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क्या बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद ढोकला खाने जाएंगे- शरद पवार

चर्चा के दौरान मोदी सरकार को घेरते हुए सरकार के ऊपर कई सवाल उठाए गए

Updated On: Feb 22, 2018 11:25 AM IST

FP Staff

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क्या बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद ढोकला खाने जाएंगे- शरद पवार
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पुणे का बीएमसी ग्राउंड बुधवार को एक बड़ी सियासी घटना का गवाह बना. यहां एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और एमएनएस चीफ राज ठाकरे 11 साल बाद आमने-सामने दिखे. दरअसल विश्व मराठी अकादमी ने एक प्रोग्राम किया जिसमें राजनीति में 50 साल पूरे करने वाले शरद पवार को सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम की खास बात ये रही कि राज ठाकरे जहां एक पत्रकार की भूमिका में दिखे तो शरद पवार इंटरव्यू देते एक गेस्ट की तरह. दोनों नेताओं ने देश और महाराष्ट्र को लेकर तमाम मुद्दों पर बात की. इस इंटरव्यू में कई रोचक बातें सामने आईं. चर्चा के दौरान मोदी सरकार को घेरते हुए सरकार के ऊपर कई सवाल भी उठाए गए.

कार्यक्रम में जिस तरह महाराष्ट्र के विपक्षी दल एनसीपी और एमएनएस के आला नेताओं ने मिलकर पीएम मोदी को घेरने की कोशिश की उससे महाराष्ट्र के सियासी समीकरण में किसी बड़े बदलाव की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं.

नोटबंदी पर पवार का वार

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने नोटबंदी पर सवाल किया. इसके जवाब में पवार ने कहा, 'महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक में तमाम सहकारी बैंक हैं. इन सहकारी बैंको में सामान्य लोगों को खाते हैं और वहां उनके पैसे जमा हैं. लेकिन सहकारी बैंकों में जमा पैसों को बदला नहीं गया. उसके बारे में हमने तीन बार पार्लियामेंट में बात उठाई. लेकिन कोई जवाब नहीं आया'.

ढोकला और बुलेट ट्रेन पर सवाल

सवाल जवाब में बुलेट ट्रेन और ढोकले की भी बात हुई. राज ठाकरे ने पूछा कि बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद क्या ढोकला खाने जाएंगे? इस पर शरद पवार ने कहा, हमने कभी बुलेट ट्रेन का विरोध नहीं किया. लेकिन हमारा कहना है कि बुलेट ट्रेन दिल्ली से मुंबई चलाना चाहिए. आपने सवाल किया की बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद क्या ढोकला खाने जाएंगे, मेरा कहना है कि मुंबई से बुलेट ट्रेन से कोई नहीं जाएगा बल्कि अहमदाबाद से लोग यहां आएंगे.

गुजराती भाषा को लेकर क्या कहा पवार ने

बकौल शरद पवार, मैं गुजराती भाषा का विरोध नहीं करता. यूपी बिहार से मजदूर वर्ग के लोग मजदूरी करने यहां ज्यादा आते हैं और रहते हैं. लेकिन उसी इलाके में गुजराती लोग जो आते हैं वो मजदूरी करने नहीं आते वो पैसा कमाने आते हैं. महाराष्ट्र आर्थिक लाभ के लिए सबसे सही जगह है. इस वजह से हमें सचेत रहने की जरूरत है.

बीएमसी ग्राउंड के इस कार्यक्रम में 25 से 30 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन कुल तकरीबन 5 हजार लोग पहुंचे. एनसीपी और एमएनएस ने इस प्रोग्राम की जमकर तारीफ की है.

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