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Exclusive- रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को गठबंधन में आना ही है: तेजस्वी

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दिल से चाहते हैं कि राम विलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में आ जाएं

Updated On: Jul 27, 2018 01:21 PM IST

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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Exclusive- रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को गठबंधन में आना ही है: तेजस्वी

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दिल से चाहते हैं कि केंद्रीय मंत्री एवं जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष राम विलास पासवान महागठबंधन में आ जाएं. अपने विधानसभा चैंबर में गुरुवार को फ़र्स्टपोस्ट के साथ 30 मिनट की विशेष बातचीत में आरजेडी नेता ने स्पष्ट किया कि उनको नीतीश कुमार में कोई रुचि नहीं है क्योंकि ‘चाचा पीठ में छूरा भोंकते हैं.’ उनके साथ बातचीत का पूरा अंश:

फ़र्स्टपोस्ट: बालिका गृह दुष्कर्म कांड की जांच अब सीबीआई करेगी. सीएम नीतीश कुमार ने आज ही 10 बजे इस मुद्दे पर निर्णय लिया. फिर आपलोग विधानसभा क्यों नहीं चलने दे रहे हैं?

तेजस्वी यादव: हमारी मांग है कि सरकार उस मंत्री को बर्खास्त करें जिनके पति का नाम इस जघन्य कांड में आ रहा है.

फ़र्स्टपोस्ट: एक तरफ आप सीबीआई पर आरोप लगाते रहे हैं कि ये जांच एजेंसी केंद्र सरकार की तोता है. इसने आपके पूरे परिवार को अकारण कई केस में फंसाया है. दूसरी तरफ आप उसी एजेंसी पर विश्वास कर रहे हैं. ये विरोधाभास?

तेजस्वी यादव: और कोई एजेंसी भी तो नहीं है जो जांच करे. राज्य सरकार की पुलिस तो सारे आरोपियों को बचा लेगी क्योंकि सारे के सारे सत्ता पक्ष से अटैच्ड लोग हैं. मेन आरोपी ब्रजेश ठाकुर का नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी दोनों से याराना है. मोदी जी का भी एक खास मंत्री इस कांड में भागीदार है. हमलोग कानून की मदद से प्रयास करेंगे कि इस केस की मॉनिटरिंग हाईकोर्ट करे.

फ़र्स्टपोस्ट: मतलब कि आपको सीबीआई पर विश्वास है?

तेजस्वी यादव: हां इस केस में है. मुझे विश्वास है कि घटना के नेचर को देखते हुए देश की प्रीमियर जांच एजेंसी निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी.

फ़र्स्टपोस्ट: अभी कुछ दिन पहले आपने कहा है कि कांगेस अध्यक्ष राहुल गांधी ही एकमात्र विपक्ष के पीएम कैंडिडेट नहीं हैं. कई और चेहरे भी हैं? ऐसे कुछ चेहरों का नाम बताना आप पसंद करेंगे?

तेजस्वी यादव: हमने ऐसा कभी बयान दिया ही नहीं है. लाइए फुटेज दिखाइए? हमने सिर्फ ये कहा था कि विपक्ष के पीएम उम्मीदवार को सर्व सम्मति से चुनवाने की जिम्मेदारी राहुल गांधी जी की है क्योंकि वो गठबंधन के बड़े पार्टनर हैं.

फ़र्स्टपोस्ट: आपके कहने का मतलब है कि विपक्ष राहुल गांधी को चुनाव से पहले बतौर पीएम कैंडिडेट प्रोजेक्ट नहीं करेगा?

तेजस्वी यादव: मेरे पिता लालू यादव जी 2004 में ही मैडम सोनियां गांधी को पीएम बनाना चाहते थे. पीएम के उम्मीदवार को लेकर गंठबंधन के नेताओं के बीच कोई किचकिच नहीं है. एक बैठक में ये मसला हल हो जाएगा. सबको संविधान बचाने की फिक्र है. सब इस बात को समझ रहे हैं कि अगर नागपुर 2019 का चुनाव जीत गया तो इस देश में फिर कभी चुनाव नहीं होगा. हम लोग इस बात को लेकर चिंतित है कि कैसे देश को बचाया जाए.

