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राज्य सभा चुनाव: जानिए क्या है सीटों का गणित, किसको मिलेंगी कितनी सीटें

बीजेपी को यहां बहुमत के लिए 126 सीटों की जरूरत है. उसके अभी 58 सदस्य हैं. कांग्रेस के 54 सदस्य हैं

FP Staff Updated On: Mar 22, 2018 09:58 PM IST

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राज्य सभा चुनाव: जानिए क्या है सीटों का गणित, किसको मिलेंगी कितनी सीटें

राज्य सभा की 58 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है. जहां वोटिंग होगी, उनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश प्रमुख हैं. उत्तर प्रदेश इस मायने में भी अहम है कि यहां से दस सदस्य चुने जाने हैं. सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा.

राज्य सभा में अभी 245 सदस्य हैं. इनमें से 233 चुने गए हैं और 12 नामांकित हैं. राज्य सभा के लिए सदस्यता छह साल की होती है. बीजेपी को यहां बहुमत के लिए 126 सीटों की जरूरत है. उसके अभी 58 सदस्य हैं. कांग्रेस के 54 सदस्य हैं.

4 बजे तक वोटिंग होने के बाद वोटों की गिनती पांच बजे शुरू होगी. देर शाम सारे नतीजे आ जाने की उम्मीद है. उत्तर प्रदेश की 10, महाराष्ट्र की 6, बिहार की 6, पश्चिम बंगाल की पांच, मध्य प्रदेश की 5, गुजरात की 4, कर्नाटक की 4, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और ओडिशा की 3-3, झारखंड की दो, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की 1-1 सीटों पर वोटिंग होनी है.

दस राज्यों से 33 सदस्य सर्वसम्मति से चुन लिए जाएंगे. बाकी 25 सीटों के लिए छह राज्यों में वोटिंग होगी. ये छह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, झारखंड, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना.

चुनाव का फॉर्मूला 

एक विधायक की वोट की कीमत 100 के बराबर होती है. फॉर्मूला है (एमएलएx100/(सीटें+1)+1. उदाहरण के लिए जैसे उत्तर प्रदेश में 403 विधायक हैं. यहां दस सीटें खाली हैं. इसलिए वहां इस फॉर्मूले से वोटों की जरूरत होगी (403x100/(10+1)+1=3664. इसी तरह गोवा में 2001 वोट की जरूरत होगी.

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के 311 विधायक हैं. उसे कम से कम आठ सीटें आसानी से जीतनी चाहिए. समाजवादी पार्टी के 47 विधायक हैं. उसे एक सीट मिलेगी. बची हुई एक सीट के लिए कशमकश है.

New Delhi: A view of the Rajya Sabha in New Delhi on Wednesday. PTI Photo / TV GRAB (PTI1_3_2018_000108B)

बिहार में छह सीटें हैं. जेडीयू के 71 विधायक हैं. बीजेपी के लिए 53 और आरजेडी के 80 विधायक हैं. जेडीयू और आरजेडी दो-दो सांसद चुनने की स्थिति में हैं. बीजेपी अपने दम पर एक सांसद चुन सकती है. कांग्रेस को आरजेडी के साथ मिलकर एक सीट पर जीत मिल सकती है. यानी यहां यूपीए और एनडीए को 3-3 सीट मिलती दिख रही हैं.

महाराष्ट्र में छह सीटें हैं. यहां बीजेपी के दो और शिवसेना का एक सांसद चुना जा सकता है. दोनों मिले, तो चौथा सांसद भी चुन सकते हैं. एक सीट कांग्रेस के हिस्से है. एनसीपी को एक उम्मीदवार के लिए छोटी पार्टियों या निर्दलीय के समर्थन की जरूरत होगी.

चार सदस्यों को राज्यसभा भेज सकती है टीएमसी 

पश्चिम बंगाल की पांच सीटों में 50 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी. त्रिणमूल कांग्रेस के 213 विधायक हैं. वो कम से कम चार सांसद राज्य सभा में भेज सकती है. कांग्रेस के 42 विधायक हैं. उसे टीएमसी या सीपीएम की मदद की जरूरत है अपने एक सदस्य को जिताने के लिए.

मध्य प्रदेश की पांच सीटें हैं. बीजेपी के लिए चार सीटें तय हैं. पांचवीं सीट कांग्रेस के हिस्से आएगी.

गुजरात की चार सीटें हैं. कांग्रेस के पास दो सांसदों को जिताने लायक समर्थन है. बाकी दो पर आसानी से बीजेपी जीत जाएगी. कर्नाटक की चार सीटों में कांग्रेस के लिए दो सीट तय हैं. बीजेपी को जेडी (एस) के समर्थन से एक सीट जीतनी चाहिए. संभव है कि दूसरी सीट भी एनडीए को निर्दलीय विधायकों के समर्थन से मिल जाए.

आंध्र प्रदेश की तीन सीटों में टीडीपी को दो मिलेंगी. एक सीट वाईएसआर कांग्रेस के पक्ष में जाएगी. ओडिशा की तीन सीटें हैं. बीजेडी के पास 118 विधायक हैं. तीनों सीटें बीजेडी को जाने वाली हैं. तेलंगाना की तीन सीटें टीआरएस के हिस्से हैं.

राजस्थान में तीन सीटें हैं. बीजेपी के पास नंबर गेम के लिहाज से तीनों जीतना तय है. झारखंड में दो सीटें हैं. बीजेपी के लिए एक सीट जीतना तय है. दूसरी सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा को मिलनी चाहिए, अगर उसे कांग्रेस और जेवीएम (पी) का समर्थन मिलता है.

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ की एक-एक सीट बीजेपी को मिलना तय लग रहा है. हरियाणा में भी एक सीट बीजेपी को मिलती दिख रही है. केरल में एक सीट है, जो सीपीएम को सहयोगी दलों की मदद से मिल जाएगी.

(न्यूज 18 से उदय सिंह राणा के इनपुट के साथ) 

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