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राज बब्बर का बीजेपी पर तंज- हनुमान को मत छेड़ो, उनकी पूंछ के हमले से 3 प्रदेश चले गए

बीजेपी की पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने हनुमान को मनुवादी भगवान राम का गुलाम बताया था

Updated On: Dec 24, 2018 06:16 PM IST

FP Staff

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राज बब्बर का बीजेपी पर तंज- हनुमान को मत छेड़ो, उनकी पूंछ के हमले से 3 प्रदेश चले गए

यूपी कांग्रेस प्रमुख राज बब्बर ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, 'बीजेपी वालों को यह समझ लेना चाहिए कि हनुमानजी को ज्यादा मत छेड़ो, उनकी पूंछ के वार से 3 प्रदेश हाथ से निकल चुके हैं. अब तुम्हारी लंका में आग लगने वाली है.'

गौरतलब है कि पूरे देश में हनुमान जी के ऊपर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हनुमान को दलित बताया था. उन्होंने यह बयान अलवर के मालाखेड़ा में हुई चुनावी सभा में दिया था.

उनके इस बयान पर सियासी हंगामा मच गया था. जिसके बाद तमाम नेताओं के बयान सामने आए थे जिसमें सबने हनुमान की कई जातियों का उल्लेख किया था. NCST (नेशनल कमिशन फॉर शेड्यूल ट्राइब्स) आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय ने कहा था कि हनुमान जी दलित नही हैं बल्कि अनुसूचित जनजाति के हैं. आदिवासियों में कई जनजातियों का वानर गोत्र होता है, इसी आधार पर हनुमान को वानर कहा गया था.

बीजेपी की पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले ने हनुमान को मनुवादी भगवान राम का गुलाम बताया और बीजेपी के ही विधान परिषद के सदस्य बुक्कल नवाब ने कहा था कि भगवान हनुमान मुसलमान थे, इसलिए मुसलमानों के अंदर जो नाम रखा जाता है वो रहमान, रमजान, फरमान, जिशान, कुर्बान जितने भी नाम रखे जाते हैं वो करीब-करीब उन्हीं पर रखें जाते हैं.

यूपी के बीजेपी नेता चौधरी लक्ष्मी नारायण ने भी इस मामले पर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि हनुमान जी जाट थे क्योंकि वह बिना किसी की परेशानी जाने मुद्दे में कूद जाते थे.

इस मामले में बीजेपी के बागी नेता कीर्ति आजाद ने भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि हनुमान जी चीनी थे. कीर्ति आजाद ने कहा, 'हनुमान जी चीनी थे. हर जगह यह अफवाह है कि चीनी लोगों के जरिए दावा किया जा रहा है कि हनुमान जी चीनी थे.'

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने भी हुनुमान जी पर बयान दिया. हालांकि उन्होंने हनुमान की जाति नहीं बताई है लेकिन उनसे जुड़े कई राज खोले हैं. बीते शनिवार को यूपी के अमरोहा में चौहान ने कहा- हनुमान जी कुश्ती लड़ते थे, खिलाड़ी भी थे, जितने भी पहलवान लोग हैं, उनकी पूजा करते हैं, मैं उनको वही मानता हूं, हमारे ईष्ट हैं, भगवान की कोई जाति नहीं होती. मैं उनको जाति में नहीं बांटना चाहता. उन्होंने हनुमान को खिलाड़ी बताया है.

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