फ़र्स्टपोस्ट: आपने राम विलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को गठबंधन में आने का खुला निमंत्रण दिया है. कुछ बात आगे बढ़ी? उन दोनों से आपने बात की?

तेजस्वी यादव (मुस्कुराते हुए): उनलोगों के लिए दरवाजा हमेशा खुला रहेगा. उन दोनों को तो आना ही है. वे लोग जितना सीट चाहते हैं उतना एनडीए थोड़े ही देने वाली है. दोनों नेता भी चाहते हैं कि संविधान का कत्ल न हो. उनकी भी मंशा है कि बीजेपी नेतृत्व के इगो पर लगाम लगाई जाए. उनकी सोच हमलोगों से काफी मेल खाती है.

फ़र्स्टपोस्ट: अभी गठबंधन में कम से कम 10 दल हैं. उन दोनों के आने से घटक दलों की संख्या 12 हो जाएगी. कैसे सीट का बंटवारा करेंगे?

तेजस्वी यादव: हमने घटक दल के सारे नेताओं से बात कर ली है. हाल ही में सीपीआई की डी राजा से भी बातचीत हुई है. कोई दिक्कत नहीं है. विनेबिलिटी आधार है. इसी आधार पर हमलोग मिल-जुलकर सारे कैंडिडेट तय करेंगे. पासवान जी और कुशवाहा जी आंएगे तो हम आराम से उन्हे एडजस्ट कर लेंगे.

फ़र्स्टपोस्ट: कांग्रेस तो 12 सीटें मांग रही है?

तेजस्वी यादव: यह उनकी अधिकारिक मांग नहीं है. सीट के सवाल पर जो भी बात होगी अंदर होगी.

फ़र्स्टपोस्ट: अखबार में खबर छपती रहती है कि आपके परिवार में काफी मारामारी चल रही है?

तेजस्वी यादव: ऐसा छापने में आपलोगों को मानसिक संतुष्टि मिलती है. हमारे परिवार में कहीं कोई गड़बड़ नहीं चल रही है. दूसरी बात कि मैं देश के बारे में ज्यादा सोचता हूं न कि परिवार के बारे में. वैसे मेरी सलाह है कि आपलोगों को दूसरे के घर में ज्यादा ताक-झांक नहीं करनी चाहिए.

फ़र्स्टपोस्ट: कई बार ये न्यूज भी छपी है कि आरजेडी और बीजेपी में भितरिया गठबंधन हो गया है इसीलिए आपके परिवार के खिलाफ चल रही सीबीआई की जांच काफी धीमी हो गई है.

तेजस्वी यादव (हंसते हुए): ये पूरी तरह से गढ़ी गई कहानी है. बीजेपी के साथ मेरा गठबंधन इस जन्म में असंभव ही नहीं नामुमकिन है.

फ़र्स्टपोस्ट: आपने कहा है कि सीएम नीतीश कुमार के लिए गठबंधन का दरवाजा हमेशा के लिए बंद है.

तेजस्वी यादव: नीतीश आएं तो सही और जांए तो भी सही? हमसे पूछकर थोड़े ही भागे हैं और चोर दरवाजा से सरकार बना लिए? नीतीश कुमार के कारण आज नागपुर मजबूत है. न ये महागठबंधन से भागते और न वो मजबुत होता. हां एक शर्त पर मैं उनको गठबंधन में लेने पर विचार कर सकता हूं. अगर वो लोकसभा चुनाव के लिए एक भी सीट की मांग नहीं करें. राम विलास पासवान के प्रति हमारे दिल में इसलिए प्रेम है कि वो पूछकर अलग हुए थे. नीतीश कुमार में मेरी कोई रुचि नहीं हैं क्योंकि चाचा पीठ में छूरा भोंकते हैं.

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