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सीवान तेजाब कांड: शहाबुद्दीन की याचिका हाईकोर्ट में खारिज, उम्र कैद बरकरार

सीवान स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ने 11 दिसंबर 2015 को ही शहाबुद्दीन सजा सुनाई थी

Updated On: Aug 30, 2017 04:00 PM IST

FP Staff

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सीवान तेजाब कांड: शहाबुद्दीन की याचिका हाईकोर्ट में खारिज, उम्र कैद बरकरार

बिहार के बहुचर्चित सीवान तेजाब कांड में शहाबुद्दीन को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाईकोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के फैसले को जारी रखते हुए उम्र कैद की सजा को बरकरार रखा है. इसी मामले में बाहुबली और राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं. उनको इस अपराध के मामले में निचली कोर्ट द्वारा सजा सुनायी गयी थी.

सीवान के स्पेशल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए शहाबुद्दीन के वकील ने पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए 30 जून 2017 को ही सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे आज सुनाया गया.

आपतो बता दें कि इस बहुचर्चित मामले में सीवान स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ने 11 दिसंबर 2015 को ही सजा सुनाई थी. हाइकोर्ट ने शहाबुद्दीन समेत चार लोगों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. तेजाब हत्याकांड के नाम से चर्चित अपहरण एवं हत्या की इस वारदात से सीवान समेत पूरा बिहार कांप उठा था.

कोर्ट ने इस जघण्य हत्याकांड में मो.शहाबुद्दीन के साथ-साथ राजकुमार साह, मुन्ना मियां एवं शेख असलम को भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है. शहाबुद्दीन के पक्ष ने इस सजा के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में अपील दायर की थी.

क्या है तेजाब कांड?

13 साल पहले यानी 2004 में बिहार के सीवान जिले में चंद्रेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के परिवार के साथ ये घटना घटी थी. 16 अगस्त, 2004 का दिन इस परिवार के लिए कयामत बनकर आया. उनके दो बेटों को तेजाब से नहला कर मार डाला गया था.

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