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मीसा भारती ने अपने 'डॉक्टरी माइंड' से जीजा-साले के रिश्तों में फूंकी जान और घोल दी मिठास

लालू और उनके सालों के बीच का नाजुक रिश्ता टूटकर-फूटकर ऐसे कोण पर पहुंच चुका था कि एक दूसरे को मुसीबत में घिरा देखकर खुशियां मनाई जानें लगी थी.

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari Updated On: May 08, 2018 10:13 AM IST

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मीसा भारती ने अपने 'डॉक्टरी माइंड' से जीजा-साले के रिश्तों में फूंकी जान और घोल दी मिठास

लालू प्रसाद यादव के ‘विवादास्पद’ साले खुशी में सारंगी और करताल बजा रहे हैं. मीसा भारती अपने भाई तेज प्रताप की शादी का न्योता लेकर खुद मामा के घर पहुंचीं. राबड़ी देवी के बड़े भाई प्रभुनाथ यादव बेहद खुश हैं. उन्होंने इतराते हुए कहा, 'मेरी तो खुशी का पार ही नहीं है. क्योंकि मुझे तो उम्मीद ही नहीं थी कि अब जीजा जी के घर से कभी न्योता आएगा.'

लालू प्रसाद यादव के तीन साले हैं. प्रभुनाथ यादव, अनिरूद्ध प्रसाद उर्फ साधु यादव और सुभाष प्रसाद यादव. मीसा भारती ने अपने तीनों मामा को खुद जाकर न्योता दिया. उन्होंने यह भी कहा, 'जो बीत गया सो बीत गया. बेहतर है कि बुरी चीजों को भुलाकर आगे निकलें.'

Patna: Rashtriya Janata Dal (RJD) chief Lalu Prasad Yadav's elder son Tej Pratap Yadav with fiancee Aishwarya Rai granddaughter of former Bihar chief minister Daroga Prasad Rai during their engagement function in Patna on Wednesday. Tej Pratap's mother and former Bihar CM Rabri Devi, sister Misa Bharti and brother Tejashwi Yadav are also seen. PTI Photo(PTI4_18_2018_000078B)

शादी के न्योते ने भरी रिश्तों की दरार

कहने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि तेज प्रताप यादव की शादी से अगर किसी को ‘अनंत फल’ मिला है तो वे राबड़ी देबी के तीनों भाई ही हैं. लगभग पिछले एक दशक से लालू प्रसाद यादव की अपने तीनों सालों से बातचीत पूरी तरह बंद थी. आरजेडी सुप्रीमो ने अपने घर पर इन लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी थी. दोनों के बीच मनमुटाव इतना बढ़ गया था कि दोनों एक दूसरे के खिलाफ अनाप शनाप बयान देते रहते थे. लालू की 15 साल की सरकार के दौरान राबड़ी के भाइयों पर तरह-तरह के आरोप लगते रहते थे. वैसे तीनों ने हमेशा ही सभी आरोपों का खंडन किया है.

लालू प्रसाद यादव और उनके सलाहकारों का ये मानना है कि तीनों सालों के कारनामों के कारण ही साल 2005 में लालू की सरकार गई. आरजेडी अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री ने कहा था, ‘मैंने अपने तीनों सालों को ठीक से समझने में भारी भूल की है जिसका खामियाजा मैं भुगत रहा हूं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि मैंने उन लोगों के लिए अपना दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर लिया है.'

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शादी में अहम रस्म अदा करेंगे मामा 

बिहार में बेटे-बेटियों की शादी में भाई ही इमली घोटाई की रस्म निभाता है. लालू प्रसाद यादव अपने सालों से इतने नाराज रहते थे कि उन्होंने अपनी पांच बेटियों की शादी में तीनों को इस रस्म के लिए भी नहीं बुलाया. यहां तक कि राबड़ी देवी भी अपने भाइयों से नफरत करने लगी थीं. उन्होनें कई अवसरों पर अपने भाइयों के प्रति नाराजगी और नफरत को उजागर किया.

