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सदस्यता रद्द: शरद यादव ने कहा, लोकतंत्र के लिए बोलने की सजा

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की अर्जी पर राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को शरद यादव और अली अनवर को सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया था

Bhasha Updated On: Dec 05, 2017 02:54 PM IST

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सदस्यता रद्द: शरद यादव ने कहा, लोकतंत्र के लिए बोलने की सजा

वरिष्ठ समाजवादी नेता शरद यादव ने राज्यसभा की सदस्यता से हटाए जाने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उन्हें लोकतंत्र की खातिर बोलने की सजा मिली है.

शरद यादव ने सोमवार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्हें बिहार में बने महगठबंधन को तोड़ने संबंधी अपनी पार्टी के फैसले की खिलाफत करने के कारण संसद की सदस्यता गंवानी पड़ी है.

उन्होंने ट्वीट किया है, 'मुझे राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया है. बिहार में एनडीए को हराने के लिए बने महागठबंधन को 18 महीने में ही सत्ता में बने रहने के मकसद से एनडीए में शामिल होने के लिए तोड़ दिया गया. अगर इस अलोकतांत्रिक तरीके के खिलाफ बोलना मेरी भूल है तो लोकतंत्र को बचाने के लिए मेरी यह लड़ाई जारी रहेगी.'

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से राज्यसभा सदस्य शरद यादव और अली अनवर को सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया था. राज्यसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता आर. सी. पी सिंह ने सभापति से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की थी.

Ali-ANwar

अली अनवर

सभापति ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सोमवार देर शाम यह फैसला दिया. शरद यादव गुट के नेता जावेद रजा ने कहा कि उन्हें सोमवार देर रात इस फैसले की कॉपी मिली है. मंगलवार को इसके कानूनी पहलुओं पर विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

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