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महबूबा से नाता तोड़ा है, जम्मू-कश्मीर की अवाम से नहीं: बीजेपी

बीजेपी महासचिव ने कहा, विकास की जहां तक बात है तो केंद्र के दिए 80 हजार करोड़ रुपए के बावजूद वादी, जम्मू और लद्दाख में विकास कार्यों पर काफी कम ध्यान दिया गया

FP Staff Updated On: Jun 21, 2018 06:24 PM IST

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महबूबा से नाता तोड़ा है, जम्मू-कश्मीर की अवाम से नहीं: बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के महासचिव राम माधव ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी ने सिर्फ पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से नाता तोड़ा है न कि जम्मू-कश्मीर की जनता से. माधव ने यह भी कहा कि गठबंधन तोड़ने के पीछे जनादेश से जुड़ा कोई कारण नहीं है और फैसला देशहित में उठाया गया है.

बीजेपी के महासचिव ने कहा, तीन साल पहले जब पीडीपी के साथ गठबंधन किया गया तो मकसद यह था कि प्रदेश में शांति और स्थिरता बहाल हो. साथ ही चहुंओर विकास के कार्य संपन्न हों. राम माधव ने आगे यह भी जोड़ा कि प्रदेश में काफी विषम परिस्थितियों के बावजूद आंतकियों को ठिकाने लगाया गया.

उन्होंने कहा, बीजेपी गठबंधन से इसलिए अलग नहीं हुई क्योंकि वह सियासत और विकास के मोर्चे पर नाकाम साबित हुई. माधव ने एएनआई से कहा, राजनीति के मोर्चे पर कई कदम उठाए गए. हमने अलगाववाद की समस्या निपटाने और जम्मू-कश्मीर को एकजुट रखने के हरसंभव प्रयास किए. विकास की जहां तक बात है तो केंद्र के दिए 80 हजार करोड़ रुपए के बावजूद वादी, जम्मू और लद्दाख में विकास कार्यों पर काफी कम ध्यान दिया गया.

बीजेपी महासचिव ने कहा कि जम्मू और लद्दाख में विकास को लेकर तरफदारी की भावना पैदा हो गई थी और कश्मीर में गैर-विकास की रणनीति ने बीजेपी को पीडीपी से अलग-थलग करने में भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, दोनों पार्टियों में मनफिराव की भावना को दूर करने के बजाय पीडीपी ने तुष्टिकरण पर जोर दिया. इन सब कारणों से हमें लगा कि दोनों पार्टियों के रास्ते जुदा हो गए हैं.

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