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'सुरक्षा वजहों से शादी का वेन्यू बदला न कि तेज प्रताप के डर से'

डिप्टी सीएम सुशील मोदी का यह बयान हर लिहाज से राजनीतिक स्टेटमेंट है. राजनीतिक फायदे को सामने रखकर दिए गए इस बयान का लाभ उन्हें मिल भी रहा है

Kanhaiya Bhelari Kanhaiya Bhelari Updated On: Nov 27, 2017 12:23 PM IST

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'सुरक्षा वजहों से शादी का वेन्यू बदला न कि तेज प्रताप के डर से'

कुछ साल पहले किसी विषय पर संसद में बहस चल रही थी. बतौर रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव बोल रहे थे. तब के उनके घोर विरोधी शरद यादव बीच में तपाक से बोल पड़े, ‘हर बात में राजनीति नहीं करनी चाहिए’. इसका आरजेडी सुप्रीमो ने अपने अंदाज में जवाब दिया, ‘माननीय शरद यादव जी, मैं राजनीतिज्ञ हूं तो राजनीति ही करूंगा, न कि रामचरित मानस का पाठ.’

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का बयान पढ़कर अचानक से यह प्रसंग याद आ गया. मोदी ने मीडिया को बताया कि हंगामा के डर से बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी की वेन्यू को बदल रहा हूं. सुशील कुमार मोदी ने कहा, '3 दिसंबर को शादी राजेंद्र नगर के शाखा मैदान में होना था. लेकिन अब वेटनरी कॉलेज मैदान में इसे संपन्न किया जाएगा.’

सुशील कुमार मोदी कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति के दौरान लालू यादव के जेनेरल सेक्रेटरी हुआ करते थे. मोदी खांटी आरएसएस बैकग्राउंड के परिपक्व नेता हैं. विद्यार्थी परिषद के साथ इनका चोली-दामन का नाता रहा है. वो गर्व से कहते भी रहते हैं, ‘मैं पूर्णकालिक पॉलिटीशियन हूं. एक होलटाइमर तो कभी रामचरित मानस का पाठ करेगा नहीं?'

Lalu Yadav-Sushil Modi

लालू प्रसाद यादव-सुशील कुमार मोदी

राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर दिए गए बयान का लाभ उन्हें मिल रहा है

गौर करें तो पता चलता है कि हर लिहाज से डिप्टी सीएम का यह बयान राजनीतिक स्टेटमेंट है. राजनीतिक फायदे को सामने रखकर दिए गए इस बयान का लाभ उन्हें मिल भी रहा है. लाभ लेने पर कोई बंदिश भी नहीं है. हमारे देश में लाशों पर भी राजनीति करने का पुराना रिवाज है. सुशील मोदी लाश को राजनीति की परिधि से बाहर रखते हैं.

बेटे के शादी समारोह की वेन्यू बदले जाने के पीछे मुख्य रूप से दो कारण हैं. पहला, पटना के राजेंद्र नगर का शाखा मैदान आकार में छोटा है. किसी भी सूरत में वो जुटने वाले अतिथियों को अपने में एडजस्ट नहीं कर सकता है. मोदी के खास लोग बताते हैं कि कम से कम 5 हजार मेहमान शादी समारोह में शिरकत करेंगे. बिना दहेज लिए होने वाली इस शादी में न तो भोजन और न ही नाश्ते का प्रबंध है. प्रत्येक आने वाले को एक बंद डिब्बे में प्रसाद स्वरूप 4 लड्डू मिलेंगे. यहीं ग्रहण कीजिए या घर ले जाइए यह उनकी मर्जी पर निर्भर है.

