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विजयादशमी उत्सव के भाषण में मोहन भागवत ने क्या कहा, जानिए बड़ी बातें

आरएसएस आज यानि गुरुवार को 93वां स्थापना दिवस मना रही है. इस मौके पर नागपुर में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया

Updated On: Oct 18, 2018 11:26 AM IST

FP Staff

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विजयादशमी उत्सव के भाषण में मोहन भागवत ने क्या कहा, जानिए बड़ी बातें
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस ने आज यानि गुरुवार को अपना 93वां स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर नागपुर में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया. इस कार्यक्रम में नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मौजूद रहे.सरसंघचालक मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की और हर बार की तरह विजयादशमी उत्सव के मौके पर भाषण दिया. इस भाषण में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की.

- भागवत ने साफ किया कि हम किसी एक पार्टी के पीछे नहीं खड़े हैं, हमारा मकसद देश को सही तरीके से चलाना है.

- भागवत ने कहा, 'रामजन्मभूमि पर जल्द से जल्द राम मंदिर बने इसलिए सरकार को कानून बनाकर मंदिर निर्माण करना चाहिए.'

- उन्होंने कहा, 'यह हिंदू-मुसलमान का मसला नहीं है. यह भारत का प्रतीक है और जिस रास्ते से मंदिर निर्माण संभव है, मंदिर का निर्माण होना चाहिए.'

सबरीमाला मुद्दे पर भागवत ने कहा, स्त्री पुरुष समानता अच्छी बात है, लेकिन सालों से चली आ रही परंपरा का सम्मान नहीं किया गया.

उन्होंने कहा, बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की और स्वतंत्र भारत की पहली सरकार विदेश में बनाई. उसे भी 150 साल हुए हैं.

- उन्होंने कहा, भारत के अंदर होने वाली हिंसा हमारे देश के लिए ठीक नहीं है, इस पर काम करना होगा.

मोहन भागवत ने कहा, 'हमारे देश को तोड़ने वाली शक्तियों को पाकिस्तान और इटली से समर्थन मिलता है.'

उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने कुछ कहा लेकिन सरकार ने वह नहीं किया इससे विभेद होता है इसे समाज ही ठीक कर सकता है.'

उन्होंने कहा, 'माओवाद हमेशा अर्बन ही रहा है, ये समाज के उपेक्षित तबके का फायदा उठाता है, जिन छात्रों के पास सुविधाएं नहीं हैं, उन्हें भड़काता है.

- भागवत ने कहा कि अगर मदद समय पर न मिले तो वह मदद नहीं रह जाती. अनुसूचित जातियों के लिए योजनाएं बनती हैं लेकिन हर जगह समय पर लागू नहीं हो पाती.

भागवत ने कहा, 'कुछ शक्तियां देश को अंदर से खोखला करना चाहती हैं. अपने ही देश के लोग इन शक्तियों के साथ खड़े हो जाते हैं, इन वजहों को दूर करने की जरूरत है. देश में पुलिस की हालत में सुधार की जरूरत है.'

-  भागवत ने  कहा, 'दूसरे देशों से लेन-देन के तरीके को बंद ना करें. बल्कि उसे इस तरह चलाएं कि अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर ना रहना पड़े. हमें देश में ही अपनी सुरक्षा से जुड़ी चीजों को बनाना चाहिए.'

RSS प्रमुख ने कहा, 'पश्चिम बंगाल से लेकर हिंद महासागर तक कई द्वीप ऐसे हैं, जो सामरिक दृष्टि से काफी अहम हैं. ऐसे सभी द्वीपों की नाकाबंदी होनी चाहिए.' उन्होंने बिना नाम लेते हुए चीन पर निशाना साधते हुए कहा, 'कुछ शक्तियां मालदीव, श्रीलंका को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही हैं.'

मोहन भागवत ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, 'वहां सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन उनकी हरकतों में कोई अंतर नहीं आया. इसलिए हमें इतना शक्तिशाली होना होगा जिससे कोई हम पर हमला करने की हिम्मत ना कर पाए. बीते सालों में पूरी दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है.'

-  भागवत ने कहा, 'महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर राजनीति की कल्पना की थी. इसी वजह से पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट हुआ. हम किसी की दुश्मनी नहीं करते लेकिन जो हमसे  दुश्मनी करते हैं, उनके लिए कुछ तो करना होगा.'

- संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत एक बार फिर विश्वगुरू बन सकता है लेकिन ऐसा तब होगा जब वह पंचामृत के मंत्र पर आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा, 'बाबर के रूप में एक भयानक आंधी आई थी और उसने हमारे देश के हिंदू-मुसलमानों को नहीं बख्शा. उसके जरिए समाज को रौंदा जाने लगा.'

- उत्सव में मौजूद कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि गरीब बच्चों के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है. यह समृद्धि लाती है.

- सत्यार्थी ने कहा, 'इस कार्यक्रम में बुलाकर आरएसएस ने हमारे सभी बच्चों के प्रति प्रेम और समर्थन प्रदर्शित किया है.' सत्यार्थी ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर चिंता जताते हुए कहा, 'जो लोग शेल्टर होम चलाते हैं वह बच्चों का शोषण करते हैं लेकिन यह कहते हुए डर लगता है कि जो लोग बच्चों के लिए वेलफेयर इंस्टीट्यूट चला रहे हैं, वह भी उनका शोषण करते हैं.'

 

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