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पुरुलिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत के पीछे क्या है वजह?

बीजेपी कहा, यह तृणमूल कांग्रेस नहीं, तालिबान कांग्रेस पार्टी है. टीएमसी ने 'झारखंड बॉर्डर' का मामला उठाया

FP Staff Updated On: Jun 02, 2018 06:37 PM IST

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पुरुलिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत के पीछे क्या है वजह?

पुरुलिया में एक और शख्स का शव लटका मिला. घटना से नाराज लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. मृत व्यक्ति का नाम दुलाल कुमार है जिसकी उम्र 35 साल बताई गई है. इस घटना के बाद बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर आरोप चस्पा करने में जुट गए हैं.

बता दें कि इस ताजा घटना से दो दिन पहले त्रिलोचन महतो (20) नाम के एक व्यक्ति  का शव बलरामपुर में पेड़ से लटका मिला था.  बीजेपी ने दावा किया था कि तृणमूल ने उसके कार्यकर्ता महतो की हत्या की है. हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों से इनकार किया और इसे निराधार बताया था.

हाल की दोनों घटना हत्या की वारदात है या कुछ और, इस पर पुलिस का एक अलग ही एंगल है. पुरुलिया के एसपी जॉय बिस्वास ने बताया, पहली घटना की शुरुआती जांच में आपसी रंजीश कारण दिख रहा है. हमने जांच शुरू कर दी है. इसमें पर्याप्त कार्रवाई की जाएगी. दूसरी घटना खुदकुशी की लग रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

शनिवार की घटना से नाराज बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस को निशाने पर लिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, यह तृणमूल कांग्रेस नहीं, तालिबान कांग्रेस पार्टी है. टीएमसी आतंकवाद फैला रही है. अगर टीएमसी लड़ना चाहती है तो उसे सिद्धांतों पर चलना चाहिए. जिस ढंग से हमारे कार्यकर्ता को लटकाया गया, उसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.

शाहनवाज हुसैन ने कहा, जिस प्रकार हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, हम शांत नहीं बैठेंगे. बंगाल पुलिस टीएमसी कैडर की तरह काम कर रही है. बंगाल पुलिस और टीएमसी में कोई अंतर नहीं रह गया है.

हुसैन की टिप्पणी से पहले टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने मौत की इस घटना को घिनौना बताया. उन्होंने इस कृत्य की कड़ी आलोचना की.

डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, इस अधम कृत्य की कड़ी आलोचना करते हैं. हरेक नजरिये से इसकी जांच होनी चाहिए. इस घिनौने काम के मुजरिमों को कड़ी सजा मिले. इसमें झारखंड के बॉर्डर ने क्या भूमिका निभाई है? बजरंग दल, माओवादी और बीजेपी की मिलीभगत की जांच भी होनी चाहिए. जांच में असली सच सामने आने दीजिए.

डेरेक ओ ब्रायन के बयान से पहले बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय और बाबुल सुप्रियो ने भी टीएमसी पर जमकर निशाना साधा.

इस घटना के बारे में द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने त्रिलोचन महतो की मौत पर बंगाल सरकार से रिपोर्ट तलब की है. हाल की दोनों घटनाएं कुछ दिन पहले बीते पंचायत चुनाव के ठीक बाद सामने आई हैं. पंचायत चुनाव में बड़े स्तर पर हिंसा हुई थी जिसमें करीब 30 लोगों की जान चली गई थी. पुरुलिया में पंचायत चुनाव में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. ग्राम पंचायत की 33 फीसदी सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी.

एडीजी (कानून व्यवस्था) अनुज शर्मा ने बताया कि बंगाल सरकार ने त्रिलोचन महतो की मौत के मामले में सीआईडी से जांच कराने के आदेश दिए हैं. पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक जॉय बिस्वास ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इसी पुलिस थाना क्षेत्र में दुलाल कुमार का शव दावा गांव में एक खेत के पास लटका मिला.

कुमार की मौत से भड़के गांव वालों ने बलरामपुर पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन किया. ग्रामीण दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे. बिस्वास ने कहा, ‘हम दोषियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और जांच जारी है. हमारे अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं.’

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