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राज्यसभा उपसभापति चुनाव: आंकड़ों की जाल में उलझा जीत का सियासी गणित

जेडीयू के सांसद हरिवंश एनडीए के उम्मीदवार हो सकते हैं. विपक्ष को मात देने के लिए इसे बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है

FP Staff Updated On: Aug 06, 2018 10:17 PM IST

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राज्यसभा उपसभापति चुनाव: आंकड़ों की जाल में उलझा जीत का सियासी गणित

9 अगस्त को राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव होने वाला है. चुनाव होने की स्थिति में एनडीए और यूपीए के बीच इस पद को लेकर रोचक टक्कर होने की उम्मीद की जा रही है. सूत्रों की मानें तो जेडीयू के सांसद हरिवंश एनडीए के उम्मीदवार हो सकते हैं. इसे बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है.

समाजवादी नेता के रूप में हरिवंश की छवि विपक्षी दलों के बीच काफी अच्छी है. इसके साथ-साथ 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए इसे बीजेपी द्वारा एनडीए के कुनबे को संगठित रखने की कवायद के रूप में भी देखा जा सकता है. हरिवंश को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी भी यह भी संदेश देना चाहती है कि उसके और जेडीयू के बीच सब कुछ सही है.

आंकड़ों में फिलहाल विपक्ष आगे

यह चुनाव लोकसभा के चुनाव से पहले विपक्षी एकता की भी परीक्षा है. 245 सदस्यीय राज्यसभा में अभी 244 सदस्य हैं और 1 सीट खाली है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए 123 वोटों का जुगाड़ करना होगा क्योंकि दोनों पक्ष अभी इस जादुई आंकड़े से दूर हैं. सत्ताधारी एनडीए राज्यसभा में 90 सांसद हैं. इसमें बीजेपी के 73, बोडो पीपुल्स फ्रंट के पास 1, जेडीयू के 6, नामांकित सदस्य 4, आरपीआई (ए) के 1, शिरोमणि अकाली दल के 3 और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 1 सांसद शामिल हैं.

इसके अलावा हालिया बने बनते बिगड़े विपक्षी गठजोड़ पर नजर डालें तो फिलहाल संयुक्त विपक्ष के पास 112 सांसदों का समर्थन दिख रहा है. इसमें कांग्रेस के 50, आम आदमी पार्टी के 3, बीएसपी के 4, टीएमसी के 13, सीपीआई के 2, सीपीएम के 5, डीएमके के 4, इंडियन मुस्लिम लीग के 1, जेडीएस के 1, केरल कांग्रेस के 1, एनसीपी के 4, आरजेडी के 5, एसपी के 13, टीडीपी के 6 सांसद शामिल हैं.

ये दल तय करेंगे किसे मिलेगी उपसभापति की कुर्सी

इसके अलावा अलग-अलग पार्टियों के 42 सांसद क्या रुख अपनाएंगे यह नहीं कहा जा सकता है. इसमें एआईएडीएमके के 13, बीजू जनता दल के 9, इंडियन नेशनल लोकदल के 1, पीडीपी के 2, शिवसेना के 3, टीआरएस के 6, वाआईएसआर कांग्रेस के 2 और निर्दलीय 6 शामिल हैं.

एआईएडीएमके ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान एनडीए का साथ दिया था, इस वजह से यह उम्मीद की जा सकती है वो उपसभापति के चुनाव में भी एनडीए का साथ दे सकती है. एआईएडीएमके को जोड़ने के बाद भी एनडीए का आकंड़ा 103 होता है.

शिवसेना के भी राज्यसभा में 3 सांसद हैं और वो फिलहाल एनडीए में भी शामिल है लेकिन बीजेपी से उसकी दूरियों की वजह से शिवसेना क्या रुख अपनाएगी यह अभी नहीं कहा जा सकता. हाल में टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव ने दो बार पीएम मोदी से मुलाकात की है. पीएम मोदी सीएम राव के काम की सार्वजनिक रूप से तारीफ भी कर चुके हैं. इससे यह उम्मीद की जा रही है कि वो भी एनडीए का साथ दे सकती है.

बीजू जनता के 9 सांसदों की भूमिका भी अहम हो जाती है. जिस तरह बीजेपी ओडिशा में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है, इस स्थिति में उसे बीजेडी को अपने पाले में खींच लाने में मुश्किल हो सकती है. अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बीजेडी, शिवसेना और टीआरएस सदन से अनुपस्थित रहे थे. ऐसे में कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये तीन दल उपसभापति की वोटिंग से भी नदारद रह सकते हैं. टीडीपी के विपक्षी खेमे में शामिल होने से संभव है आंध्र प्रदेश में उसकी विरोधी पार्टी वाआईएसआर कांग्रेस एनडीए उम्मीदवार को वोट करे या वोटिंग से अनुपस्थित रहे.

विपक्ष चल सकता है ये चाल?

वैसे तो जेडीयू के सांसद और पेशे से पत्रकार रहे हरिवंश का नाम आगे करके बीजेपी विपक्ष के मुकाबले बेहतर स्थिति बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन विपक्षी खेमा भी इस तरह की कोशिश कर एनडीए और बीजेपी को पटखनी देने की कोशिश करेगी. मंगलवार को विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति के उम्मीदवार को लेकर 1 बजे बैठक बुलाई है लेकिन सूत्रों की मानें तो विपक्ष की तरफ से टीएमसी सांसद सुखेंदु शेखर राय उम्मीदवार हो सकते हैं.

ममता बनर्जी ने हाल ही में गैर बीजेपी और गैर कांग्रेस दलों और अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाया है. टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव के साथ उनके अच्छे संबंध हैं. इसी वजह से टीएमसी के उम्मीदवार को समर्थन करने में हो सकता है कि बीजेडी और आम आदमी पार्टी को भी कोई परेशानी नहीं होगी. फिलहाल कांग्रेस भी बीजेपी को रोकने और 2019 से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार दिख रही है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस उपसभापति पद के लिए किसी अन्य दल के उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए तैयार है.

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