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एसपी बनाम बीजेपी घोषणापत्र: सब्सिडी की बहती गंगा

दोनों घोषणापत्रों में लोकलुभावन वादों का अंबार है

Updated On: Jan 28, 2017 08:45 PM IST

Arun Tiwari Arun Tiwari
सीनियर वेब प्रॉड्यूसर, फ़र्स्टपोस्ट हिंदी

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एसपी बनाम बीजेपी घोषणापत्र: सब्सिडी की बहती गंगा

22 जनवरी को यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी का घोषणापत्र लोगों के बीच रखा और 28 जनवरी को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी का घोषणापत्र जारी किया.

दोनों घोषणापत्रों में लोकलुभावन वादों का अंबार है. दोनों पार्टियों के घोषणापत्रों की मुद्दावार एक तुलना यहां दी जा रही है.

रोजगार  

अखिलेश यादव ने घोषणापत्र में पांच लाख लोगों को नौकरी देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार स्टार्टअप योजना लागू करेगी. मजदूरों के लिए रियायती दर पर खाना भी उपलब्ध करवाएगी.

दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि अगले पांच साल में हम यूपी में 70 लाख रोजगार और स्वरोजगार पैदा करने का वादा करते हैं.

किसानों, गरीबों और महिलाओं को लुभाने के लिए कई वादे

सीएम अखिलेश ने कहा कि सपा किसान कोष से किसानों की कई समस्‍याओं का समाधान किया जाएगा. किसानों को सुविधा देने पर जोर होगा.

किसान के बीमार जानवरों के लिए भी एंबुलेंस की व्‍यवस्‍था करेंगे. गरीब किसान का जानवर बीमार हुआ तो एंबुलेंस में डॉक्टर बैठकर आएंगे.

अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों के लिए समाजवादी निधि की शुरुआत करेगी. आने वाले वक्‍त में सपा एक करोड़ गरीब लोगों को मासिक पेंशन भी देगी.

उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को नि:शुल्‍क गेंहू दिया जाएगा. गरीब महिलाओं को प्रेशर कुकर दिए जाएंगे.

महिलाओं के लिए विशेष घोषणा करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगली बार उनकी सरकार बनने पर महिलाओं को रोडवेज की बसों में आधा किराया देना होगा. इसके साथ-साथ 1090 वुमेन पॉवर हेल्पलाइन को भी और मजबूत बनाया जाएगा.

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एसपी के घोषणापत्र में कहा गया है कि कुपोषित बच्चों को 1 किलोग्राम घी और 1 डिब्बा दूध पाउडर हर महीने दिया जाएगा.

वरिष्ठ नागरिकों और गरीबों के लिए ओल्ड ऐज होम और लोहिया आवास योजना की घोषणा भी अखिलेश यादव ने किया. यह घोषणा शायद केंद्र की मोदी सरकार की 2022 तक 'सभी गरीबों के लिए आवास' के लक्ष्य की काट के लिए की गई है.

अमित शाह ने भी वायदों का अंबार लगाते हुए कहा कि अगले पांच सालों में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए 150 करोड़ का फंड स्थापित किया जाएगा. पांच साल में यूपी को 24 घंटा बिजली पहुंचाने का वचन दिया.

अमित शाह ने कहा कि बीजेपी की सरकार किसानों का कर्ज माफ करेगी और किसानों को देने वाले ऋण पर ब्याज नहीं लिया जाएगा.

वे भूमिहीन किसानों को 2 लाख रुपए का बीमा देंगे. कृषि विकास के लिए फंड बनाया जाएगा.

अमित शाह ने और भी लोकलुभावने वायदे करते हुए कहा कि सरकार बनने पर अगले पांच साल में श्वेत क्रांति लाने के लिए डेयरी विकास फंड की स्थापना की जाएगी.

युवाओं को खींचने की कवायद 

अखिलेश यादव ने 2012 में किए गए वायदों में से एक लैपटॉप वितरण को और भी मजबूती से लागू करने करने की बात कही. उन्होंने इस बार युवाओं के लिए   समाजवादी स्‍मार्ट फोन देने की योजना का भी जिक्र किया.

दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार बनने पर वे यूपी के सभी युवाओं को बिना जाति-धर्म देखे लैपटॉप बांटेंगे. उन्हें साल में 1 जीबी का इंटरनेट डेटा भी मुफ्त देंगे.

उन्होंने कहा कि सभी लड़कियों को ग्रेजुएशन तक की शिक्षा मुफ्त और लड़कों को बारहवीं तक की शिक्षा फ्री दी जाएगी.

एसपी ने किया विकास पर फोकस और बीजेपी ने अपराध पर 

एसपी के मेनीफेस्टो में वायदों की बौछार यहीं नहीं रुकी. सीएम ने कहा कि वे आगरा, कानपुर, मेरठ में भी मेट्रो बनाएंगे.

एसपी के घोषणापत्र में महत्वाकांक्षी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे योजना का भी जिक्र हुआ.

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अमित शाह ने अपराध नियंत्रण को बड़ा मुद्दा माना. एसपी पर अक्सर गुंडाराज कहकर तोहमत जड़ी जाती है. अमित शाह ने कहा कि सरकार बनने के 45 दिन के अंदर ही सभी फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल के अंदर डाल देंगे.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के सत्ता में आने पर डेढ़ महीने के भीतर ही पुलिस के डेढ़ लाख रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

छिपे रूप से सांप्रदायिक मतों के ध्रुवीकरण की कोशिश 

मुस्लिम मतों को अपनी तरफ खींचने के लिए एसपी के घोषणापत्र में अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कई योजनाओं की भी घोषणा की.

बीजेपी अध्यक्ष ने हिंदू मतों को खींचने की कोशिश करते हुए कहा कि उनकी सरकार आने पर अवैध कत्लखाने बंद किए जाएंगे. अयोध्या में संवैधानिक तरीके से राम मंदिर बनाने की बात उठाकर उन्होंने वोटों को पोलराइज करने की शुरुआत भी कर ही डाली.

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