शादी समारोह स्थल बदलने का दूसरा और सबसे अहम कारण सुरक्षा को लेकर है. हर दृष्टिकोण से शाखा मैदान असुरक्षित है. घनी आबादी के बीच में होने की वजह से आगंतुकों की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन परेशान था. कन्फर्म सूचना के अनुसार लगभग 7 प्रदेशों के राज्यपाल,10 राज्यों के मुख्यमंत्री और कम से कम दो दर्जन केंद्रीय मंत्री डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बड़े बेटे की शादी में हिस्सा लेने के लिए पटना आने वाले हैं. तीन राज्यों के राज्यपालों और 6 केंद्रीय मंत्रियों ने आने के लिए अपनी सहमति भी भेज दी है. हांलांकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने को लेकर अभी तक संशय की स्थिति बनी हुई है. 28 नवंबर तक इसकी स्थिति साफ हो जाएगी.

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लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपने विवादास्पद बयानों को लेकर अक्सर चर्चाओं में रहते हैं

वेन्यू चेंज करने को लेकर 19 नवंबर से माथापच्ची चल रही थी

एक भरोसेमंद सूत्र का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े आला अधिकारियों की सलाह पर मोदी ने गंभीरता से विचार करते हुये वेन्यू को बदलने का मन बनाया है. एक अधिकारी ने बताया कि ‘इट वॉज वेरी डिफिकल्ट फॉर अस टू कंट्रोल द क्राउड. हम लोगों ने अनुमान लगाया है कि कम से कम 3 हजार गाड़ियां जुटेंगी जो मेहमानों और वीआईपी की सेवा में शटलिंग करती रहेंगी’. सुरक्षा से जुड़े लोग बताते हैं कि वेन्यू चेंज करने को लेकर 19 नवंबर से ही माथापच्ची चल रही थी.

इसी बीच, 22 नवंबर को बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का दिया विस्फोटक बयान का वीडियो वायरल हो गया. वाचाल स्वभाव के तेज प्रताप ने घोषणा की है कि वो मोदी के बेटे की शादी समारोह में घुसकर हंगामा करेंगे. वैसे लालू यादव ने मोदी को बेफिक्र होकर शादी करने की सलाह दी है. कयास है कि लालू यादव भी इस शादी में शरीक होंगे. ऐसा सुनने में आया है कि आरजेडी अध्यक्ष ने अपने यहां बैठकी जमाने वालों से कहा कि ‘मोदी को तेज प्रताप यादव की धमकी को सीरियसली नहीं लेना चाहिए क्योंकि वो सिर्फ गरजता है, बरसता नहीं.'

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परंतु सुशील कुमार मोदी भी तो टेस्टेड पॉलिटीशियन हैं. वो जानते हैं कि 'ट्रबुल्ड वॉटर' में भी राजनीतिक लाभ के लिए कैसे फीशिंग की जाती है. बयान से मोदी को राजनीतिक फायदा हुआ है. देश भर में यह मैसेज गया है कि लालू यादव के कुनबे के लोग मोदी को इसलिए परेशान कर रहे हैं क्योंकि डिप्टी सीएम लगातार लालू फैमिली के भ्रष्टाचार के खिलाफ मुक्कमल लड़ाई लड़ रहे हैं.

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सुशील मोदी ने लालू यादव और उनके परिवार के भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है

एक हुंकार पर सब बिना डर-भय के अटैक कर उत्पात मचाना शुरू कर देंगे

बहरहाल, लोग-बाग डिप्टी सीएम से यह भी जानना चाहते हैं कि बदला हुया वेन्यू कैसे महफूज होगा? वेटनरी कॉलेज मैदान तो लालू यादव के पॉकेट में अब भी है. लालू यादव का विस्तारित परिवार, जिनके लगभग 35 सदस्य हैं, वेटनरी कॉलेज के इर्द-गिर्द ही अपना खोली, चाल और खटाल बनाए हुए हैं. तेज प्रताप यादव के एक हुंकार पर सब के सब शादी समारोह पर बिना डर-भय के अटैक कर उत्पात मचाना शुरू कर देंगे.

विवाह समारोह की वेन्यू बदलने से सबसे ज्यादा खुश सुरक्षा ऐजेंसियों से जुड़े अधिकारी हैं. बदला हुआ स्थल पटना एयरपोर्ट के पास है और बहुत विशाल है. अगर 10 हजार लोग भी यहां इक्टठा होते हैं तो उन्हें मैनेज करने में कोई परेशानी नहीं होगी.

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