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SC-ST एक्ट: LJP के बाद अब JDU के सख्त तेवर से बीजेपी की बढ़ी मुश्किल

दलित वोटबैंक के मद्देनजर एनडीए के भीतर गैर-बीजेपी दल इस मुद्दे पर एकजुट दिखाई दे रहे हैं

Alok Kumar Updated On: Jul 28, 2018 02:22 PM IST

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SC-ST एक्ट: LJP के बाद अब JDU के सख्त तेवर से बीजेपी की बढ़ी मुश्किल

जनता दल (यूनाईटेड) ने दलित एक्ट के कड़े प्रावधानों को अध्यादेश के जरिए बहाल करने की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) की मांग का समर्थन किया है. इसके साथ ही इस मामले पर फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके गोयल को रिटायरमेंट के 48 घंटों के अंदर नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) का चेयरमैन बनाने के फैसले पर सवाल उठाया है.

इससे पहले एलजेपी नेता व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान ने शुक्रवार को मोदी सरकार को 9 अगस्त से पहले एके गोयल को एनजीटी के चेयरमैन पद से हटाने और एससी-एसटी एक्ट पर अध्ययादेश लाने का अल्टीमेटम दिया था.

जस्टिस एके गोयल सुप्रीम कोर्ट के उस बेंच में शामिल थे, जिसने 20 मार्च को दलित उत्पीड़न कानून के गैर जमानती प्रावधान को खत्म कर देने का फैसला दिया था.

दलित वोट बैंक के मद्देनजर एनडीए के भीतर गैर-बीजेपी दल भी इस मसले पर एकजुट दिखाई दे रहे हैं. जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने शनिवार को न्यूज़18 से बातचीत में कहा कि जब वीपी सिंह की अगुवाई में लालू यादव, शरद यादव, रामविलास पासवान सब साथ थे, तब दलित हितों की रक्षा के लिए यह कानून बना था. इसलिए आज अगर कोई भी इसमें छेड़छाड़ करता है, तो इसका विरोध होना स्वाभाविक है.

त्यागी ने आने वाले 9 अगस्त को दलित संगठनों के देशव्यापी आंदोलन में एलजेपी के शामिल होने के फैसले को भी जायज ठहराया है. उन्होंने बीजेपी के दलित वोट बैंक खिसकने की चेतावनी देते हुए कहा कि जब 2019 में दलित वोट ही नहीं करेगा, तो एनडीए कहां बैठेगा. हमें उनके सरोकारों पर ध्यान देना चाहिए या नहीं?

(न्यूज़18 के लिए आलोक कुमार की रिपोर्ट)

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