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सरदार पटेल के योगदान को देश भुला नहीं सकता: पीएम मोदी

केंद्र सरकार देशभर में 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाती है

Updated On: Oct 31, 2017 03:18 PM IST

Bhasha

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सरदार पटेल के योगदान को देश भुला नहीं सकता: पीएम मोदी

मोदी ने कहा कि भारतीय पीढ़ी दर पीढ़ी पटेल को याद रखेंगे, खासकर युवा जो उनकी विरासत को आगे लेकर जाएंगे. मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम से शुरू हुई इस ‘रन फॉर यूनिटी’ में कर्णम मल्लेश्वरी, दीपा करमाकर, सरदार सिंह और सुरेश रैना जैसी प्रख्यात खेल हस्तियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया.

कुल 1.5 किलोमीटर की यह दौड़ इंडिया गेट और शाहजहां रोड के पास बने सी-हेग्सागन पर समाप्त हुई.

इससे पहले, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संसद मार्ग स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.

प्रधानमंत्री ने बताया कि आजादी के पहले और भारत के आजाद होने के बाद शुरुआती वर्षों में सरदार पटेल का जो योगदान रहा, उस पर देश में हर कोई गर्व करता है.

मोदी ने कहा, ‘सरदार पटेल को उनकी जयंती पर हम नमन करते हैं. उनकी महत्वपूर्ण सेवाओं और अमूल्य योगदान को भारत कभी भुला नहीं सकता.’

विविधता है भारत की ताकत

विविधता को भारत की ताकत बताते हुए मोदी ने कहा कि यहां कई भाषाएं, धर्म, संस्कृतियां, परंपराएं, जीवनशैली और खानपान की विविध आदतें हैं. उन्होंने कहा, ‘लेकिन ये हमारी ताकत है और यही हमारा उज्ज्वल भविष्य है. भारत को हमारी विविधता पर गर्व है.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि भारत एक एकजुट देश बन पाया है तो इसकी वजह पटेल की प्रशासनिक सूझबूझ और मजबूत नेतृत्व है लेकिन देश उन्हें उचित सम्मान नहीं दे रहा.

मोदी ने कहा, ‘राजेंद्र बाबू आज जहां भी होंगे, खुश होंगे कि अब हम पटेल के योगदान को याद कर रहे हैं, हालांकि कुछ लोगों ने इसे कमतर करके दिखाने और उसे मिटाने के प्रयास किए. देश पटेल को याद करता रहेगा.’

मोदी ने कहा कि कुछ देशों में यहां तक कि एक ही पंथ के लोग एक-दूसरे के प्रति असहिष्णु हैं, एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाना और खत्म कर देना चाहते हैं. लेकिन भारत में विविधता के बावजूद सभी लोग एकजुट हैं.

उन्होंने कहा, ‘हमारे देश को एकजुट रहना चाहिए. यह सुनिश्चित करना 125 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी है कि भारत एकजुट बना रहे.’ अपने भाषण की शुरुआत में मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश को एकजुट करने के अलावा पटेल ने आजादी के तुरंत बाद शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा की चुनौती का भी सफलतापूर्वक सामना किया.

उन्होंने कहा, ‘आजादी के समय देश की एकता और अखंडता को बरकरार रखने के पीछे मुख्य शक्ति सरदार पटेल ही थे.’ केंद्र सरकार देशभर में 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाती है.

‘रन फॉर यूनिटी’ में अनंत कुमार, विजय गोयल, राज्यवर्धन सिंह राठौर और हरदीप पुरी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.

हॉकी खिलाड़ी सरदार सिंह ने इस मौके पर कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ देश की एकता और अखंडता की झलक दिखाने के लिए एक सराहनीय पहल है.

जिमनास्ट दीपा करमाकर ने कहा कि देश के एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान को याद करने के लिए आयोजित दौड़ का हिस्सा बनकर वह गौरवांवित महसूस कर रही हैं.

पटेल का जन्म 31 अक्तूबर 1875 को हुआ था. उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था.

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