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किसी तरह के जाति आधारित भेदभाव को स्वीकार नहीं करते : RSS

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि आरएसएस ‘ ‘एक मंदिर, एक कुआं और एक शमशान’ के विचार का प्रवर्तक रहा है

Bhasha Updated On: May 04, 2018 10:05 PM IST

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किसी तरह के जाति आधारित भेदभाव को स्वीकार नहीं करते : RSS

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने  स्पष्ट किया कि वह जाति आधारित भेदभाव को स्वीकार नहीं करता है और सभी के लिये ‘एक मंदिर, एक कुआं और एक शमशान’ के विचार का प्रवर्तक है .

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि संघ समरस समाज बनाने का मुखर प्रवर्तक है जो प्रेम और करुणा की भावना पर आधारित हो .

उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सभी लोग सौहार्द के साथ रहे जहां किसी तरह का जाति आधारित भेदभाव नहीं हो.’

कुमार ने कहा, ‘हम जाति आधारित भेदभाव को स्वीकार नहीं करते है. संगठन की स्थापना के बाद से ही आरएसएस ‘ ‘एक मंदिर, एक कुआं और एक शमशान’ के विचार का प्रवर्तक रहा है.’

उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को आधारहीन बताया जिसमें कहा गया है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में आंतरिक बैठक में कहा था कि बीजेपी नेताओं का दलितों के घर जाना और खाना खाना पर्याप्त नहीं है और नेताओं को दलितों को अपने घरों में भी आमंत्रित करना चाहिए .

कुमार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ऐसी कोई बैठक नहीं हुई.

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