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राम मंदिर एक पार्टी का एजेंडा हो सकता है, केंद्र सरकार का नहीं: चिराग पासवान

चिराग पासवान ने कहा- बीजेपी को किसी को भी राम मंदिर निर्माण और बजरंगबली की जाति जैसे मुद्दों को उठाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए

Updated On: Dec 17, 2018 09:30 AM IST

FP Staff

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राम मंदिर एक पार्टी का एजेंडा हो सकता है, केंद्र सरकार का नहीं: चिराग पासवान

2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एलजेपी प्रमुख राम विलास पासवान के बेटे और जमुई के सांसद चिराग पासवान ने कहा- राम मंदिर केवल एक पार्टी के लिए एजेंडा हो सकता है न की एनडीए या केंद्र सरकार के लिए. इंडियन एक्स्प्रेस से बात करते हुए एलजेपी पार्लियामेंटरी बोर्ड के चेयरपर्सन चिराग पासवान ने कहा- बीजेपी को किसी को भी राम मंदिर निर्माण और बजरंगबली की जाति जैसे मुद्दों को उठाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए. उन्होंने कहा- हमने 10 दिसंबर को एनडीए की बैठक में स्पष्ट रूप से कहा था कि हमें अपने विकास एजेंडे के साथ डटे रहना चाहिए.

बीजेपी ने अभी तक गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा नहीं की है

चिराग ने कहा- कुछ लोग राम मंदिर (निर्माण) और बजरंगबली (यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान हनुमान को दलित कहा था) जैसे मुद्दों को उठाते हैं जो केवल लोगों को भ्रमित करता है. मंदिर एक पार्टी का एजेंडा हो सकता है लेकिन एनडीए या सरकार का नहीं. इसके लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार करना चाहिए. राम मंदिर पर अध्यादेश लाने की बात पर चिराग ने कहा- यह एक काल्पनिक स्थिति है. इसे लेकर हमारा स्टैंड साफ है. हम अदालत द्वारा दिए गए किसी भी फैसले का पालन करेंगे. अगर अध्यादेश की बात है तो यह नहीं आ रहा है. बीजेपी ने अभी तक गठबंधन सहयोगियों के साथ इस पर चर्चा नहीं की है. मुझे नहीं लगता कि सरकार इस पर कोई अध्यादेश लाएगी.

बीजेपी को अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है

चिराग ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से युवकों औक किसानों की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देने की गुजारिश की है. उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के पीछे युवकों का हाथ सबसे ज्यादा रहा है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी की सरकान ने किसानों के बारे में सोचा है और आगे भी इस पर काम होने की वह उम्मीद रखते हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के बारे में चिराग ने कहा कि बीजेपी को अपनी रणनीति में बदलाव करने की जरूरत है लेकिन हौसला नहीं खोना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनका ध्यान सिर्फ विकास पर है. उन्हें पता है कि राम मंदिर लंबे समय से बीजेपी की एजेंडा रहा है लेकिन गठबंधन सहयोगी होने के कारण विकास की कामना करते हैं.

एससी-एसटी अधिनियम संशोधन पर भ्रम पैदा किया गया था

चिराग भी जेडी (यू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर की बात से आंशिक रूप से सहमत हुए कि बीजेपी की लोकप्रियता 2014 के बाद से गिर गई है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि एससी-एसटी अधिनियम संशोधन पर अध्यादेश के बारे में भी भ्रम पैदा किया गया था. उन्होंने कहा कि किसी को पता होना चाहिए कि अधिनियम ऊपरी जातियों के खिलाफ नहीं है क्योंकि कुछ लोग सुझाव देने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन यह अपराधियों के खिलाफ है. अधिनियम का दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है, यह केवल मजबूत बना दिया गया था.

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