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शेख हसीना का दौरा: चीन की पकड़ से ढाका को निकालने की हर कोशिश करेगा भारत

भारत इस बात से अवगत है कि अगले साल बांग्लादेश में आम चुनाव हैं, ऐसे में वह शेख हसीना को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहता है

Seema Guha Updated On: Apr 07, 2017 10:25 PM IST

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शेख हसीना का दौरा: चीन की पकड़ से ढाका को निकालने की हर कोशिश करेगा भारत

भारत प्रधानमंत्री शेख हसीना के स्वागत में पूरे जोशो-खरोश से जुटा हुआ है. चार दिन की यात्रा पर वह शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंची हैं. बांग्लादेश भारत के पड़ोसी देशों में एक मजबूत दोस्त है.

ऐसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच यह मजबूत दोस्ती कायम रहे. इसकी एक वजह यह भी है कि चाइना अपनी चेकबुक डिप्लोमेसी के साथ बांग्लादेश को लुभाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है.

विपक्षी बीएनपी की नजरें हसीना के दौरे पर

विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) हसीना को हमेशा से भारतीय कठपुतली बुलाती रही है. बीएनपी इस वजह से उनके दौरे पर दिलचस्पी से नजरें गड़ाए है और किसी भी रियायत के लिए उन पर हमला करने के लिए तैयार है.

अगले साल बांग्लादेश में आम चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बीएनपी किसी भी कमजोर कदम पर अवामी लीग पर अटैक करने के लिए मौका ढूंढ रही है.

अवामी लीग के इंडिया से नजदीकी रिश्ते हर बार चुनावों के वक्त मुद्दा बनते हैं. तीस्ता जल समझौते पर पहले से ही बवाल मचा हुआ है और इसके लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हठ जिम्मेदार है.

बीएनपी के महासचिव मिर्जा फकरुल इस्लाम इस मसले को लेकर पहले ही सरकार पर हमला बोल चुके हैं. उन्होंने कुछ हफ्ते पहले ही कह दिया कि तीस्ता एग्रीमेंट को अंतिम रूप दिए बगैर प्रधानमंत्री का दौरा बेमतलब होगा.

तीस्ता पर ममता को मनाने की कोशिश होगी

Sheikh Hasina

तस्वीर: पीटीआई

ममता बनर्जी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री शेख हसीना के स्वागत आयोजित होने वाले लंच में शरीक होंगी. इस बात की उम्मीद है कि तीस्ता जल समझौते पर भी चर्चा की जाएगी.

हालांकि, कोई भी अभी डील पर दस्तखत होने की उम्मीद नहीं कर रहा है, लेकिन इस बारे में दोनों देशों के कुछ कदम आगे बढ़ने की उम्मीद जरूर है.

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के शेख हसीना और ममता बनर्जी दोनों के साथ मजबूत रिश्ते हैं, ऐसे में उनके इस समझौते के लिए मुख्यमंत्री को समझाए जाने की भी उम्मीद है.

गुरुवार को एक न्यूज ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय में बांग्लादेश, म्यांमार के लिए संयुक्त सचिव श्रीप्रिय रंगनाथन ने कहा, ‘तीस्ता वॉटर शेयरिंग पर काम प्रगति पर है. इस चुनौती पर हम आगे बढ़ना जारी रखेंगे.’

एग्रीमेंट्स की झड़ी

इंडिया शेख हसीना के दौरे को बड़ी सफलता में बदलना चाहता है. इस दौरान 20 एग्रीमेंट्स होंगे. इनमें डिफेंस फ्रेमवर्क पैक्ट, अतिरिक्त बस और ट्रेन रूट्स का ऐलान, हाई स्पीड डीजल मुहैया कराने पर एक एमओयू पर दस्तखत, साइबर सिक्योरिटी पर समझौता और मौजूदा प्रोजेक्ट्स के अपग्रेडेशन के समझौते भी इस दौरान होंगे.

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न्यूक्लियर एनर्जी पर भी एक समझौता होने की बात चल रही है. इसमें बांग्लादेश में एक छोटा न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की बात है.

इंडिया और बांग्लादेश के बीच बेहतरीन एंटी-टेरर कोऑपरेशन है और दोनों देशों की इंटेलिजेंस एजेंसियां नजदीकी रूप से एक-दूसरे के साथ काम करती हैं.

सबसे अहम है डिफेंस एग्रीमेंट

Sheikh Hasina

तस्वीर: पीटीआई

डिफेंस एग्रीमेंट के ब्योरे अभी पता नहीं हैं, लेकिन ढाका से कुछ न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिया एक 25-साल लंबा समझौता चाहता है. हालांकि, माना जा रहा है कि शेख हसीना सरकार इतने लंबे वक्त के समझौते के लिए तैयार नहीं है.

