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राजस्थान चुनाव 2018: 1951 से लेकर आजतक भरतरपुर पर है राजपरिवार का दबदबा

भरतपुर राज परिवार के सदस्यों के सियासी सफर की तो साल 1951 में राज परिवार के राजा गिरिराज शरण सिंह बच्चू सिंह लोकसभा पहुंचे थे और उसके बाद 1967 में महाराजा सवाई बिजेंद्र सिंह सांसद बने थे

Updated On: Nov 03, 2018 05:46 PM IST

FP Staff

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राजस्थान चुनाव 2018: 1951 से लेकर आजतक भरतरपुर पर है राजपरिवार का दबदबा
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भरतपुर का राजपरिवार अपनी आन बान और शान के लिए तो जाना जाता ही है साथ ही केंद्र व राज्य की राजनीति में भी भरतपुर राज परिवार की विशेष दखलअंदाजी रही है.

बात करें भरतपुर की राजनीति की तो यहां की राजनीति बिना राजपरिवार के अधूरी मानी जाती है. राज परिवार के कई सदस्य लोकसभा व विधानसभा में चुनकर पहुंचे हैं .

बात करें भरतपुर राज परिवार के सदस्यों के सियासी सफर की तो साल 1951 में राज परिवार के राजा गिरिराज शरण सिंह बच्चू सिंह लोकसभा पहुंचे थे और उसके बाद 1967 में महाराजा सवाई बिजेंद्र सिंह सांसद बने थे. पूर्व महाराजा बृजेन्द्र सिंह एक बार भरतपुर से भी विधायक चुने गए थे. बाद में साल 1989 में महाराजा सवाई बृजेंद्र सिंह के पुत्र विश्वेंद्र सिंह जनता दल के टिकट पर पहली बार लोकसभा पहुंचे थे और उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता राजेश पायलट को शिकस्त दी थी.

साल 1991 में विश्वेंद्र सिंह की चचेरी बहन और स्वर्गीय राजा मानसिंह की पुत्री कृष्णेंद्र कौर दीपा भरतपुर लोकसभा चुनाव जीता था. दीपा पूर्व में डीग से दो बार विधायक भी चुनी गई थी और वर्तमान में भी वे पिछले 3 बार से नदबई सीट से बीजेपी की विधायक हैं. साल 1996 में विश्वेंद्र सिंह की पत्नी दिव्या सिंह बीजेपी टिकट पर लोकसभा चुनाव जीती थी और बाद में साल 1999 और 2004 में विश्वेंद्र सिंह भी लोकसभा का चुनाव जीते थे.

विश्वेंद्र सिंह नदबई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के अलावा डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में कांग्रेस के विधायक भी हैं. विश्वेंद्र सिंह की पत्नी दिव्या सिंह भी डीग विधानसभा क्षेत्र से एक बार विधायक चुनी गई है. डीग के राजा मानसिंह ने तो लगातार सात बार चुनाव जीतकर रिकॉर्ड भी कायम किया है. राजा मान सिंह एक-एक बार नदबई व कुम्हेर से विधानसभा का चुनाव जीते थे तो व्ही डीग विधानसभा क्षेत्र से भी वे पांच बार एमएलए चुने गए थे. राजा गिर्राज शरण सिंह के पुत्र कुंवर अरुण सिंह भी चार बार डीग विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीत चुके हैं.

आगामी 7 दिसंबर को राजस्थान विधानसभा का चुनाव होना है और भरतपुर राज्य परिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह भरतपुर की डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर अपना भाग्य आजमाने चुनाव मैदान में उतरेंगे तो वहीं उनकी चचेरी बहन कृष्णेंद्र कौर दीपा भी नदबई विधानसभा क्षेत्र से चौका लगाने की तैयारी में जुटी हुई. अब यह तो आगामी समय ही बताएगा कि चुनाव परिणाम किसके पक्ष में आएंगे लेकिन इतिहास उठा कर देखा जाए तो राज परिवार के सदस्यों के खाते में पराजय कम जीत ज्यादा हासिल हुई है.

(तस्वीर प्रतीकात्मक है)

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