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जानें, कर्नाटक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के भीतर क्या-क्या हुआ?

सुप्रीम कोर्ट में इस केस की जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण ने सुनवाई की. बहस के दौरान कोर्ट के भीतर आखिर क्या-क्या हुआ इस पर डालते हैं एक नजर

FP Staff Updated On: May 18, 2018 04:11 PM IST

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जानें, कर्नाटक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के भीतर क्या-क्या हुआ?

कर्नाटक में राज्यपाल की तरफ से बी एस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने और मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस और जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. 16-17 मई की रात सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक तो नहीं लगाई थी. लेकिन, 18 मई की अपनी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए महज एक दिन का ही वक्त दिया.

सुप्रीम कोर्ट में इस केस की जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अशोक भूषण ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने कांग्रेस और कपिल सिब्बल ने जेडीएस के वकील की तरफ से अपना पक्ष रखा, जबकि बीजेपी की तरफ से मुकुल रोहतगी ने बहस में भाग लिया. बहस के दौरान कोर्ट के भीतर आखिर क्या-क्या हुआ इस पर डालते हैं एक नजर.

- तकरीबन पौने ग्यारह बजे सुनवाई शुरू हुई. मुकुल रोहतगी ने बीएस येदियुरप्पा का लेटर जजों के सामने पेश किया.

मुकुल रोहतगी ने 15 मई को गवर्नर को दिए गए येदियुरप्पा के लेटर को पढ़ते हुए कहा कि चूंकि चुनाव से पहले किसी तरह का कोई गठबंधन नहीं था, इसलिए बीजेपी ही सबसे बड़ी पार्टी है. उन्होंने 16 मई को येदियुरप्पा के लिखे खत को पढ़ा, जिसमें येदियुरप्पा ने कहा है कि उनके पास दूसरों को सहयोग है और बहुमत भी. मुकुल रोहतगी ने कहा कांग्रेस-जेडीएस के बीच अपवित्र गठबंधन हुआ है. मुकुल रोहतगी ने कहा है कि ऐसी शंका जताई जा रही है कि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है लेकिन हमारे पास नाम हैं.

- जज सीकरी ने कहा कि एक तरफ जहां कांग्रेस-जेडीएस ने बहुमत साबित करता हुआ लेटर दिया है और उनके पास नाम भी हैं, वहीं येदियुरप्पा भी अपने पास नाम होने का दावा कर रहे हैं. आखिर किस आधार पर गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया है? इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा कि गवर्नर ने अपने विशेषाधिकार पर ये न्यौता दिया है. उन्हें ये तय करना है कि कौन स्थायी सरकार बना सकता है. रोहतगी ने सरकारिया कमीशन का हवाला देते हुए कहा कि ये गाइडलाइंस हैं. आखिरकार गवर्नर अपने विशेषाधिकार से ही फैसला देते हैं.

- जस्टिस सीकरी ने भी सरकारिया कमीशन पर बात की. उन्होंने कहा कि अंतिम तौर पर ये नंबर गेम है.

- सीकरी ने कहा कि आखिरी विकल्प फ्लोर टेस्ट है, जो कल होगा. हम किसी को टाइम नहीं देते हैं.

- जज बोबडे ने कहा कि जिस भी पार्टी को बुलाया जाए, लेकिन आखिरी फैसला विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से ही लिया जाएगा.

- अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा ने 15 मई को चुनाव आयोग की घोषणा के पहले ही गवर्नर को लेटर में लिख दिया था कि बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है. उन्होंने बिना नाम लिए बहुमत की बात कह दी, लेकिन उन्हें नाम तो लेने होंगे, वहीं कांग्रेस के पास 117 सीटों के लिए नाम हैं. क्या आप कह सकते हैं कि गवर्नर ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता अपने विशेषाधिकार से दिया था? उन्होंने कहा कि वो कल फ्लोर टेस्ट कराने के प्रस्ताव से सहमत हैं.

- जज सीकरी ने कहा कि जब तक हम सुनवाई करेंगे, टाइम बीत जाएगा. आपको कोई राहत नहीं मिलेगी इसलिए हम कल फ्लोर टेस्ट की बात कर रहे हैं.

-जज अशोक भूषण ने कहा कि वो डीजीपी को ऑर्डर देंगे कि वो सुनिश्चित करेंगे कि सभी विधायक असेंबली पहुंचे और वोट करें.

- कपिल सिब्बल ने कहा कि गवर्नर के विशेषाधिकार जैसी कोई चीज नहीं है. यह विवेक संवैधानिक सिद्धांत और कानून द्वारा निर्धारित है.

-इस पर जज सीकरी ने कहा कि मिस्टर सिब्बल आपके पास भी कहने को बहुत कुछ है और दूसरे पक्ष के पास भी. लेकिन अब फ्लोर टेस्ट हो जाने दीजिए.

- स्टेट ऑफ कर्नाटक की ओर से बोल रहे तुषार मेहता ने कहा कि कांग्रेस ने गवर्नर को 78 सदस्यों के हस्ताक्षर का लेटर नहीं दिया था. बस चुनाव आयोग की वेबसाइट से 78 सदस्यों के नाम की लिस्ट डाउनलोड करके पेश किया गया था.

- मुकुल रोहतगी ने भी कांग्रेस सदस्यों के हस्ताक्षर की बात उठाई. उन्होंने कहा कि फ्लोर टेस्ट में पता चल जाएगा कि कांग्रेस के पास कितने हस्ताक्षर थे. गवर्नर को ऐसा कोई लेटर ही नहीं मिला था.

- जज सीकरी ने कहा कि आप जबतक हाउस में बहुमत न साबित कर लें, तबतक एंग्लो-इंडियन नॉमिनेशन जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.

- मुकुल रोहतगी ने फ्लोर टेस्ट पर आपत्ति जताना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि फ्लोर टेस्ट कल होना चाहिए. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करनी होगी. इन लोगों को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. कल नहीं. ये न्यायोचित नहीं है. उन्हें अपने सदस्य जुटाने होंगे. दूसरे पक्ष के लोगों को लॉकअप किया गया है, उनके नहीं.

- जज सीकरी ने ईगलटन रिसॉर्ट के ओनर पर चल रहे वॉट्सऐप जोक का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो ईगलटन रिसॉर्ट के ओनर का भी कहना है कि मैं सरकार बनाऊंगा मेरे पास 117 सदस्यों का बहुमत है.

-सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया. कल शाम चार बजे तक फ्लोर टेस्ट होगा. सभी विधायक कल वोट करेंगे.

- एससी ने तय किया कि प्रोटेम स्पीकर तय करेगा कि फ्लोर टेस्ट किस तरीके से करवाया जाएगा. प्रोटेम स्पीकर सभी सदस्यों में सबसे सीनियर होगा.

- तब तक किसी एंग्लो इंडियन सदस्य को नॉमिनेट नहीं किया जाएगा.

- येदियुरप्पा फ्लोर टेस्ट तक नीतिगत फैसले नहीं लेंगे. इस पर जस्टिस सीकरी ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनके पास वैसे भी फैसले लेने का टाइम नहीं होगा.

- इसके बाद जरूरी कार्यवाही के साथ सुनवाई खत्म हो गई.

अब बीजेपी के पास कल शाम तक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने का वक्त है.

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