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लालू गरीबों के मसीहा नहीं, बिहार के सबसे बड़े जमींदार हैं: मोदी

सुशील मोदी ने कहा, ‘सवाल है कि कौन लाखों की जमीन खरीदकर उसे किसी को कौड़ियों के भाव लीज पर दे देगा? साफ तौर पर आरजेडी सुप्रीमो ने जमीन खरीदने के लिए अपना काला धन भेजा

Updated On: Jul 01, 2018 11:29 AM IST

FP Staff

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लालू गरीबों के मसीहा नहीं, बिहार के सबसे बड़े जमींदार हैं: मोदी

बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के परिवार के खिलाफ जमीन के अनियमित लेन-देन के ताजा आरोप लगाए और दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री राज्य के ‘सबसे बड़े जमींदार’ साबित हो रहे हैं.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता मोदी ने शनिवार को पटना में आरोप लगाया कि बिहार में जब आरजेडी का शासन था, उस वक्त प्रसाद ने कई बैनामा के जरिए पटना के पास करीब 2.5 एकड़ की शानदार जमीन खरीदी थी.

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ साल पहले उस जमीन का पट्टा प्रसाद के छोटे बेटे और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नाम कर दिया गया. यह ‘91 साल की अवधि’ के लिए किया गया जिस दौरान उस व्यक्ति को सालाना महज 20,000 रुपए की रकम अदा करनी होगी जिसके नाम पर लीज है.

ढाई एकड़ जमीन की संदिग्ध खरीदारी

हाल के महीनों में लालू प्रसाद के परिवार पर कई ऐसे आरोप लगा चुके मोदी ने कहा, ‘1990 और 2005 के बीच, जिसे बिहार में लालू-राबड़ी शासनकाल भी कहा जा सकता है, 255 डेसिमल जमीन, जो करीब 2.5 एकड़ हुई, खरीदी गई. आरजेडी सुप्रीमो के बड़े भाई के दामाद से जुड़े लोगों के पक्ष में डीड के जरिए जमीन खरीदी गई, जो यहां एक वेटनरी कॉलेज में चौथे श्रेणी के कर्मचारी थे.’

राज्य के वित्त मंत्री मोदी ने कहा, ‘13 जून 2012 को कुल छह लोगों के मालिकाना हक वाली जमीन के पूरे हिस्से की लीज तेजस्वी यादव के नाम कर दी गई. पट्टे की अवधि 31 मई 2101 को खत्म होगी यानी जब आरजेडी के संभावित उत्तराधिकारी 110 साल के हो चुके होंगे.’

उन्होंने कहा, ‘समूची अवधि के लिए तेजस्वी की ओर से भुगतान किया जाने वाला सालाना किराया महज 20,000 रुपए तय किया गया है जबकि मौजूदा दरों के हिसाब से इसे पांच लाख रुपए से ज्यादा होना चाहिए था.’

काला धन से खरीदी जमीन?

मोदी ने कहा, ‘सवाल है कि कौन लाखों की जमीन खरीदकर उसे किसी को कौड़ियों के भाव लीज पर दे देगा? साफ तौर पर आरजेडी सुप्रीमो ने जमीन खरीदने के लिए अपना काला धन भेजा, दूर-दराज के रिश्तेदारों के नाम इसे पंजीकृत कराया ताकि आयकर के झमेलों से बच सकें और तब 91 साल की लीज के जरिए इसे अपनी कई पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कर लिया.’

बीजेपी नेता ने कहा, ‘अब तो यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो गया है कि आरजेडी सुप्रीमो ने इस तरह से कितनी जमीनें हासिल की. ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं. ऐसा लगता है कि खुद को गरीबों का नेता कहने वाले लालू प्रसाद बिहार के सबसे बड़े जमींदार के तौर पर सामने आते जा रहे हैं.’

मोदी ने कहा, ‘आयकर विभाग, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों को इस पर ध्यान देकर कार्रवाई करनी चाहिए. हम इन संपत्तियों के बारे में चुनाव आयोग को भी लिखेंगे जिसे परिवार के किसी सदस्य ने घोषित नहीं किया है.’

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