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कुलभूषण जाधव मामले में सुषमा का बयान : खोल दिया पाकिस्तान का कच्चा चिठ्ठा     

विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के इस नापाक रवैये को कुलभूषण जाधव के परिवार के मानवाधिकारों का उल्लंघन बताकर पूरी दुनिया के सामने सच्चाई को सामने लाने की कोशिश की है

Updated On: Dec 28, 2017 03:10 PM IST

Amitesh Amitesh
विशेष संवाददाता, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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कुलभूषण जाधव मामले में सुषमा का बयान : खोल दिया पाकिस्तान का कच्चा चिठ्ठा     

संसद के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर भी किसी ना किसी तरह का विरोध अमूमन दिख ही जाता है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान होती रहती है, आरोप-प्रत्यारोप भी होता रहता है, लेकिन, कुलभूषण जाधव मामले में संसद में जिस तरह से सभी दलों ने एक सुर में सरकार का साथ दिया वो संसद के साथ-साथ पूरे देश की भावना को दर्शाने वाला है.

भारतीय राजनयिक कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान में जिस तरीके से बर्ताव किया गया उसको लेकर देश का हर नागरिक आग-बबूला है. पूरा देश कुलभूषण और उनके परिवार के साथ खड़ा है. संसद में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के दोनों सदनों में इस मामले में बयान देकर पूरे देश और दुनिया के सामने पाकिस्तान की कारगुजारियों का पर्दाफाश कर दिया. इस दौरान सत्ता पक्ष के साथ-साथ विरोधी पक्ष के लोगों ने भी विदेश मंत्री के बयान का स्वागत करते हुए उसके एक-एक शब्द के साथ हामी भरी.

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भारतीय राजनयिक कुलभूषण जाधव को जिस तरीके से पाकिस्तान में फर्जी आरोपों में फांसी की सजा दी गई है उसके बाद भारत पहले से ही इस मसले पर पाकिस्तान के प्रोपेगंडा का पर्दाफाश करने में लगा था. अन्तरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत ने इस मसले को उठाकर कुलभूषण को फांसी के फैसले पर अस्थायी रोक भी लगाने में सफलता हासिल कर ली है. अब लड़ाई स्थायी राहत को लेकर हो रही है.

kulbhushan jadhav

कुलभूषण जाधव मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान की काली करतूतों को उजागर कर दिया. झूठ के पुलिंदे पर पूरी दुनिया में अपने मानवीय होने का स्वांग रचने वाले पाकिस्तान के चेहरे से उस वक्त नकाब उतर गया जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में पाकिस्तान के रवैये पर प्रहार किया.

सुषमा स्वराज ने पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में पूरे विस्तार से इस मामले में अपनी बात रखते हुए कहा कि जब कुलभूषण जाधव को गलत तरीके से पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी तो उस वक्त हमने संसद को हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिया था.

उस वक्त को याद करते हुए सुषमा ने कहा कि हमने अन्तरराष्ट्रीय कोर्ट यानी आईसीजे में जाकर इस मामले को उठाया था, नतीजा सामने है. कुलभूषण जाधव को अस्थायी तौर पर राहत मिल गई है लेकिन, स्थायी राहत को लेकर हमारा प्रयास जारी है.

पाकिस्तान का प्रोपंगंडा

उन्होंने सदन के भीतर बताया कि सरकार के निरंतर प्रयास के चलते ही कुलभूषण जाधव के परिवार के लोगों की मुलाकात उनसे संभव हो पाई है. लेकिन, जिस भावना से हमने पाकिस्तान के साथ मिलकर कुलभूषण की मां और पत्नी को पाकिस्तान भेजा था, उन भावनाओं और संभावनाओं पर पाकिस्तान के रवैये ने कुठाराघात कर दिया.

सुषमा स्वराज का कहना था कि यह मुलाकात आगे की दिशा में बढ़ने वाली एक बेहतर मुलाकात हो सकती थी. लेकिन, इस भाव भरी भेंट को पाकिस्तान ने प्रोपेगंडा के तौर पर इस्तेमाल कर दिया.

