S M L

जस्टिस लोया मामला: कांग्रेस ने बताया सबसे मनहूस दिन, BJP बोली-माफी मांगें राहुल

चीफ जस्टिस की बेंच ने एक अहम फैसला सुनाते हुए जस्टिस लोया मौत मामले को बंद कर दिया और कहा कि इसमें आगे जांच की जरूरत नहीं है

Updated On: Apr 19, 2018 05:04 PM IST

FP Staff

0
जस्टिस लोया मामला: कांग्रेस ने बताया सबसे मनहूस दिन, BJP बोली-माफी मांगें राहुल
Loading...

जस्टिस लोया मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद पार्टियों और नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया आने लगी है. कांग्रेस ने कहा कि भारत के इतिहास में यह सबसे मनहूस दिन है.

मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, देश के इतिहास में यह सबसे दुखद दिन है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खामियां थीं, यहां तक कि पीड़ित के नाम भी दर्ज करने में त्रुटियां रहीं.

गुरुवार को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने एक अहम फैसला सुनाते हुए जस्टिस लोया मौत मामले को बंद कर दिया और कहा कि इसमें आगे किसी जांच की जरूरत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जाने पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, अगर आप न्यायपालिका की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं तो आप सभी जांच और साक्ष्यों पर भी सवाल उठाएंगे. मुझे लगता है राहुल गांधी को अमित शाह से माफी मांगनी चाहिए.

जस्टिस लोया मामले में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने पीआईएल (जनहित याचिका) को पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बना लिया है. यह देश के लिए घातक है.

योगी ने अपने पहले ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष गांधी को निशाना बनाते हुए कहा कि 'जस्टिस लोया के मामले में वाद खारिज हो गया है, स्पष्ट है कि कांग्रेस का घिनौना चेहरा सामने आया है. राहुल गांधी ने 150 सांसदों को लेकर शिकायत की थी, जबकि सबकुछ झूठ का पुलिंदा निकला.' उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि गांधी परिवार के अलावा इस देश में कोई शासन चलाए और जो शासन अच्छे प्रकार से चलाता है उसकी छवि को निरंतर बदनाम करने का प्रयास करते हैं.

कांग्रेस के रुख पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने विस्तार से पार्टी का पक्ष रखा. उन्होंने कहा, यह केस जनहित में नहीं लाया गया था, बल्कि कांग्रेस के हित में और बीजेपी के खिलाफ लाया गया. खास कर हमारे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ.

प्रसाद ने आगे कहा, कोर्ट ने कहा राजनीति मसले राजनीतिक अखाड़े में ही लड़े जाने चाहिए. इससे साफ है कि यह राजनीतिक लड़ाई हमारे पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ लड़ी जा रही थी. मैं राहुल गांधी से आग्रह करता हूं कि राजनीतिक लड़ाई कोर्ट के माध्यम से न लड़ें.

पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि विशेष सीबीआई जज बी एच लोया की मौत की जांच की मांग वाली याचिकाएं निहित स्वार्थों के कारण दायर हुईं और इसका उद्देश्य सरकार के कामकाज पर निशाना साधना था. वरिष्ठ वकील ने इन याचिकाओं को खारिज करने के शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इन मामलों में जिस तरह से दलीलें दी गईं वह ‘अवमानना का श्रेष्ठ उदाहरण’ है.

रोहतगी ने कहा, ‘यह तथ्य कि जस्टिस की उनके सहयोगियों की मौजूदगी में मृत्यु हुई, यह दिखाता है कि इस मामले में कुछ भी गड़बड़ नहीं है. जिस तरह से इन मामलों में दलीलें दी गईं, वह अवमानना का श्रेष्ठ उदाहरण है. इसमें निहित स्वार्थ हैं क्योंकि वे इससे जुड़े लोगों पर हमला करना चाहते हैं और उन्होंने इस उद्देश्य के लिए जस्टिस का प्रयोग किया. यह अस्वीकार्य है.’

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi