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चिटफंड घोटाला: लगातार दूसरे दिन CBI ने की कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लंबी पूछताछ

सीबीआई ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष से शारदा चिट फंड और रोज वैली घोटालों के संबंध में शिलॉन्ग में अपने दफ्तर में आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की

Updated On: Feb 11, 2019 09:32 AM IST

Bhasha

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चिटफंड घोटाला: लगातार दूसरे दिन CBI ने की कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लंबी पूछताछ

सीबीआई ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद कुणाल घोष से शारदा चिट फंड और रोज वैली घोटालों के संबंध में शिलॉन्ग में अपने दफ्तर में आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. कुमार से दूसरे दिन यानी रविवार को सुबह साढ़े 10 बजे पूछताछ शुरू हुई जो देर शाम तक चली. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुमार से ये पूछताछ की गई. सीबीआई दफ्तर से बाहर आने के बाद घोष ने बताया कि उन्हें सोमवार को फिर से जांच में शामिल होना होगा. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कुमार को सीबीआई के समक्ष पेश होने और मामलों की जांच में ईमानदारी से सहयोग करने का मंगलवार को निर्देश दिया था

सीबीआई की दो सदस्यीय टीम दोपहर में शिलॉन्ग पहुंची. इस टीम में शारदा और रोज वैली घोटालों के जांच अधिकारी शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि कुमार और घोष से शुरुआत में सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने पूछताछ की थी. उन्होंने बताया कि सीबीआई के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने कोलकाता पुलिस प्रमुख से मामले में महत्त्वपूर्ण साक्ष्यों (एविडेंस) से छेड़छाड़ में उनकी कथित भूमिका को लेकर शनिवार को करीब नौ घंटे तक पूछताछ की थी.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से शारदा घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कुमार ने किया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने पूछताछ की वीडियोग्राफी से संबंधित कुमार की मांग स्वीकार नहीं की. उन्होंने बताया कि ऐसा हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान किया जाता है.

कुमार के वकीलों के हवाले से ऐसी खबरें आईं थी कि पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर सीबीआई उनसे की जा रही पूछताछ की वीडियोग्राफी कर रही है. घोष सुबह 10 बजे के बाद शिलॉन्ग आए थे और उन्होंने सीबीआई दफ्तर से महज 100 मीटर दूर एक पंडाल में मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया और फिर ओकलैंड स्थित जांच एजेंसी के उच्च सुरक्षा वाले कार्यालय में प्रवेश किया.

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया, 'दोनों से पूछताछ की गई और दोपहर बाद दोनों को आमने-सामने बिठाया गया. शुरुआती दौर में दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई.' तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद को शारदा पोंजी घोटाले में 2013 में गिरफ्तार किया गया था और 2016 से वह जमानत पर बाहर हैं. घोष ने बीजेपी नेता मुकुल रॉय और 12 अन्य को शारदा चिटफंड घोटाले में संलिप्त बताया था. रॉय कभी बनर्जी का दाहिना हाथ हुआ करते थे.

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