Sushma Swaraj @ UN

सुषमा स्वराज ने सिलसिलेवार ढंग से पाकिस्तान की पोल खोल कर रख दिया. सुषमा का कहना था कि हमारे बीच स्पष्ट समझौता था कि किसी मीडिया को आने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन, इस समझौते का उल्लंघन कर पाकिस्तानी मीडिया को कुलभूषण के परिवार वालों के पास आने का मौका दिया गया. वहां की मीडिया ने कुलभूषण की मां और पत्नी को ताने दिए.

इसके अलावा सुरक्षा के नाम पर उनकी मां और पत्नी के कपड़े बदलवाने को लेकर सुषमा स्वराज ने खरी-खोटी सुनाई. संसद में बोलते हुए सुषमा ने कहा कि उनकी मां और पत्नी का कपड़ा बदलवा दिया गया, जूती उतारवा दी गई. यहां तक कि सुहागिन के गले में रहने वाला मंगल- सूत्र के साथ-साथ चूड़ी और बिंदी भी उतारवा दी गई.

सुषमा का कहना था कि मां के गले में मंगल-सूत्र न देखकर कुलभूषण को अशुभ होने का शक हुआ और सबसे पहले मां से यही पूछा कि बाबा कैसे हैं. मानवीय संवेदना को तार-तार करने वाले पाकिस्तान के इस काले कारनामे पर उनका गुस्सा साफ झलक रहा था.

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सुषमा ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि पाकिस्तान में उन्हें मराठी में बात तक नहीं करने दिया गया. बल्कि इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनका इंटरकॉम तक बंद कर दिया.

यहां तक कि भारत के डिप्टी कमिशनर के साथ नहीं बल्कि पीछे से चुपके से इन दोनों को ले गए जहां उनके कपड़े उतरवाकर अंदर जाने दिया गया. वरना भारत के अधिकारी इस बात पर अपना विरोध वहीं जताते और मना भी करते.

कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी को मुलाकात के बाद वहां जाने के वक्त जिस तरीके से जान-बूझकर रोका गया और उनकी कार आने में देरी की गई, वो भी पाकिस्तान की सोंची-समझी बदनीयती का नमूना था. कोशिश थी कि पाकिस्तान की मीडिया जान-बूझकर उन्हें वहां परेशान कर सके.

भारत में नाराजगी पाकिस्तान के उस झूठ को लेकर भी है जिसमें कुलभूषण की मां और पत्नी के जूते उतारवाने के बाद  पाकिस्तान की तरफ से कभी कहा जा रहा है कि इसमें कोई चिप लगा था, कभी कहा जा रहा है कि इसमें कोई रिकॉर्डर था या फिर कोई कैमरा था.

विदेश मंत्री ने सदन को बताया कि अगर ऐसा होता तो भारत से दुबई जाने या फिर दुबई से इस्लामाबाद जाने के वक्त चेकिंग में ही इसका पता चल जाता. खासतौर से दुबई से इस्लामाबाद चलने वाली एमिरात की फ्लाइट में तो पता चल जाता.

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पाकिस्तान को घेरते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि कुलभूषण की मां और पत्नी ने बताया है कि वो काफी तनाव और काफी दबाव में दिख रहे थे. वो खुलकर अपनी बात भी नहीं रख रहे थे,बल्कि वही बोल रहे थे जो उन्हें सीखा कर बोला गया था.

सुषमा ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की तरफ से मानवता और सद्भाव गायब था. उन्होंने पाकिस्तान के इस नापाक रवैये को कुलभूषण जाधव के परिवार के मानवाधिकारों का उल्लंघन बताकर पूरी दुनिया के सामने सच्चाई को सामने लाने की कोशिश की है. इस कोशिश में संसद के भीतर सभी दलों की सहमति औऱ सुषमा के एक-एक शब्दों के समर्थन में दिया गया बयान इस बात को दिखाने के लिए काफी है कि किसी भी सूरत में पाकिस्तान को बच निकलने नहीं दिया जाएगा.

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