रंगनाथन ने हालांकि, इससे इनकार किया है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर इस तरह के एग्रीमेंट्स शुरुआत में 5 साल के लिए होते हैं और बाद में दोनों पक्ष आपसी सहमति से इन्हें आगे बढ़ाने का फैसला करते हैं.

डिफेंस पर फ्रेमवर्क एमओय के अलावा, एक अन्य एग्रीमेंट इंडिया से डिफेंस सप्लाई की सोर्सिंग का है. इसका मतलब है कि नई दिल्ली बांग्लादेश को इक्विपमेंट्स की सप्लाई करेगी. डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट भी इस समझौते का हिस्सा होगा.

बांग्लादेश में है विरोध

लेकिन, अवामी लीग का विरोध करने वाले इस डिफेंस एग्रीमेंट पर राजी नहीं हैं. बांग्लादेश के एक मशहूर एनालिस्ट फजल कमाल ने कहा, ‘डिफेंस पैक्ट की संभावना को लेकर एक गहरा असंतोष है क्योंकि बांग्लादेश के लिए इसका कोई मतलब नहीं है. एक छोटे पड़ोसी के तौर पर यह सोच कि एक बड़ा भाई हमेशा आपके कंधे पर हाथ रखकर आपकी देखभाल करेगा, यह चीज स्वागतयोग्य नहीं है.’

चीन की चेकबुक डिप्लोमेसी से निपटने की कोशिश करेगा भारत

बांग्लादेश के चाइना से 20.3 करोड़ डॉलर में दो रीफर्बिश्ड सबमरीन खरीदने के बाद से इंडिया एक डिफेंस एग्रीमेंट करने के लिए बेचैन है. अपने पड़ोस में चाइना की दस्तक से भारत में खलबली है.

शी जिनपिंग ने पिछले साल अपनी ढाका विजिट के दौरान बांग्लादेश को 24 अरब डॉलर का लोन भी दिया था.

भारत के आस-पड़ोस के देशों में चीन के इस तरह से अपने दबदबे को बढ़ाने की कोशिशें करना और पड़ोसियों का भी दोस्ती को स्वीकार करना, चीन के राष्ट्रपति की वन बेल्ट वन रोड विजन को पूरा करता है.

शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान चाइना और बांग्लादेश के बीच संबंध व्यापक साझेदारी सहयोग से बढ़कर रणनीतिक साझेदारी सहयोग पर पहुंच गए हैं.

पूर्व विदेश सचिव ललित मानसिंह ने कहा, ‘शेख हसीना का दौरा काफी महत्वपूर्ण है. चाइनीज प्रेसिडेंट शी जिनपिंग पहले ही बांग्लादेश को उपहारों से लाद चुके हैं, ऐसे में भारत भी एक और क्रेडिट लाइन जारी करेगा लेकिन यह छोटे स्केल पर होगी. लेकिन, एक और लाइन ऑफ क्रेडिट होगी और उम्मीद है कि ममता बनर्जी के हसीना से मुलाकात करने के साथ तीस्ता पर भी मामला कुछ आगे बढ़ेगा. हालांकि, इस डील पर अभी दस्तखत होने की उम्मीद नहीं है.’

बांग्लादेश में अगले साल चुनावों के हिसाब से रणनीति तय कर रहा भारत

Sheikh Hasina

तस्वीर: पीटीआई

भारत इस बात से अवगत है कि अगले साल बांग्लादेश में आम चुनाव हैं, ऐसे में वह शेख हसीना को खाली हाथ नहीं लौटाना चाहता है. बीएनपी को उम्मीद है कि इंडिया यह सुनिश्चित करेगा कि इलेक्शंस साफ-सुथरे हों.

विपक्ष और देश में मौजूद कई बीएनपी समर्थक मानते हैं कि भारत के अवामी लीग को सपोर्ट से ही पार्टी सत्ता हासिल करने में सफल रही और वह सत्ता में रहने के लिए भारत का कहा हर काम करेगी.

बीएनपी और इसके सहयोगियों ने 2013 के इलेक्शंस का बहिष्कार किया था क्योंकि अवामी लीग ने एक केयरटेकर सरकार कायम करने से इनकार कर दिया था. वोटर टर्नआउट महज 3-5 फीसदी था, और ज्यादातर कैंडिडेट्स निर्विरोध ही जीत गए क्योंकि उन्हें टक्कर देने के लिए कोई उम्मीदवार ही नहीं था.

फजल कमाल ने कहा, ‘पिछली बार क्या हुआ था, इसे देखते हुए, उम्मीद यह है कि भारत अवामी लीग को एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया की ओर काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.’

प्रधानमंत्री शेख हसीना का औपचारिक स्वागत और नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा शनिवार को होगी.

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