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शुंगलू कमेटी रिपोर्ट: बीजेपी-कांग्रेस के निशाने पर केजरीवाल, माकन ने मांगा इस्तीफा

अजय माकन ने नैतिक आधार पर केजरीवाल से इस्तीफा मांगा

FP Staff Updated On: Apr 06, 2017 02:12 PM IST

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शुंगलू कमेटी रिपोर्ट: बीजेपी-कांग्रेस के निशाने पर केजरीवाल, माकन ने मांगा इस्तीफा

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोल रहे हैं.

बीजेपी की ओर से निर्मला सीतारमण ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट से साफ है कि दिल्ली सरकार ने कई तरह की अनियमितताएं की हैं. इससे पहले दिल्‍ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन ने भी शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद एक प्रेस कॉफ्रेंस में अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा. उन्होंने समिति के खुलासों से दिल्‍ली सरकार की अनियमितताओं के मामले उजागर हो गए हैं. उन्‍होंने मनमाने तरीके से लोगों की नियुक्तियां कीं.

अजय माकन ने कहा कि दिल्‍ली सरकार की नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद हावी रहा है. माकन ने शुंगलू कमेटी के रिपोर्ट की पृष्‍ठभूमि में अरविंद केजरीवाल से नैतिकता के आधार पर इस्‍तीफा देने की मांग की.

उल्‍लेखनीय है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा प्रशासनिक फैसलों में संविधान और प्रक्रिया संबंधी नियमों के उल्लंघन की बात शुंगलू समिति ने अपनी रिपोर्ट में उजागर की है. तीन सदस्यीय कमेटी ने 404 फाइलों की जांच के बाद तैयार की गई 101 पन्नों की रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार द्वारा की गई नियुक्तियों और आवंटनों को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.

कमेटी ने दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक के सलाहकार पद पर स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी की नियुक्ति को गलत बताया है. वहीं जैन के ओएसडी पद पर निकुंज अग्रवाह की नियुक्ति को भी गलत बताया है. इसमें कहा गया है कि निकुंज को उस पद पर बैठाया गया है जो पहले मौजूद ही नहीं था. इस पद को बिना उप राज्यपाल की अनुमति बढ़ाया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक केजरीवाल सरकार ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की भी नियुक्ति से पहले बंगला नियुक्त कर दिया था. वहीं आप विधायक अखिलेश त्रिपाठी को भी अनुचित ढंग से टाइप 5 बंगला आवंटित कर दिया.

इतना ही नहीं केजरीवाल सरकार पर मनमाने ढंग से रेवड़ियां बांटने का भी आरोप है. केजरीवाल को जमीन आवंटन से जुड़ी शक्तियां नहीं मिली हुई है. इसके लिए केजरीवाल को फाइल उपराज्यपाल को भेजनी चाहिए थी. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

आम आदमी पार्टी का एमसीडी चुनाव में गणित बिगाड़ने के लिए इतने आरोप ही काफी हैं. इससे पहले भी केजरीवाल पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग का भी आरोप लग चुका है. अब कमेटी की रिपोर्ट में इस तरह के आरोपों से केजरीवाल की छवि धूमिल हो सकती हैं. जिसका खामियाजा आप को दिल्ली नगर निगम के चुनावों में भुगतना पड़ सकता है.

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