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शिवसेना सांसद बोले- हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी तो कानून बनाने में कितना समय लगेगा?

संजय राउत ने कहा, राज्यसभा में ऐसे बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे, जो विरोध करेगा, उसका देश में घूमना मुश्किल होगा

Updated On: Nov 23, 2018 03:45 PM IST

FP Staff

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शिवसेना सांसद बोले- हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी तो कानून बनाने में कितना समय लगेगा?

शिवसेना सांसद संजय राउत ने बाबरी विध्वंस मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है. राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है. राज्यसभा में ऐसे बहुत से सांसद हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे, जो विरोध करेगा, उसका देश में घूमना मुश्किल होगा.'

शिवसेना ने शुक्रवार को बीजेपी से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर अध्यादेश लाने और तारीख की घोषणा करने के लिए भी कहा था. बीजेपी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में लिखा था, 'सत्ता में बैठे लोगों को शिवसैनिकों पर गर्व होना चाहिए जिन्होंने रामजन्मभूमि में बाबर राज को खत्म कर दिया. शिवसेना ने कहा था कि वह चुनाव के दौरान न तो भगवान राम के नाम पर वोटों की भीख मांगती है और न ही जुमलेबाजी करती है.

गौरतलब है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 25 नवंबर को अयोध्या का दौरा करेंगे. इस दौरान वे कई संतों से मुलाकात करेंगे और कई कार्यक्रमों में हिस्सा भी लेंगे. शिवसेना और ठाकरे को उम्मीद है कि इस दौरान देश भर से खासकर, महाराष्ट्र से हजारों की संख्या में राम मंदिर समर्थक अयोध्या पहुंचेंगे और मंदिर निर्माण के लिए समर्थन जुटाएंगे.

संपादकीय में लिखा है, 'हमारे अयोध्या दौरे को लेकर खुद को हिंदुत्व समर्थक कहने वालों के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? हम राजनीतिक मकसद से वहां नहीं जा रहे हैं.'

शिवसेना ने दावा किया कि उसने 'चलो अयोध्या' का नारा नहीं दिया है. उसने कहा, 'अयोध्या किसी की निजी जगह नहीं है. शिवसैनिक वहां भगवान राम के दर्शन करने जा रहे हैं.'

संपादकीय में ये भी कहा गया है, 'अयोध्या में अब रामराज नहीं सुप्रीम कोर्ट का राज है. 1992 में बालासाहेब के शिवसैनिकों ने रामजन्मभूमि में बाबर राज को तबाह कर दिया था. फिर भी सत्ता में बैठे लोग उन शिवसैनिकों पर गर्व करने के बजाय उनसे डर और जलन महसूस कर रहे हैं. अयोध्या जा रहे शिवसैनिकों पर तोहमत लगाने की जगह सरकार को मंदिर निर्माण के लिए तारीख बताकर संदेह खत्म करना चाहिए.'

संपादकीय में कहा गया है कि 'आप राम मंदिर के निर्माण की तारीख क्यों तय नहीं कर रहे हैं? अगर मंदिर निर्माण का मु्द्दा आपके हाथ से निकल गया तो 2019 में आपकी रोजी-रोटी के अलावा कई लोगों की जुबान बंद हो जाएगी.'

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