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राजस्थान: रामगढ़ विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, कौन मारेगा बाजी?

राज्य में सात दिसम्बर को हुए 199 विधानसभा सीटों के चुनाव में 99 सीट पर कांग्रेस, एक सीट पर कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी आरएलडी ने जीत दर्ज की थी.

Updated On: Jan 27, 2019 06:11 PM IST

Bhasha

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राजस्थान: रामगढ़ विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला, कौन मारेगा बाजी?

राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को होने वाले चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस, विपक्षी बीजेपी और बीएसपी प्रत्याशी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है.

दरअसल सात दिसम्बर 2018 को राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बीएसपी प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण इस सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था. रामगढ़ विधानसभा सीट पर 28 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी समेत 20 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है. बीएसपी ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है, जबकि सत्ताधारी कांग्रेस ने अलवर की पूर्व जिला प्रमुख साफिया जुबेर खान को और बीजेपी ने पूर्व प्रधान सुखवंत सिंह को टिकट दिया है.

सकारात्मक फीडबैक

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बताया कि हमें रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से सकारात्मक फीडबैक मिल रहा है और इस सीट पर हमारी जीत तय है. सात दिसम्बर को हुए चुनाव में राजस्थान की जनता ने कांग्रेस को बहुमत दिया है और रामगढ़ सीट पर भी पार्टी की जीत होगी.

अपनी जीत के प्रति आश्वस्त कांग्रेस की प्रत्याशी 51 वर्षीय साफिया जुबेर खान ने कहा कि राज्य में कांग्रेस की सरकार के बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को विकास की उम्मीद है इसलिए पार्टी के प्रति सकारात्मक माहौल बना हुआ है. 2010 से 2015 के दौरान अलवर जिला प्रमुख रही साफिया ने कहा 'मैं विकास के नाम पर वोट मांग रही हूं. राज्य में कांग्रेस की सरकार के गठन के बाद लोगों को उम्मीद है कि अगर कांग्रेस का प्रत्याशी चुना गया तो क्षेत्र का विकास हो सकेगा इसलिए मैं अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हूं.'

उन्होंने कहा कि रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की प्रमुख मांगों में क्षेत्र में एक सरकारी कॉलेज, सुव्यवस्थित सड़कों सहित समुचित ढांचागत विकास शामिल है. बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल सैनी ने रामगढ़ से बीजेपी प्रत्याशी के चुनाव जीतने का दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की प्रदर्शन से लोग संतुष्ट नहीं है, इसलिए रामगढ़ सीट पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत होगी.

सैनी ने कहा कि कांग्रेस किसानों और युवाओं के साथ किए गए विभिन्न वादों को लेकर सत्ता में आई है. कांग्रेस ने किसानों को दस दिन में कर्जा माफ करने का वादा किया था लेकिन सरकार ने अभी तक किसानों का कर्जा माफी नहीं किया है. बीजेपी प्रत्याशी जगत सिंह इससे पहले 2003—08 में अलवर के लक्ष्मणगढ़ सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके है.

जातिगत समीकरण बीएसपी के पक्ष में

बीएसपी के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम मेघवाल ने बताया कि जातिगत समीकरण बीएसपी के पक्ष में हैं इसलिए इस सीट पर उनकी पार्टी चुनाव जीतेगी. रामगढ़ के लोगो को रिझाने के लिए कांग्रेस, बीजेपी और बीएसपी ने रैलियां, डोर टू डोर चुनावी प्रचार किया. रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2.35 लाख मतदाता हैं जिनमें से 1.10 लाख महिला मतदाता है. वहीं चुनाव के लिए 278 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव परिणाम 31 जनवरी को घोषित किए जाएंगे.

राज्य में सात दिसम्बर को हुए 199 विधानसभा सीटों के चुनाव में 99 सीट पर कांग्रेस, एक सीट पर कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी आरएलडी ने जीत दर्ज की थी. बीजेपी ने 73 सीटों पर, बीएसपी ने छह, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने तीन, सीपीआई (एम) और बीटीपी ने दो-दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. 13 सीटें निर्दलीयों को मिलीं.

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