कभी थे अच्छे रिश्ते

जीजा-साले में रिश्ते शुरू में मधुर थे. 1995 में बिहार के सीएम लालू प्रसाद यादव से पत्रकारों ने पूछा, ‘साधु यादव को विधान परिषद में भेज रहे हैं? खैनी थूकते हुए लालू का जबाब ‘का करें साधु मेरा खास साला है. मैडम राबड़ी देवी ने धमकी दी है कि अगर मैंने उनके दुलरुआ भाई को विधान परिषद का सदस्य नहीं बनाया तो वो मेरे लिए बैंगन का चोखा बनाना बंद कर देगीं.'

Indian Railway Minister Lalu Prasad Yadav and Bollywood actress Masumi Makhija seen during filming in Patna. Indian Railway Minister Lalu Prasad Yadav (R) and Bollywood actress Masumi Makhija (L) are seen during the filming of " Padmashri Lalu Prasad Yadav " in the eastern Indian town of Patna September 25, 2004. Railway Minister Lalu Prasad Yadav's shot lasted three to four minutes at the sprawling official residence of his chief minister wife, Rabri Devi. REUTERS/Ravi S Sahani - RP5DRIAGBAAB

लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देबी ने साल 1990 से लेकर साल 2005 तक बिहार में राजा-रानी की तरह राज किया. इस दौर में ताकत प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और सुभाष प्रसाद यादव के इर्द-गिर्द ही घूमती थी. आईएएस और आईपीएस ऑफिसर मलाईदार पोस्टिंग के लिए इनके आलिशान सरकारी महलों में दरबार लगाते थे. प्रभुनाथ यादव पशुपालन विभाग के चाईबासा ऑफिस में चपरासी के पद पर थे लेकिन रहते पटना में ही थे.

साधू यादव 2000 में विधायक और 2004 में गोपालगंज लोकसभा से सांसद बने. 2009 गोपालगंज रिजर्व सीट हो गई. साधू यादव पश्चिम चंपारण सीट से राजद उम्मीदवार बनना चाहते थे. लेकिन टिकट नहीं मिलने पर विद्रोह कर दिया और अपने जीजा को भला बुरा कहते हुए कांग्रेस का दामन थाम लिया. तब लालू प्रसाद ने अपने आवास का दरवाजा साधु के लिए बंद करने से पहले पत्रकारों से कहा ‘‘ लंगड़ा बिलार, करे घरे में शिकार. साधु यादव मिट्टी का घोड़ा है’’

लालू यादव अपने कुनबे के साथ

जब लालू प्रसाद यादव साल 1990 में सीएम बने तो सुभाष प्रसाद यादव को सेवा के लिए अपने पास रख लिया. इनका  काम जीजा साहब को खैनी बनाकर खिलाना था. राबड़ी देबी की रूसा-फुली नाटक के बाद सीएम ने साले को विधानसभा में क्लर्क के पद पर नियुक्त करवा दिया. हाईकोर्ट से नियुक्ति रद्द कर दी गई तो लालू प्रसाद ने दो बार सुभाष को राज्यसभा का सदस्य बनाया. जब तीसरी बार मौका नही मिला तो नीतीश कुमार की 'हेल्प' करने लगे.

पिछले 8 वर्षों तक एक दूसरे के परिवार के बीच आवाजाही, देखा-देखी, बोला-चाली, नेवता-हकारी सब क्लोज हो गया था. लालू और उनके सालों के बीच का  नाजुक रिश्ता टूटकर-फूटकर ऐसे कोण पर पहुंच चुका था कि एक दूसरे को मुसीबत में घिरा  देखकर खुशियां तक मनाई जानें लगी थी.

लेकिन अब मीसा भारती ने अपने डाक्टरी माइंड से सब ठीक कर दिया है. रिश्तों की खटास को दोबारा मिठास में बदल दिया है. फुदकते हुए प्रभुनाथ यादव ने कहा ‘‘11 मई को अपने प्यारे भगीना तेज प्रताप यादव को हल्दी छुआई और 12 मई को इमली घोटाई का रस्म पूरा करेंगे’’.

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