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SC-ST एक्ट पर पूर्व CJI बालकृष्णनः पहली बार कोर्ट के फैसले से भड़की है हिंसा

उन्होंने कहा न्यायिक आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच हिंसा भड़के

Bhasha Updated On: Apr 13, 2018 08:43 PM IST

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SC-ST एक्ट पर पूर्व CJI बालकृष्णनः पहली बार कोर्ट के फैसले से भड़की है हिंसा

पूर्व चीफ जस्टिस (सीजेआई) के.जी. बालकृष्णन ने कहा कि एसएसी/एसटी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का विवादास्पद फैसला ‘मूल रूप से गलत’ था. साथ ही, न्यायिक आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच हिंसा भड़के.

जस्टिस (सेवानिवृत्त) बालकृष्णन की यह टिप्पणी केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट को यह कहे जाने के एक दिन बाद आई है, जिसमें उसने कहा था कि शीर्ष न्यायालय के फैसले से देश को काफी नुकसान पहुंचा है. लोगों के बीच गुस्सा एवं वैमनस्य की भावना पैदा हुई है। केंद्र ने कोर्ट से 20 मार्च के अपने आदेश पर पुनर्विचार करने का भी अनुरोध किया है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में इस कानून को कथित तौर पर कमजोर किए जाने के खिलाफ दलित संगठनों ने दो अप्रैल को एक राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया था. इसमें कम से कम 11 लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोग घायल हो गए थे. बंद समर्थकों ने विभिन्न राज्यों में ट्रेनें रोकी थी, उनकी पुलिस से झड़पें हुई थी और पुलिस चौकियों सहित निजी एवं सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था.

बालकृष्णन सीजेआई बनने वाले प्रथम दलित थे. वह 14 जनवरी 2007 से 12 मई 2010 तक इस पद पर रहे थे.

 

उन्होंने कहा कि शायद यह पहला मौका है, जब सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले ने लोगों में हिंसा को उकसाया. आमतौर पर जब हिंसा होती है तब सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करता है. लोग उसके फैसले को स्वीकार करते हैं.

पूर्व सीजेआई ने कहा कि अब लोग देश के शीर्ष न्यायालय के फैसले को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है. यह कुछ ऐसा है जो आश्चर्यजनक है. हमें यह समझना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट को ऐसा फैसला देना चाहिए जो काफी संख्या में लोगों को स्वीकार्य हो. यह समाज में हिंसा कराने वाला नहीं होना चाहिए.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च के अपने एक आदेश में एसएसी/एसटी कानून के सख्त प्रावधानों को हल्का कर दिया था.

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