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पीएम मोदी का राहुल पर हमला, कहा- जिन्हें मूंग और मसूर में फर्क नहीं पता, वो सिखा रहे हैं किसानी

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें ये नहीं मालूम की चने का पौधा होता है या पेड़, जो मूंग और मसूर में फर्क नहीं समझते वो आज देश को किसानी सिखाने के लिए घूम रहे हैं

Updated On: Nov 28, 2018 01:39 PM IST

FP Staff

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पीएम मोदी का राहुल पर हमला, कहा- जिन्हें मूंग और मसूर में फर्क नहीं पता, वो सिखा रहे हैं किसानी

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए नागौर में प्रचार करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें ये नहीं मालूम कि चना का पौधा होता है या पेड़, वो लोग देश को किसानी सिखाने के लिए घूम रहे हैं. नागौर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें ये नहीं मालूम की चने का पौधा होता है या पेड़, जो मूंग और मसूर में फर्क नहीं समझते वो आज देश को किसानी सिखाने के लिए घूम रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, 'किसानों के नाम पर आज जो रोना रो रहे हैं, स्वामीनाथन कमीशन ने 10 साल पहले उसी नामदार की सरकार को एक रिपोर्ट दी थी और कहा था कि अगर किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना MSP मिलेगा तो किसानों की जिंदगी मुसीबतों से मुक्त होगी. उस समय कांग्रेस को यह रिपोर्ट पढ़ने की फुरसत ही नहीं मिली.' बीजेपी सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना अधिक एमएसपी देना शुरू कर दिया. अगर यह काम दस साल पहले हो गया होता तो आज एक भी किसान को कर्ज की मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती, कोई भी किसान कर्जदार नहीं होता.

उन्होंने कहा कि एक किसान का बेटा, जिसने गांधी जी के साथ रहकर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी थी. वो सरदार बल्लभभाई पटेल अगर देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो मेरे देश का किसान सबसे अधिक सुखी होता. सरदार बल्लभभाई पटेल जी को किसानों की मुसीबतों का पता था. जो नामदार सोने का चम्मच लेकर पैदा हुआ उन्हें क्या मालूम किसान क्या होता है?

पीएम मोदी ने कहा कि मैंने भी आपकी तरह ही जीवन जिया है. न ही आप और न मैं, सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए. आपके और मेरे परिवार ने कभी शासन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि धुंआ क्या होता है ये नामदार को मालूम ही नहीं है, लकड़ी का चूल्हा कैसे जलता है ये नामदार को मालूम नहीं.

मैने बचपन में अपनी मां को लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाते देखा है, धुंए से आंखों से पानी कैसे निकलता है ये मैंने देखा है और इसी से मुझे उज्ज्वला योजना की प्रेरणा मिली. उज्ज्वला योजना के तहत देशभर में 6 करोड़ परिवारों को गैस का कनेक्शन हमने मुफ्त में दे दिया.

'सबका साथ-सबका विकास' यह सिर्फ राजनीतिक नारा नहीं है. यह सपना है सवा सौ करोड़ हिंदुस्तानियों के कल्याण का. यह सपना है भारत माता को जगत गुरु के स्थान पर विराजित करने का. हम इस सपने को लेकर काम कर रहे हैं. आज शौर्य और श्रम की धरती नागौर पर एक कामदार, नामदार के खिलाफ लड़ाई के मैदान में है.

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