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संसद डायरी : जयललिता की बीमारी रही संसद में हावी

सांसद नोटबंदी पर नहीं, जयललिता की पार्टी के भविष्य के बारे में चर्चा कर रहे थे.

Updated On: Dec 06, 2016 07:29 AM IST

सुरेश बाफना
वरिष्ठ पत्रकार

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संसद डायरी : जयललिता की बीमारी रही संसद में हावी

तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जयललिता की तबीयत फिर अचानक गंभीर हो जाने का असर संसद की कार्यवाही पर भी सीधे पड़ा. आज कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां नोटबंदी पर नियम 193 के तहत बहस के लिए तैयार हो गई थीं. कांग्रेस चाहती थी कि लोकसभा में नोटबंदी पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भाषण हो.

संसद में नोटबंदी पर हावी रही जया की बीमारी 

जयललिता के गंभीर रूप से बीमार होने की खबर मीडिया में प्रमुखता के साथ छा जाने की वजह से कांग्रेस नेताअों को लगा कि यदि आज नोटबंदी पर राहुल गांधी का भाषण हुआ तो मीडिया में प्रमुखता के साथ प्रकाशित नहीं हो पाएगा.

कांग्रेस नेताअों की समस्या है कि जयललिता से संबंधित खबर जब तक मीडिया में छाई रहेगी, तब तक नोटबंदी पर बहस में शामिल होने का कोई लाभ कांग्रेस पार्टी को नहीं मिल पाएगा. इस वजह से मंगलवार को भी संसद में कोई कामकाज होने की संभावना नहीं दिखाई देती है.

Jayalalithaa

अम्मा जयललिता की तबियत बिगड़ने की खबर आते ही एआईएडीएमके के लगभग सभी सांसद तुरंत पहली उड़ान पकड़कर चेन्नई पहुंच गए. संसद भवन में आज जयललिता की पार्टी का कोई सांसद नजर नहीं आया.

संसद भवन परिसर में आज सांसद नोटबंदी पर नहीं, बल्कि जयललिता की पार्टी के भावी भविष्य के बारे में चर्चा कर रहे थे. भाजपा के नेता चाहते हैं कि उनकी पार्टी एकजुट रहे और मोदी सरकार का समर्थन करती रहें, वही कांग्रेस पार्टी को लगता है‍ कि एआईएडीएमके में विभाजन हो सकता है.

नोटबंदी पर बंटा विपक्ष 

आज लोकसभा में नोटबंदी पर विपक्षी दलों के बीच विभाजन की स्थिति साफ दिखाई दी. कांग्रेस पार्टी ने नियम 56 की बजाय अब 184 के तहत बहस कराने की मांग की, जिसमें भी मत-विभाजन होता है. बीजू जनता पार्टी और तेलंगाना राष्ट्रीय पार्टी ने नियम 193 के तहत बहस कराने का नोटिस दिया और इस नियम के तहत सदन में बहस भी शुरु हो गई.

मोदी सरकार ने कांग्रेस और अन्य दलों को साफ तौर पर बता दिया था कि स्थगन प्रस्ताव व नियम 184 के तहत बहस को इसलिए स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि हम यह नहीं चाहते कि देश काले धन के सवाल पर विभाजित हो. अब कांग्रेस का एकमात्र लक्ष्य नोटबंदी पर राहुल गांधी का भाषण करवाना है.

ममता बनर्जी के हवाई जहाज में ईंधन की कमी और सेना के हस्तक्षेप के मुद्दों ने माकपा को राज्य के आधार पर विभाजित कर दिया है. लोकसभा में माकपा के मोहम्मद सलीम ने टिप्पणी की कि ममता बनर्जी ड्रामा कर रही हैं, केरल के माकपा सांसद ममता का समर्थन करते नजर आए. राज्यसभा में भी लगभग ऐसा दृश्य देखा गया.

नोटबंदी का असर संसद भवन के परिसर में भी

मोदी की नोटबंदी का असर संसद भवन में मौजूद तीन एटीएम मशीनों पर अभी दिखाई दे रहा है. लायब्रेरी बिल्डिंग में मौजूद एटीएम मशीन में नए नोट इसलिए नहीं डाले जा रहे हैं कि वहां लंबी लाईन लगने से सामान्य कामकाज में परेशानी हो रही है.

लोकसभा और राज्यसभा के निकट लगी एटीएम मशीन पर किसी भी वक्त 50-60 लोग लाईन में देखे जा सकते हैं. इस एटीएम से केवल 2000 रूपए का ही नोट निकल रहा है. पिछले दो दिनों के दौरान 100 और 500 के नोट भी मिल रहे थे. संसद भवन में मौजूद स्टेट बैंक में भी खाताधारकों को 24 हजार रूपए चैक से भी नहीं मिल पा रहे हैं. एनेक्सी भवन की एटीएम में भी कुछ घंटे ही नोट उपलब्ध रहते हैं.

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