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राजस्थान चुनाव 2018: ऊंट पर चढ़कर वोट न डालने की अपील क्यों कर रहे हैं इस गांव के लोग

हनुमानगढ़ जिले की नोहर विधानसभा के जसाना गांव के लोगों ने मिलकर ये फैसला किया कि इस साल गांव का एक भी शख्स वोट नहीं डालेगा

Updated On: Nov 29, 2018 01:05 PM IST

FP Staff

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राजस्थान चुनाव 2018: ऊंट पर चढ़कर वोट न डालने की अपील क्यों कर रहे हैं इस गांव के लोग

राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में चुनाव प्रचार अपने चरम पर है. राज्य के हर गांव में चुनावी गूंज सुनाई दे रही है, लेकिन यहीं एक गांव ऐसा भी है जहां सन्नाटा पसरा पड़ा है. इस सन्नाटे की वजह है लोगों का मतदान बहिष्कार करना. हनुमानगढ़ जिले की नोहर विधानसभा के जसाना गांव के लोगों ने मिलकर ये फैसला किया कि इस साल गांव का एक भी शख्स वोट नहीं डालेगा.

क्या है मतदान बहिष्कार की वजह?

दरअसल 17 अक्टूबर 2017 को गांव के अटल सेवा केंद्र ईमित्र संचालक पवन व्यास की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. घटना के 14 महीनों बाद भी पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा पाई और अब मामला सीआईडी-सीबीआई के पास है. ऐसे में पवन व्यास के हत्यारों का पता नहीं लगने के विरोध में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने इस बार मतदान बहिष्कार का फैसला लिया है.

गांव में किसी को घुसने नहीं दिया जा रहा

इस मामले से गुस्साए ग्रामीण अब किसी भी प्रत्याशी को गांव में घुसने नहीं दे रहे हैं. इसलिए न तो कोई प्रत्याशी अभी तक गांव में वोट मांगने आया है और न ही गांव में किसी पार्टी का कोई बैनर या झंडा ही नजर आ रहा है. ग्रामीणों के इस फैसले में ग्राम पंचायत भी उनके साथ है. वहीं दूसरी प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने की बजया उनके साथ सख्ती करने पर उतर आए हैं.

जोर शोर से मतदान बहिष्कार का प्रचार

ऐसी स्थिति में ग्रामीण ने केवल मतदान बहिष्कार के अपने फैसले पर टिके हुए हैं, बल्कि ऊंट पर बैठकर मतदान बहिष्कार का प्रचार भी कर रहे हैं. इस दौरान ऊंटों को हर रोज गांव और आसपास की ढ़ाणियों में घुमाया जा रहा है. वहीं गांव में भी राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपने घरों से अपनी-अपनी पार्टियों के झंडे तक हटा दिए हैं. इस मामले पर जिला कलक्टर दिनेशचन्द्र जैन का कहना है कि उनको प्रत्यक्ष रूप से मतदान बहिष्कार की कोई सूचना नहीं है.

एक तरफ ग्रामीणों का मतदान बहिष्कार, दूसरी तरफ प्रत्याशियों का भी डरकर गांव में नहीं आना और तीसरी तरफ जिला प्रशासन का भी इस मामले में उदासीन रवैया. ऐसे में पवन व्यास हत्याकाण्ड मामले में ग्रामीण भी पूरी तरह एकजुट हो रहे हैं और चुनावी शोर से दूर जसाना गांव के हजारों वोटर चुनाव से तो दूर चुनावी चर्चाओं में भी भाग नहीं ले रहे

(न्यूज 18 राजस्थान के लिए राजूरामगढ़िया की रिपोर्ट)

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