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आंध्र प्रदेश के वादे को शायद गंगा में प्रवाहित कर दिया गया: टीडीपी

टीडीपी सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री वाराणसी के पवित्र स्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन लगता है कि आंध्र के विषय को शायद गंगा में प्रवाहित कर दिया है

Bhasha Updated On: Jul 25, 2018 04:22 PM IST

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आंध्र प्रदेश के वादे को शायद गंगा में प्रवाहित कर दिया गया: टीडीपी

लोकसभा में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के एक सदस्य ने आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस बारे में किए गए वादे को शायद उन्होंने गंगा में प्रवाहित कर दिया है.

टीडीपी के थोटा नरसिम्हन ने शून्यकाल के दौरान इस विषय को उठाते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने राजनीतिक भाषण दिया और आंध्र के लोगों की मांग पर जवाब नहीं दिया.

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि राज्य के कल्याण के लिये क्या क्या किया गया और इस बारे में आरोप राजनीति से प्रेरित हैं. उन्होंने जोर दिया कि भारत सरकार आंध्र प्रदेश के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है.

इससे पहले, टीडीपी सदस्य ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि हमने आंध्र प्रदेश के मुद्दे पर अविश्वास प्रस्ताव दिया था. हम रोज इस मुद्दे को उठा रहे हैं लेकिन इस दिशा में सरकार मांग नहीं मान रही है. 14वें वित्त आयोग की सिफारिश एवं अन्य विषयों का बहाना बनाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की जनता इससे गुस्से में है. आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए . इस मुद्दे पर केंद्र द्वारा आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है.

आंध्र के विषय को शायद गंगा में प्रवाहित कर दिया गया है

नरसिम्हन ने कहा कि इस बारे में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री ने मांग पर जवाब नहीं दिया. यहां लोगों को लग रहा है कि आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वाराणसी के पवित्र स्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन लगता है कि इस विषय को शायद गंगा में प्रवाहित कर दिया. टीडीपी सदस्य ने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए.

इससे पहले, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जे की मांग कर रहे टीडीपी के सदस्यों ने लोकसभा में नारेबाजी की. सदन में प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही टीडीपी के सदस्य पिछले कुछ दिनों की तरह बुधवार को भी अपनी मांगों वाली तख्तियां लेकर अपने स्थान पर खड़ हो गए. उन्होंने ‘वी वांट जस्टिस’ और ‘वी डिमांड जस्टिस’ की नारेबाजी की.

रेल मंत्री पीयूष गोयल जब सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे तो टीडीपी सदस्यों ने ‘वी वांट रेलवे जोन’ के भी नारे लगाए. इस पर गोयल ने कहा कि वह टीडीपी सदस्यों की मांग पर कुछ बोलना चाहते हैं, हालांकि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन इसकी अनुमति नहीं दी . संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सुबह में टीडीपी सदस्यों ने संसद भवन के मुख्य द्वार के समीप धरना प्रदर्शन किया.

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