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भगवान शंकर का रूप रखकर संसद पहुंचे ये सांसद, आंध्र प्रदेश के लिए मांगा विशेष दर्जा

आंध्र प्रदेश के चित्तूर से टीडीपी सांसद एन शिवप्रसाद प्रोफेशन से एक डॉक्टर हैं

Updated On: Dec 28, 2018 02:27 PM IST

FP Staff

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भगवान शंकर का रूप रखकर संसद पहुंचे ये सांसद, आंध्र प्रदेश के लिए मांगा विशेष दर्जा

आंध्र प्रदेश के लिए स्पेशल राज्य के दर्जे की मांग को लेकर टीडीपी सांसद नरामली शिवप्रसाद ने शुक्रवार को संसद में प्रदर्शन किया. इस दौरान वह भगवान शंकर के रूप में नजर आए. यह पहली बार नहीं है जब नरामली ने इस तरह प्रदर्शन किया हो. इससे पहले भी वह कई दिलचस्प किरदारों की ड्रेस में नजर आ चुके हैं.

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद एन शिवप्रसाद पिछले काफी समय से इस तरह संसद में विरोध कर रहे हैं. इससे पहले वह महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने भगवान परशुराम की वेश में नजर आए थे. वह एक दिन राजा हरिश्चंद्र बनकर संसद पहुंचे थे. उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि हरिश्चंद्र भी वाराणसी से थे और मोदी भी. हरिश्चंद्र अपने किए गए वादों को पूरा करते थे लेकिन मोदी नहीं करते.

शिवप्रसाद स्कूल छात्र बनकर भी संसद जा चुके हैं. उन्होंने शॉर्ट्स पहन रखे थे और हाथ में पेंसिल और नोटबुक लिए स्कूली बच्चों की तरह संसद में दाखिल हुए थे. उनके इस वेश के बारे में जब पूछा गया तो शिव प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी क्लास के अच्छे बच्चे नहीं रहे हैं.

शिवप्रसाद महिला की वेशभूषा में संसद पहुंच कर अपना विरोध जता चुके हैं. महिला के वेश में संसद पहुंचकर उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश की महिलाओं को धोखा दिया है.

मार्च के शुरुआती दिनों में शिवप्रसाद भगवान कृष्ण के वेश में संसद पहुंचे थे. बांसुरी बजाते हुए उन्होंने 'कौरवों' और 'पांडवों' के बीच सबकुछ समान्य करने की कोशिश की थी. एक दिन तो उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी देने के लिए भगवान वेंकटेश्वर का रूप धारण कर लिया. इस माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार यह बताने की कोशिश कि अगर हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो इसका अंजाम क्या होगा. शिवप्रसाद संसद में पुजारी बन कर भी जा चुके हैं.

कौन हैं एन शिवप्रसाद

आंध्र प्रदेश के चित्तूर से टीडीपी सांसद एन शिवप्रसाद प्रोफेशन से एक डॉक्टर हैं. राजनीति में आने से पहले वो दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम करते थे. शिवप्रसाद ने बेस्ट एक्टर इन निगेटिव रोल का खिताब भी एक बार जीता था. फिल्मी दुनिया को छोड़कर शिवप्रसाद ने 1999 में राजनीति में कदम रखा और तब की चंद्रबाबू नायडू सरकार में मंत्री बने.

2009 में उन्हें टीडीपी ने चित्तूर से उन्हें अपना लोकसभा उम्मीदवार बनाया और वो जीतने में कामयाब रहे. तब से वो चित्तूर के सांसद हैं. ऐसा नहीं है कि यह पहली बार हो रहा है जब एन शिव प्रसाद अलग-अलग रूप धारण कर संसद पहुंच रहे हो. इससे पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बंटवारे के समय भी उन्होंने ऐसा किया था.

क्या है टीडीपी की मांग

आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार की मांग है कि राज्य के बंटवारे के समय जो वादे किए गए थे उन्हें पूरा किया जाए. साथ ही साथ राज्य को स्पेशल स्टेटस का दर्जा भी दिया जाए. टीडीपी की मांग है कि केंद्र पोलावरम परियोजना के लिए 58,000 करोड़ रुपए का फंड जारी करे. अमरावती के विकास के लिए केंद्रीय बजट में पर्याप्त राशि सुनिश्चित करने की जाए. साथ ही राज्य विधानसभा की सीटें 175 से बढ़ाकर 225 की जाए.

सरकार पर दवाब बनाने के लिए केंद्र में टीडीपी के मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था और बाद में चंद्रबाबू की पार्टी टीडीपी एनडीए गठबंधन से भी अलग हो गई थी.

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