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'मुझे भी पता है बिहार भवन में सूटकेस रख कहां जाते थे नीतीश'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार गुड़गांव से द्वारका गाड़ी बदलते हैं, हमको नहीं मालूम है क्या, बोलना नहीं चाहते हैं

Updated On: Jan 19, 2018 05:54 PM IST

FP Staff

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'मुझे भी पता है बिहार भवन में सूटकेस रख कहां जाते थे नीतीश'

बिहार में सत्ता पक्ष और विपक्ष की लड़ाई नीतीश कुमार बनाम लालू प्रसाद के बजाए नीतीश बनाम तेजस्वी हो चुकी है. शुक्रवार को ही जेडीयू के प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर तेजस्वी यादव की एक लड़की के साथ तस्वीर दिखाकर उन्हें घेरने की कोशिश की थी. और उनपर चरित्रहीन होने का आरोप लगाया था.

वहीं अब बारी थी तेजस्वी यादव की. तेजस्वी ने शिवानंद तिवारी सहित कई अन्य नेताओं के साथ दोपहर बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार छवि कुमार बनने की कोशिश करते हैं. लेकिन उनके इशारे पर उनके नेता एक लड़की का चरित्रहनन कर रहे हैं.

तेजस्वी ने कहा, 'ये जो मेरा फोटो दिखाया गया है, वो उस समय का है जब हम क्रिकेट खेला करते थे. आईपीएल के खिलाड़ी थे, रणजी खेला करते थे. पहली बात ये कि इसमें गलत क्या है. यह कोई नई तस्वीर नहीं है. सब लोग देख चुके हैं. मैं पूछता हूं जब फोटो था तो डिप्टी सीएम क्यों बनाया? लालू जी के पास क्यों गिड़गिड़ाए?'

मोदी, राहुल सभी महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाते हैं, गलत कुछ नहीं 

तेजस्वी के मुताबिक, वह फोटो वाली महिला को पर्सनली नहीं जानते हैं. उन्होंने कहा, 'आईपीएल टीम के साथ रहे, पार्टियों में रहे. मेरे साथ कई क्रिकेटर रहे, विराट कोहली तक थे. सभी खिलाड़ियों की तस्वीर महिलाओं के साथ हैं. क्रिकेटर के साथ फोटो खिंचाने का हर किसी का मन होता है. ऐसे में न तो मेरा चरित्र खराब है, न ही उस महिला का.'

उन्होंने कहा कि मोदी तो सेल्फी खिंचवाने वाले पीएम हैं. हाल ही में राहुल गांधी ने एक महिला के साथ सेल्फी ली, तो क्या उसका चरित्र खराब हो गया?

तेजस्वी यहीं नहीं रुके. नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि रेल मंत्री रहते हुए ट्रेनों का नाम अर्चना और उपासना क्यों किया? वह भी बिना रेलवे बोर्ड की मंजूरी के. हमको नहीं पता उस ट्रेन में नीतीश कुमार कितनी बार चढ़े. हम बोलना नहीं चाहते हैं, लेकिन हम भी जानते हैं कि दिल्ली जाने पर बिहार भवन में बैग रखकर नीतीश कहां निकल जाते हैं. नीतीश कुमार गुड़गांव से द्वारका गाड़ी बदलते हैं, हमको नहीं मालूम है क्या, बोलना नहीं चाहता हूं.

उन्होंने कहा कि हमने जो आरोप लगाए उसका जवाब नहीं दिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण था. नीतीश कुमार जी ने बिहार की राजनीति का स्तर गिरा दिया है. किसी का चरित्रहनन किया जा रहा है. वह बिहार और देश को दिखा रहे हैं कि राजनीति किस रास्ते पर है. यह नकारात्मक पॉलिटिक्स का नतीजा है.

मेरा चरित्रहनन के बजाए घोटालों पर बोलना चाहिए था  

तेजस्वी ने कहा, 'चरित्रहनन के बजाए शौचालय घोटाला, बांध घोटाला, सृजन घोटाला, छात्रवृति घोटाले पर नीतीश कुमार को अपना पक्ष रखना चाहिए था. इन नाकामियों को छिपाने के लिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया. पूर्ण शराबबंदी का नाटक करने के साथ शराब माफियाओं को ड्रॉइंग रूम में बिठाकर सम्मानित कर रहे हैं. ये बैखलाए हुए लोग हैं.'

फोटो में उनके साथ दिख रही लड़की के बारे में तेजस्वी ने कहा, 'हो सकता है उस लड़की की शादी हो गई हो, होनेवाली हो, बच्चे होंगे, आज अगर उसका परिवार ये फोटो देख रहा होगा, उस लड़की और परिवार पर क्या बीत रही होगा. हम मर्द के बच्चे हैं, स्वीकार कर रहे हैं मेरा फोटो है, कहां झूठ बोल रहे हैं. जो झूठ बोल रहे हैं, जवाब नहीं दे रहे हैं वह इस तरह की राजनीति पर उतर गए.'

इन मुद्दों से बिहार का क्या भला होने वाला है. मेरी इस तस्वीर से क्या नुकसान होनेवाला है. सीएम अगर माफियाओं के साथ फोटो खिंचाएंगे इसका नुकसान तो बिहार को झेलना होगा.

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