S M L

शिवराज सिंह की दो बड़ी चुनावी हार जो उन्हें याद तो जरूर होंगी

2000 में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में उन्हें विक्रम वर्मा के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी. 2003 विधानसभा चुनाव में वह दिग्विजय सिंह को हराने में नाकाम रहे थे.

Updated On: Nov 29, 2017 07:34 PM IST

FP Staff

0
शिवराज सिंह की दो बड़ी चुनावी हार जो उन्हें याद तो जरूर होंगी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल पूरे करने वाले शिवराज सिंह चौहान को अपने राजनीतिक करियर में दो बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में उन्हें विक्रम वर्मा के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी. 2003 विधानसभा चुनाव में वह दिग्विजय सिंह को हराने में नाकाम रहे थे.

1975 में मॉडल स्कूल छात्रसंघ के अध्यक्ष से राजनीति की राह पकड़ने वाले शिवराज का करियर वर्ष 2000 तक सरपट दौड़ता रहा. इस दौरान बुधनी से विधायक और विदिशा से सांसद के अलावा वह भारतीय जनता युवा मोर्चा में संगठन में अहम जवाबदारी संभाल चुके थे.

वर्ष 2000 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए केंद्रीय नेतृत्व ने विक्रम वर्मा का नाम तय किया था. कुशाभाऊ ठाकरे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. चुनाव के दिन वर्मा के खिलाफ पटवा खेमे के उम्मीदवार शिवराज ने भी नामांकन दाखिल कर दिया.

शीर्ष नेतृत्व ने अपने स्तर पर आम सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन शिवराज ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे. आखिरकार चुनाव कराने की नौबत आ गई. मतदान में विक्रम वर्मा को 200 से ज्यादा वोट मिले, जबकि शिवराज को 100 वोट भी नहीं मिले.

Shivraj Singh

बाद में शिवराज राष्ट्रीय महासचिव बना दिए गए. इसके बाद वे पार्टी में ऊंचाइयां हासिल करते गए.

दिसंबर, 2003 में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में अपूर्व सफलता पाई थी और उस समय उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वे राघौगढ़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव हार गए थे.

2005 में उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया. नवंबर, 2005 को उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया. बाद में, उन्होंने बुधनी विधानसभा के लिए उपचुनाव लड़कर जीता. वर्ष 2008 में शिवराज ने बुधनी सीट को 41 हजार से अधिक मतों से जीता और 12 दिसंबर, 2008 को उन्हें दूसरे कार्यकाल की शपथ दिलाई गई थी, जबकि 14 दिसंबर 2013 को वह तीसरी बार प्रदेश के मुखिया बने.

(साभार : न्यूज-18)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi