है, वाकई हम अंतर नहीं कर सकते

Updated On: Nov 16, 2018 03:54 PM IST

FP Staff

0
तेलंगाना: वरिष्ठ नेता ने छोड़ी कांग्रेस, पार्टी पर लगाया मुस्लिमों की अनदेखी का आरोप

तेलंगाना में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. सभी पार्टियां चुनाव की तैयारी में व्यस्त हैं. उससे पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. मुस्लिम नेता आबिद रसूल खान ने चुनाव से ठीक पहले पार्टी का साथ छोड़ दिया है. खान ने आरोप लगाया है कि पार्टी को सिर्फ मुस्लिमों का वोट चाहिए. इसीलिए वह टिकट के असली हकदार मुस्लिम नेताओं की अनदेखी कर रही है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को ‘सामाजिक न्याय’ नहीं मिला इसलिए उन्होंने शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी.

राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष खान ने कहा कि कांग्रेस को राज्य के 10 पुराने जिलों में से प्रत्येक में एक-एक विधानसभा सीट पर मुस्लिमों को टिकट देना चाहिए, जहां पार्टी के जीतने की संभावना है. प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से पूछा, ‘क्या वे उतना भी नहीं कर सकते.’

खान ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में जिन चार मुस्लिम उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है उनमें से दो हाल में ही पार्टी में शामिल हुए हैं जबकि एक संगठन का सदस्य भी नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘हम (तेलंगाना के मुस्लिम नेता) बेहद नाखुश हैं. हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी ने बार-बार कहा है कि वह वास्तविक कार्यकर्ताओं का खयाल रखेंगे और वह आखिरी क्षणों में पार्टी में आने वालों को मलाई खाने नहीं देंगे, जबकि चीजें ठीक उसके विपरीत हो रही हैं.’

खान ने कहा कि नलगोंडा, निजामाबाद और खम्मम जैसे कुछ जिला मुख्यालयों में मुस्लिमों की आबादी 30 से 35 फीसदी तक है. उन्होंने कहा कि रेड्डी समुदाय के नेताओें ने खुद को वहां स्थापित कर लिया है और ‘वे किसी भी कीमत पर सीट नहीं छोड़ना चाहते हैं क्योंकि उन्हें मुसलमानों का वोट आसानी से मिल जाता है.’

कांग्रेस का आचरण सांप्रदायिक

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को रेड्डी समुदाय के सदस्यों को दूसरी जगह से लड़ाकर इन सीटों पर मुस्लिमों को टिकट देना चाहिए. खान ने कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व ‘इतना लाचार’ है तो उन्हें वादा करना चाहिए कि सारी मनोनीत एमएलसी सीटें (विधान परिषद सदस्य) मुस्लिमों और ईसाइयों को दी जाएंगी.

उन्होंने कहा, ‘आप हमें मनोनीत सीटें भी नहीं देना चाहते हैं. हमें राजनीतिक अवसर नहीं देना चाहते हैं और आप सिर्फ हमारा वोट चाहते हैं. हमारी पार्टी और बीजेपी में फिर क्या फर्क है.’ उन्होंने कहा, ‘यह पार्टी खुद को धर्मनिरपेक्ष कहती है, लेकिन इसका आचरण सांप्रदायिक है. वाकई हम अंतर नहीं कर सकते.’

खान ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी वाकई कांग्रेस के लिए तेलंगाना जीतना चाहते हैं तो उन्हें बैठकर तत्काल विसंगतियों को दूर करना चाहिए.’ उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कदम नहीं उठाया तो सभी जिलों में पार्टी की खराब हालत होगी. उन्होंने कहा, ‘अगर चीजें ठीक नहीं होती हैं तो जहां तक मेरा सवाल है, मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं.’

कांग्रेस ने तेलंगाना विधानसभा की 119 सीटों के लिए सात दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए अब तक अपने 75 उम्मीदवारों की घोषणा की है. इसमें चार मुसलमान भी हैं.

पार्टी ने सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) से मुकाबला करने के लिए तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी), तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के साथ गठबंधन किया है.

(इनपुट भाषा से)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi