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EXCLUSIVE: बिहार में नहीं बचा लालू और नीतीश कुमार का महागठबंधन!

आरजेडी, जेडीयू और कांग्रेस में बयानबाजी हुई तेज.

FP Staff Updated On: Jun 27, 2017 06:16 PM IST

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EXCLUSIVE: बिहार में नहीं बचा लालू और नीतीश कुमार का महागठबंधन!

बिहार में जेडीयू-आरजेडी-कांग्रेस का महागठबंधन टूटने की कगार पर पहुंच चुका है.

दोनों पार्टियों के नेताओं के ताजा बयान से ये संकेत मिल रहे हैं कि लालू-नीतीश अलग हो सकते हैं. जेडीयू के केसी त्यागी ने कहा कि गठबंधन बचा ही कहां है? और वहीं पूर्व आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी ने जेडीयू की अथॉरिटी पर सवाल खड़े किए हैं.

इसके अलावा महागठबंधन के तीसरे घटक कांग्रेस की ओर से भी नीतीश के खिलाफ बयानबाजी हो रही है. कांग्रेस ने कहा है कि नीतीश विपक्षी दलों की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार को हराने की कोशिश कर रहे हैं.  इसका जवाब देते हुए जेडीयू के श्याम रजक ने कहा, 'कांग्रेस की हैसियत ही क्या है.'

कोविंद को समर्थन, लालू से दूरी

राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार द्वारा आरजेडी कैंडिडेट रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के बाद यह दरार बढ़ने लगी थी. इस संबंध में जल्‍द ही घोषणा होने की बात कही जा रही है.

साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने लालू यादव और उनके परिवार पर लग रहे आरोपों से अपनी पार्टी को दूर करने का फैसला कर लिया है.

केसी त्‍यागी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जेडीयू का जब बीजेपी से गठबंधन था तो उनकी पार्टी काफी सहज थी. उन्‍होंने पत्रकारों से कहा, 'हम पांच साल बिहार गठबंधन चलाना चाहते थे. लेकिन ऐसे बयान बर्दाश्‍त नहीं किए जाएंगे. जेडीयू गुलाम नबी आजाद के गैर दोस्‍ताना बयान से सहज नहीं है. किसी पार्टी के आला नेता के खिलाफ ऐसा बयान सही नहीं है.'

'दूसरी पार्टियां सुझाव न दें'

उन्‍होंने कांग्रेस और उसकी कार्यशैली पर भी जमकर हमले बोले. केसी त्‍यागी ने कहा, 'गांधी और नेहरू का सपना कांग्रेस पूरा नहीं कर पाई. हम यूपीए में नहीं हैं और हम एनडीए से भी बाहर हैं. हमें दूसरी पार्टियां सुझाव ना दें. कांग्रेस के इस तरह के बयानों से गठबंधन की उम्र घटती है.

जेडीयू नेता ने एक बार फिर दोहराया कि कि उनकी पार्टी राष्‍ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को ही समर्थन देगी.

उन्‍होंने कहा, 'कोविंद को समर्थन देने पर जदयू अडिग है. जिस दिन रामनाथ कोविंद की घोषणा हुई उनके पास 60 प्रतिशत बहुमत था. जब मीरा कुमार के नाम का ऐलान हुआ उनके पास 40 प्रतिशत से कम वोट थे. किसने हारने के लिए बिहार की बेटी को खड़ा किया.'

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