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दिल्ली में पार्किंग फीस के नाम पर अब ज्यादा फीस क्यों लगेंगी?

साउथ एमसीडी ने एकमुश्त दिए जाने वाले पार्किंग शुल्क को बढ़ा दिया है. आम दिल्लीवालों की नजर से देखें तो इसका सीधा मतलब होता है कि अब जब भी आप नई गाड़ी खरीदने शो-रूम जाएंगे तो आपको पार्किंग चार्ज के लिए 3 से 18 प्रतिशत ज्यादा शुल्क वसूले जाएंगे

Updated On: Sep 18, 2018 10:47 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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दिल्ली में पार्किंग फीस के नाम पर अब ज्यादा फीस क्यों लगेंगी?

पिछले कुछ सालों से दिल्लीवालों को हर रोज पार्किंग की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है. दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए नगर निगम की सारी कोशिशें बेकार साबित हो रही हैं. दिल्ली नगर निगम भी समय-समय पर पार्किंग शुल्क बढ़ाकर पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने की बात तो करती है, लेकिन किसी न किसी कारण मामला अटक जाता है.

हाल ही में साउथ एमसीडी ने एकमुश्त दिए जाने वाले पार्किंग शुल्क को बढ़ा दिया है. आम दिल्लीवालों की नजर से देखें तो इसका सीधा मतलब होता है कि अब जब भी आप नई गाड़ी खरीदने शो-रूम जाएंगे तो आपको पार्किंग चार्ज के लिए 3 से 18 प्रतिशत ज्यादा शुल्क वसूले जाएंगे.

साउथ दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष शिखा राय के मुताबिक निगम अभी तक सिर्फ दो कैटेगरी में ही पार्किंग शुल्क लेता था, जिसे बढ़ाने का प्रस्ताव एलजी की मंजूरी के बाद लागू हो जाएगा. साउथ दिल्ली पार्किंग शुल्क के तौर पर दो कैटेगरी में दो हजार रुपए और चार हजार रुपए वसूलती है.

ऐसा कहा जा रहा है कि अब पार्किंग शुल्क का कैटेगरी चार से पांच कर दिया गया है. एलजी की मंजूरी के बाद नए खरीददार को अब पहले की तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. दिल्ली की तीनों नगर निगम समय-समय पर पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखती रही है.

2015 में ही रखा था पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव:

Traffic moves along a busy road in New Delhi

साल 2015 में भी साउथ दिल्ली नगर निगम ने पार्किंग शुल्क 15 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव को पारित नहीं किया था. एमसीडी का कहना था कि पार्किंग शुल्क बढ़ाने के पीछे पार्किंग फैसिलिटी और ऑफिस कॉम्पलेक्स में पार्किंग सुविधा बढ़ाने का भी प्रस्ताव था.

दिल्ली में साउथ दिल्ली द्वारा पार्किंग शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव अगर एलजी की तरफ से मंजूर कर लिया जाता है तो अगर आप 4 लाख तक की गाड़ियां खरीदते हैं तो आपको अब आपको 6 हजार रुपए देना पड़ेगा. पहले इस पर दो हजार रुपए देने पड़ते थे. अगर आप 8 लाख तक की गाड़ी खरीदते हैं तो अब आपको 8 हजार रुपए देने पड़ेंगे. अगर आप 40 लाख से अधिक की लग्जरी गाड़ी खऱीदते हैं तो आपको एकमुश्त 75 हजार रुपए देने पड़ेंगे.

पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी होने के बाद निजी गाड़ियों के साथ कमर्शियल गाड़ियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा. पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी के बाद बसों के लिए पार्किंग शुल्क 4 हजार से बढ़ कर 20 हजार रुपए हो जाएगा.

दिल्ली में पार्किंग को लेकर अंधा कानून चल रहा है. तीनों नगर निगमों ने अपने-अपने हिसाब से पार्किंग शुल्क बढ़ा रखा है. रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि एकमुश्त पार्किंग शुल्क लेने के प्रावधान में कई गड़बड़ियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है. न आम लोगों के लिए कोई सुविधा है और न ही रिहायशी क्षेत्र के दुकानदारों को भी किसी प्रकार की सुविधा दी गई है. नगर निगम अपने कानून के अनुसार पैसा वसूल रही है.

पहले 24 घंटे पार्किंग के लगते थे 20 रुपए, अब 100 रुपए:

अगर बात पूर्वी नगर निगम की करें तो यहां पर साल 2014 से पहले 24 घंटे गाड़ी पार्क करने पर 20 रुपए देने पड़ते थे वहीं अब 100 रुपए देने पड़ रहे हैं. 4 घंटे की पार्किंग शुल्क के लिए यहां पर 80 रुपए देने पड़ रहे हैं.

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इसमें दो राय नहीं है कि दिल्ली में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है. इसी साल दिल्ली सरकार ने भी पार्किंग की व्यवस्था के नए इंतजाम का मसौदा तैयार किया था. दिल्ली सरकार के पार्किंग मैनेजमेंट एरिया प्लान के मसौदे के मुताबिक, कमर्शियल के साथ रेजिडेंशियल पार्किंग के लिए भी पैसे चुकाना होगा. सीधे शब्दों में कहें तो अब दिल्ली में फ्री पार्किंग खत्म करने की तैयारी है.

दिल्ली सरकार एक नई पार्किंग पॉलिसी नोटिफाई करने का प्लान तैयार कर रही है. इसका मकसद सड़कों पर गाड़ियों का बोझ कम करना है. कुछ महीने पहले ही एलजी अनिल बैजल ने 'दिल्ली मेंटेनेंस एंड मैनेजमेंट ऑफ पार्किंग रूल्स, 2017' को मंजूरी दे दी है. कमर्शियल पार्किंग शुल्क से जुड़े नए नियम तो इसी साल मार्च से लागू भी हो गए हैं.

दिल्ली सरकार के नए नियमों के अनुसार सड़कों पर पार्किंग के दौरान चौराहे के चारों तरफ की सड़कों पर 50 मीटर तक कोई पार्किंग नहीं होगी. डायनेमिक प्राइसिंग मैकेनिज्म के तहत पीक और नॉन पीक में पार्किंग शुल्क अलग-अलग होगा. यह हर एक घंटे के बाद बढ़ता रहेगा. रेजिडेंशियल इलाकों में भी पार्किंग के लिए पैसा देना होगा. पार्किंग के रेट शहर के पॉल्यूशन लेवल से लिंक होगा. यानी दिल्ली में प्रदूषण ज्यादा रहेगा तो पार्किंग शुल्क ज्यादा लगेगा.

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