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पंजाब में 'खामोश' मतदाता कर सकते हैं बड़ा उलटफेर

राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर 4 फरवरी को डाले जाएंगे वोट

IANS Updated On: Feb 03, 2017 07:19 PM IST

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पंजाब में 'खामोश' मतदाता कर सकते हैं बड़ा उलटफेर

अब से लगभग चौबीस घंटे बाद पंजाब के 1 करोड़ 98 लाख से ज्यादा मतदाता बटन दबाकर अगले पांच साल के लिए अपना फैसला सुना देंगे. पंजाब विधानसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस चुनाव में वह मतदाता बड़ा उलटफेर कर सकते हैं, जो अभी तक अपना मन किसी पार्टी के पक्ष में नहीं बना पाए हैं.

पंजाब में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है. शनिवार को राज्य के 117 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे.

मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी (बीजेपी) गठबंधन, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच है.

कांग्रेस और अकाली दल-बीजेपी गठबंधन दोनों के लिए आम आदमी पार्टी निशाने पर है. पिछले एक साल में आम आदमी पार्टी ने पंजाब में मतदाताओं खास तौर पर युवाओं और ग्रामीण मतदाताओं में अच्छी पैठ बना ली है.

विरोधी लहर का सामना 

अकाली दल के अध्यक्ष और वर्तमान उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल कहते रहे हैं कि उनकी पार्टी 25 साल तक राज करेगी. सत्ता में आने के बाद से ही अकाली दल को विरोधी लहर का सामना करना पड़ा है. पार्टी यहां बीजेपी के साथ पिछले एक दशक (2007-2012 और 2012-2017) से सरकार चला रही है.

इस बार के चुनाव में अकाली दल 94 सीटों पर, जबकि उसकी सहयोगी बीजेपी 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

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अकाली दल-बीजेपी गठबंधन पंजाब में 2007 से लगातार सत्ता में है

कांग्रेस ने इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर दांव लगाया है. पार्टी ने उन्हें अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है.

अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस को न सिर्फ अपना परंपरागत आधार बनाए रखना है. बल्कि उन्हें आम आदमी पार्टी की ओर से मिल रही चुनौती का भी सामना करना है.

पिछले कुछ सप्ताह में अकाली-बीजेपी गठबंधन और कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी और इसके नेतृत्व पर जबरदस्त हमले करते हुए इसे बाहरी करार दिया है.

पंजाब का सीएम बनना चाहते हैं केजरीवाल 

चुनाव प्रचार के दौरान यह भी आरोप लगाए गए हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं.

अकाली दल-बीजेपी गठबंधन पंजाब के विकास को भुना रहे हैं. जबकि, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ड्रग्स, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दे उठा रही है.

हाल में हुए सर्वेक्षणों में पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को साफ बढ़त मिलती दिखाई गई है. इंडिया टुडे-एक्सिस पोल सर्वेक्षण में कांग्रेस को 60 से 65 सीटें मिलती दिखाई गई हैं. जबकि आम आदमी पार्टी 41 से 45 सीटों के साथ दूसरे और अकाली दल-बीजेपी गठबंधन 11 से 15 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर है.

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में घूम-घूमकर लगातार प्रचार किया है (फोटो: गेटी ईमेज)

आम आदमी पार्टी को कृषि समृद्ध मालवा क्षेत्र में बढ़त मिलते दिखाया गया है. इस लिहाज से देखें तो 117 विधानसभा सीटों में से 69 आम आदमी पार्टी के खाते में जाती दिख रही है. यह वह क्षेत्र है, जिसे पारंपरिक रूप से अकालियों का गढ़ माना जाता रहा है. इसी क्षेत्र में कांग्रेस ने 2012 के चुनाव में जीत का परचम लहराया था.

लांबी सीट पर मुख्य मुकाबला

2014 के लोकसभा चुनाव से अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 34 फीसदी वोट हासिल किए थे.

माझा (ब्यास नदी के उत्तर में) और दोआबा (ब्यास और सतलुज नदियों के बीच के क्षेत्र) में मुख्य राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला है.

सबसे मुख्य मुकाबला लांबी सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह आमने-सामने हैं. जलालाबाद में सुखबीर बादल और आम आदमी पार्टी के भगवंत मान और कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्ट के बीच कांटे की टक्कर है.

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कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में अपना सीएम कैंडिडेट घोषित किया है (फोटो: पीटीआई)

पटियाला (शहरी) में अमरिंदर सिंह और अकाली दल से पूर्व सैन्य प्रमुख और पूर्व राज्यपाल जे जे सिंह मैदान में है. जबकि, लहर सीट से पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर बट्टल (कांग्रेस) और पंजाब के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा (अकाली दल) आमने-सामने हैं.

अकाली-बीजेपा गठबंधन का डेरा कर रहा समर्थन

राधा स्वामी, डेरा सच्चा सौदा, खंड बलन संप्रदाय और अन्य डेरों का भी पंजाब चुनाव में अच्छी खासी पैठ है. इनमें से हर एक के लाखों अनुयायी हैं. डेरा सच्चा सौदा अकाली दल-बीजेपी गठबंधन का समर्थन कर रहा है. जिससे मालवा क्षेत्र में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के लिए मुकाबला कड़ा हो सकता है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल के सप्ताह में राधास्वामी ब्यास डेरा और सच खंड बलान डेरा का दौरा कर समर्थन पाने की अपील की.

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पंजाब में काम करने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों को लुभाने के लिए मनोज तिवारी प्रचार करते हुए (फोटो: पीटीआई)

पंजाब में चार फरवरी को होने वाले चुनाव में 1,145 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसमें 81 महिला उम्मीदवार और एक किन्नर है.

चुनाव से चंद दिन पहले बठिंडा में हुए कार विस्फोट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकस इंतजाम किए गए हैं.

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