S M L

तेजस्वी की सफाई, तब तो मेरी मूंछें भी नहीं आई थीं....

तेजस्वी यादव ने बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए ठीकरा मीडिया के सिर ही फोड़ने की कोशिश की.

Amitesh Amitesh Updated On: Jul 12, 2017 03:23 PM IST

0
तेजस्वी की सफाई, तब तो मेरी मूंछें भी नहीं आई थीं....

बिहार के डिप्टी सीएम ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है. तेजस्वी यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बीजेपी की साजिश बता दिया है. उन्होंने कहा, मोदी-शाह ने षड्यंत्र के तहत हमें फंसाया है.

तेजस्वी यादव ने बिहार कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए ठीकरा मीडिया के सिर ही फोड़ने की कोशिश की. तेजस्वी ने कहा बीजेपी माइंडेड मीडिया है और बीजेपी के नए गुंडे आ गए हैं मीडिया में उन्हें निराशा हो रही है कि गठबंधन टूट नहीं आ रहा है. इसीलिए उनकी तरफ से ये किया जा रहा है.

जेडीयू की तरफ से तेजस्वी के लिए सख्त संदेश दिया गया था. संदेश था मीडिया के सामने और जनता की अदालत में जाकर अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई दें. संदेश था तथ्य और प्रामाणिकता के साथ सफाई देने का.

लेकिन, जब वो मीडिया में सफाई देने पहुंचे तो सीधे मीडिया के ऊपर ही हमला बोल दिया. उनके ऊपर आरोप भ्रष्टाचार के हैं लेकिन, इस पर कुछ बोलने की बजाए वो सीधे मीडिया को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

tejaswi

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब से हमारे पास सत्ता आई और मैं जब से डिप्टी सीएम बना हूं तब से अबतक कोई गलत काम नहीं किया है. लेकिन, हमारे ऊपर जो आरोप लग रहे हैं वो सभी आरोप काफी पुराने हैं. उस वक्त तो मैं महज 14-15 साल का था. तेजस्वी ने अपने नाबालिग होने की दलील देते हुए कहा कि भला एक बच्चा कैसे गलती कर सकता है.

तेजस्वी की ये दलील एक भावनात्मक दलील है जिसमें वो अपने पार्टी कैडर्स के बीच अपने आप को पाक-साफ बता रहे हैं. तेजस्वी ने यहां तक कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगे हैं उस वक्त तो हमारी मूंछें भी नहीं आई थीं.

तेजस्वी ने अपनी सफाई में कहा कि हमने 28 साल की उम्र में इतना काम कर दिया है कि लोगों को इस बात का अंदाजा तक नहीं है. तेजस्वी की दलील उनकी तरफ से दी गई सफाई कम लग रही थी, बल्कि अपनी पार्टी कैडर्स और अपने कोर-वोटर्स के लिए संदेश ज्यादा लग रहा था.

अपने पिता लालू यादव की तरह ही तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से पिछड़ा कार्ड खेला. सीबीआई की कारवाई को अपने पिछड़े होने से जोड़कर ये दिखाने की कोशिश भी की कि, कैसे उनके पिछड़े वर्ग से होने के चलते परेशान किया जा रहा है.

Tejaswi Yadav

तेज प्रताप अपनी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के अधिक करीब हैं (फोटो: फेसबुक से साभार)

तेजस्वी का गोल-मोल जवाब तथ्यों से परे था. ना ही उन्होंने एक शब्द रेलवे टेंडर में गड़बड़ी के ऊपर ही बोला और ना ही टेंडर के बदले लारा प्रोजेक्ट को जमीन दिए जाने के मामले पर ही कुछ बोला. लारा प्रोजेक्ट को मिली जमीन पर ही इस वक्त पटना में बड़ा मॉल बन रहा है.

तेजस्वी यादव खुद लारा प्रोजेक्ट कंपनी के डायरेक्टर भी हैं जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है. लेकिन, इस पूरे गड़बड़ झाले और कंपनी में बतौर डायरेक्टर अपनी भूमिका और पटना के इस बड़े मॉल की जमीन के बारे में तेजस्वी कन्नी काट गए.

तेजस्वी शायद भूल गए कि अब वो बच्चे नहीं रहे. अब बालिग हैं. बिहार के डिप्टी सीएम भी हैं. यहां भी तेजस्वी चूक गए. तेजस्वी यादव अपने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उन सवालों का जवाब नहीं दे पाए जो उनसे पूछा गया थे.

उन्होंने जनता के बीच जाने की बात भी कही, लेकिन जनता के सामने तथ्यों और प्रामाणिकता के साथ सफाई देने से बचते नजर आए. तेजस्वी की सफाई और उनके तेवर से साफ है कि किसी भी कीमत पर वो अपनी गलती मानने वाले नहीं हैं, ना ही अभी इस्तीफे का ही कोई सवाल है.

इसके पहले पटना में आरजेडी नेताओं की तरफ से भी इस तरह के बयान लगातार आते रहे हैं जिसमें तेजस्वी यादव का बचाव किया गया है. तेजस्वी भी और आरजेडी के दूसरे नेता भी गठबंधन अटूट होने की बात कह रहे हैं. लेकिन नीतीश के सवालों पर इनकी चुप्पी गठबंधन के भविष्य को लेकर अच्छे संकेत नहीं दे रही है.

जेडीयू ने पहले ही साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समझौता नहीं किया जाएगा. जेडीयू महासचिव संजय झा ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत के दौरान यहां तक कह दिया कि भले ही सरकार चले या ना चले हम मूल्यों के साथ समझौता नहीं करेंगे.

nitish-lalu-tejaswi

तस्वीर: तेजस्वी यादव के फेसबुक वाल से साभार

जेडीयू की तरफ से तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई ने रेलवे टेंडर घोटाले में जब से केस दर्ज किया है, तभी से जेडीयू नेताओं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले चुप्पी साध रखी थी. लेकिन जब चुप्पी तोड़ी तो सीधे सफाई मांगी गई और वो तथ्य और प्रामाणिकता के साथ.

लेकिन तथ्य और प्राणाणिकता के बजाए अब भावनात्मक जवाब से अपने ऊपर लगे आरोपों से पल्ला झाड़ने की कोशिश हो रही है. अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाले नीतीश कुमार अपने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के भावनात्मक जवाब से संतुष्ट हो जाएंगे, इसकी उम्मीद बेहद कम है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi