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2जी मामला: सीबीआई और ईडी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, ए राजा और कनिमोझी फिर मुश्किल में

दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की अदालत में पेश हो कर मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है

Updated On: Mar 20, 2018 10:14 PM IST

Ravishankar Singh Ravishankar Singh

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2जी मामला: सीबीआई और ईडी पहुंची दिल्ली हाईकोर्ट, ए राजा और कनिमोझी फिर मुश्किल में

भारत की दो प्रमुख जांच एजेंसियों, सीबीआई और ईडी ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी है. सीबीआई और ईडी के दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने के बाद एक बार फिर से यूपीए सरकार के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी और डीएमके प्रमुख करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले साल ही 21 दिसंबर को ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी सहित 44 आरोपियों को बरी कर दिया था. सीबीआई के स्पेशल कोर्ट के जज ओपी सैनी ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि इतनी बड़ी लूट में सीबीआई ने जिस तरह से जांच की है वह काफी हैरान करने वाली है.

न्यायाधीश सैनी ने अपने जजमेंट कहा था कि आरोपियों ने भले ही सरकारी खजाने का नुकसान पहुंचाया हो, लेकिन साक्ष्यों की कमी उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं करती. लिहाजा इस मामले के सभी आरोपियों को बरी किया जाता है. सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले से जहां ए राजा और कनिमोझी को बड़ी राहत मिली थी, वहीं जांच एजेंसियों के जांच पर सवाल उठाए जाने लगे.

सीबीआई के विशेष अदालत से बरी किए गए लोगों में डीएमके प्रमुख करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल, एसटीपीएल के शाहिद बलवा, विनोद गोयनका, फिल्म निर्माता करीम मोरानी, कलेंगनर टीवी के निदेशक पी अमृतन प्रमुख नाम थे.

दो मामले हुए थे दर्ज

2जी स्पेक्ट्रम केस में सीबीआई के तरफ से दो मामले दर्ज किए गए थे जबकि, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से एक मामला दर्ज किया गया था. इसके बावजूद ईडी और सीबीआई को अदालत में जोरदार पक्ष नहीं रखने के कारण काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन सीबीआई और ईडी के द्वारा यह मामला हाईकोर्ट में ले जाने के बाद एक बार फिर से 2जी स्पेक्ट्रम जांच के दायरे में ये सारे बरी नेता आ जाएंगे.

A television journalist sets his camera inside the premises of the Supreme Court in New Delhi February 18, 2014. India's Supreme Court commuted death sentences on three men for involvement in the killing of former prime minister Rajiv Gandhi to life imprisonment on Tuesday because of an 11-year delay in deciding on their petitions for mercy. Gandhi was killed by an ethnic Tamil suicide bomber while campaigning in an election in the southern Indian town of Sriperumbudur in May 1991. REUTERS/Anindito Mukherjee (INDIA - Tags: CRIME LAW POLITICS) - GM1EA2I1FGD01

सीबीआई ने अपने पहले के आरोप पत्र में कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में अनियमितताओं के चलते देश के सरकारी खजाने को 30 हजार 984 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था. सीबीआई औऱ ईडी की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में इस मामले की पैरवी देश के एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता कर रहे हैं.

तुषार मेहता ने इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की अदालत में पेश हो कर मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है.

सीबीआई ईडी को लगी फटकार

गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पिछले हफ्ते ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप देश के लोगों को अंधेरे में नहीं रख सकते. 2जी का मामला देश के लिए काफी गंभीर मसला था. देश जानना चाहती है कि सीबीआई और ईडी की जांच अब तक पूरी क्यों नहीं हुई. अदालत इस मामले को लेकर काफी चिंतित और सतर्क है. आप छह महीने के अंदर 2जी से जुड़े सभी मामलों की जांच पूरी कर अदालत को बताएं.

पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद और करुणानिधि की बेटी कनिमोझी पर आरोप था कि 2008 में गलत तरीके से टेलीकॉम स्पेक्ट्रम बांट दिया गया. पहले आओ और पहले पाओ की दोषपूर्ण निलामी प्रक्रिया और और स्पेक्ट्रम हासिल करने वाली कंपनियों पर सवाल खड़े किए गए.

यह मामला सबसे पहले कैग की रिपोर्ट में उजागर हुआ था. पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय ने इस मामले का पर्दाफाश किया था. साल 2010 में कैग ने रिपोर्ट कहा था कि इस नीलामी प्रक्रिया से सरकार के खजाने से 76 हजार करोड़ का नुकसान हुआ.

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