S M L

अयोध्या विवाद: जल्द सुनवाई से इंकार का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया स्वागत

बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी से फ़र्स्टपोस्ट ने बातचीत की

Updated On: Mar 31, 2017 01:22 PM IST

Amitesh Amitesh

0
अयोध्या विवाद: जल्द सुनवाई से इंकार का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया स्वागत

अयोध्या विवाद के जल्द सुलझने के आसार अब खत्म होते दिख रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें स्वामी ने इस मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्वागत किया है. बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी ने फ़र्स्टपोस्ट से बातचीत में कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वाभाविक है. सुब्रमण्यन स्वामी कोर्ट का ध्यान इधर-उधर भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.'

कमाल फारुकी ने स्वामी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'जम्प्स इनटू दे वेल एंड से समथिंग' यही उनका तरीका है.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्वामी को निशाने पर लेते हुए कहा कि ‘अगर याचिका ही दायर कर रहे हैं तो सभी पक्षकारों को पहले सूचित करना होगा, लेकिन वो कहते हैं कि हमारा तरीका यही है. वो सुप्रीम कोर्ट से ऊपर तो नहीं हैं.’

कमाल फारुकी ने कहा कि ‘सुब्रमण्यन स्वामी सुप्रीम कोर्ट में कुछ और कहते हैं लेकिन, जब बाहर निकलते हैं तो इस बात की धमकी देते हैं कि हम कानून के जरिए राम मंदिर बनाएंगे.’

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में सुब्रमण्यन स्वामी की दलील थी कि वह एक आस्थावान नागरिक हैं और इस नाते अयोध्या में  पूजा नहीं कर पा रहे हैं. इस जवाब में कमाल फारुकी ने कहा कि इसी बात को लेकर तो झगड़ा है.

फारुकी की दलील है कि ‘अयोध्या में पिछले साढ़े पांच सौ साल से नमाज अदा होती रही है. ऐसे में मुस्लिम समाज का दावा रहा है कि उस जगह पर हमारा अधिकार है.' फारुकी का कहना है कि हमें तो नहीं पता कि वहां मंदिर था.

कमाल फारुकी का कहना है कि ‘जब कोई व्यक्ति कानून को हाथ में लेकर कोर्ट की मर्यादा का ध्यान नहीं करता तो सुप्रीम कोर्ट और क्या करता. यही करता जो उसने किया है.’

इसी मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक हफ्ते पहले ही इस विवाद को सभी पक्षों में बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की गई थी.

कोर्ट ने इस मामले में मध्यस्थता की भी बात की थी. लेकिन, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कोर्ट के बाहर इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने का सुझाव खारिज कर दिया था.

इसके बाद अब सबकी उम्मीदें कोर्ट के रुख पर टिकी थीं. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यन स्वामी की बात को सिरे से खारिज कर दिया है. अब स्वामी दूसरे रास्ते से आगे बढ़ने की बात कह रहे हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi