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रामनाथ कोविंद के बारे में क्या थी गुरु रामभद्राचार्य की भविष्यवाणी?

रामभद्राचार्य जी ने कहा कि 'तुम्हें पुनः कह रहा हूं कि आने वाले दिनों में तुम भारत के सर्वोच्च पद पर विराजित होंगे'

Prabhat Jha Updated On: Jun 20, 2017 03:01 PM IST

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रामनाथ कोविंद के बारे में क्या थी गुरु रामभद्राचार्य की भविष्यवाणी?

एनडीए द्वारा राष्ट्रपति का उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को घोषित किया गया है. लोग अचंभित हो गए. राजनैतिक पंडितों और विश्लेषकों के गणित भी फेल हो गए. पिछले एक महीने से अखबारों या चर्चा में जो नाम थे, उनसे कहीं दूर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच यह थी कि यह वर्ष संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अंबेडकर जी की 125 वीं वर्षगांठ मनाने का है.

एनडीए ने राष्ट्रपति के लिए जिस रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाया है वे भी संविधान के पूर्ण ज्ञाता हैं. वे हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में अधिवक्ता रहे हैं. कोविंद जी उत्तरप्रदेश के कानपुर देहात की तहसील डेरापुर के गांव परौंख में पैदा हुए.

वे अनुसूचित जाति के हैं. इसलिए हमने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाकर एनडीए ने डाॅ. भीमराव अंबेडकर जी के सपनों को साकार करने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है.

रामनाथ कोविंद जी जब राज्यसभा में थे तब उनके साथ कार्य करने का मुझे अवसर मिला. उस समय मैं बीजेपी संसदीय दल में आॅफिस सेक्रेट्री था. कोविंद सहज, सरल और विनम्रता के प्रतीक हैं. उनकी भाषा और उनकी बोली सदैव मृदुभाषी रही है.

PTI

दलितों और गरीबों की आवाज उठाने वाले

सदन में वे दलितों और गरीबों की आवाज उठाने में सदैव आगे रहते थे. उनकी वाकपटुता के सभी कायल हो जाते हैं. राजनैतिक जीवन में उनकी छवि साफ सुथरी रही है. वे भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय कोली समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं.

मेरा उनका परिचय सन् 2002 में उत्तरप्रदेश में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में कुशाभाऊ ठाकरे जी ने करवाया था. वे अक्सर मीडिया में जाने से पूर्व हमारे साथ बैठकर तैयारी करते थे. वे अनावश्यक बोलते नहीं थे और आवश्यक बातें छोड़ते नहीं थे.

वे सन् 1993 से लेकर 2005 तक राज्यसभा के सदस्य रहे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी और उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी जी के युग में उत्तरप्रदेश में बीजेपी के सबसे बड़े दलित और पिछड़े नेता के रुप में रामनाथ कोविंद जी का नाम था.

वे राज्यसभा की अनेक समितियों में सदस्य रहे हैं. कोविंद ने सन् 1997 में केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति के कर्मचारियों के हितों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के खिलाफ आंदोलन में भी हिस्सा लिया. उनके प्रयासों से वे आदेश अमान्य कर दिए गए.

एक वकील के रूप में कोविंद जी ने हमेशा गरीबों और कमजोरों की मदद की. खासकर अनुसूचित जाति, जनजाति के लोगों, महिलाओं, जरूरतमंदों तथा गरीबों की फ्री लीगल एड सोसायटी के बैनर तले मदद करते थे.

कोविंद जी का अकादमिक जीवन

कोविंद जी लखनऊ स्थित डाॅ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान कोलकता के बोर्ड आॅफ गवर्नर्स के सदस्य भी रह चुके हैं.

कोविंद जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अक्टूबर 2002 में महासभा को भी संबोधित किया था. कोविंद जी ने दिल्ली में रहकर आईएएस की परीक्षा पास की लेकिन मुख्य सेवा के बजाय एलायड सेवा में चयन होने पर नौकरी ठुकरा दी.

सन् 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद कोविंद जी तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे. तभी से वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी उन्हें जानते थे.

ramnath kovind with pm modi

गुरु रामभद्राचार्य ने सर्वोच्च पद पर बैठने की भविष्यवाणी की थी

रोचक घटना यह है कि इसी वर्ष मध्यप्रदेश के चित्रकूट में कोविंद जी बिहार के राज्यपाल के नाते स्व नानाजी देशमुख के शताब्दी वर्ष पर आयोजित अखिल भारतीय कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे उस मंच पर मैं भी था.

वहां हम दोनों जगत गुरु रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के संस्थान और चांसलर परम पूज्य जगत गुरु रामभद्राचार्य जी से मिलने गए. जब कोविंद जी उनसे आशीर्वाद ले रहे थे, तब जगत गुरु रामभद्राचार्य जी ने कहा था कि मैं तो आपको कहीं और देखना चाहता हूं.

उसके बाद मैंने उनसे आग्रह किया कि बिहार में सीतामणि स्थित सीताजी की जन्मस्थली पुनोराधाम में जगत गुरु रामभद्राचार्य जी की प्रतिवर्ष आम जनता के लिए निःशुल्क रामकथा होती है. जगत गुरु रामभद्राचार्य जी ने कोविंद जी से आग्रह किया कि वे 3 मई 2017 में पुनोराधाम सीताजी की जन्मस्थली पर आएंगे तो बिहार वासियों को अच्छा लगेगा.

कोविंद जी ने मुझे और जगत गुरु रामभद्राचार्य जी को आश्वस्त किया कि पुनोराधाम अवश्य आएंगे. जानकी नवमी के एक दिन पूर्व पटना से बिहार सरकार के हेलिकॉप्टर से मैं उनके साथ मां जानकी जी की जन्मस्थली पुनोराधाम पहुंचा. वहां पर जगत गुरु रामभद्राचार्य जी से जब कोविंद जी आशीर्वाद ले रहे थे. तब जगत गुरु रामभद्राचार्य जी ने कहा कि 'तुम्हें पुनः कह रहा हूं कि आने वाले दिनों में तुम भारत के सर्वोच्च पद पर विराजित होंगे, मैं आंखों से देख नहीं सकता पर आध्यात्मिक शक्ति के आधार पर जो देख रहा हूं तुम्हारा स्थान सर्वोच्च है.'

हम नहीं जानते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी सहित पार्लियामेंट बोर्ड ने रामनाथ कोविंद जी को राष्ट्रपति का उम्मीदवार क्यों बनाया पर जगत गुरु रामभद्राचार्य जी की आध्यात्मिक शक्ति के आधार पर उद्घोषित वाक्य कि तुम भारत के सर्वोच्च पद पर बैठोगे, के पीछे भारत की 125 करोड़ की जनभावना प्रेषित थी और कुल योग यही रहा कि देश का आमजन यही सोचता है.

( लेखक प्रभात झा राज्यसभा सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं )

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