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रविशंकर प्रसाद का वायुसेना की क्षमता पर सवाल उठाना ‘राष्ट्रविरोधी’: कांग्रेस

अगर 2012 में डसॉल्ट और रिलायंस के बीच समझौते का कोई कागज है तो उसे मोदी सरकार तत्काल सार्वजनिक करे

Updated On: Sep 22, 2018 08:36 PM IST

Bhasha

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रविशंकर प्रसाद का वायुसेना की क्षमता पर सवाल उठाना ‘राष्ट्रविरोधी’: कांग्रेस

कांग्रेस ने राफेल मामले को लेकर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के हमले पर पलटवार करते हुए दावा किया कि प्रसाद ने वायुसेना की क्षमता एवं विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया है जो ‘राष्ट्रविरोधी’ काम है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अगर 2012 में डसॉल्ट और रिलायंस के बीच समझौते का कोई कागज है तो उसे मोदी सरकार तत्काल सार्वजनिक करे.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘चाटुकारिता, अंधभक्ति और अहंकार से भरे कानून मंत्री का चेहरा अक्सर तमतमाया रहता है. जब कानून मंत्री ही गैरकानूनी बात करे, तर्कहीन बात करेंगे तो बीजेपी यह भूल न जाए कि देश की जनता देख रही है. कानून मंत्री को शायद जनता का सामना नहीं करने पड़े क्योंकि वह चुनाव नहीं लड़ते. लेकिन मोदी जी को देश की जनता धूल चटाएगी.’

सुरजेवाला ने कहा, ‘राहुल गांधी के सवालों पर सरकार ने चुप्पी साध ली. सिर्फ चिड़चिड़ाकर हमारी कमियां गिना रही है. एक झूठ छिपाने के लिए बीजेपी सरकार को 100 झूठ बोलने पड़ रहे हैं. इससे सच्चाई नहीं बदलने वाली है.‘

उन्होंने कहा, ‘कानून मंत्री ने कहा कि अनिल अंबानी की कंपनी को ठेका दिलाने में प्रधानमंत्री की भूमिका नहीं है. जबकि फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि प्रधानमंत्री के कहने पर अनिल अंबानी की कंपनी को ठेका दिया गया था. एक बात साफ है कि चौकीदार देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे थे. प्रधान सेवक देश की नहीं, बल्कि अनिल अंबानी की सेवा कर रहे थे.’

कांग्रेस के समझौते के कागज सार्वजनिक करें:

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘कानून मंत्री और रक्षा मंत्रालय ने यह कहा कि फरवरी 2012 में ही डसॉल्ट और मुकेश अंबानी की रिलायंस के बीच समझौता हुआ था. उनका यह दावा पूरी तरह बकवास है. न ऐसा कोई कांट्रैक्ट हुआ और न ही ऐसा कोई समझौता हुआ. हम चुनौती देते हैं कि अगर ऐसा कोई समझौता हुआ है तो वह कागज सार्वजनिक करें.’

उन्होंने कहा, ‘सच्चाई यह है कि समझौता हिंदुस्तान एयरनोटॉटिक्स के बीच हुआ था. कानून मंत्री झूठ बोल रहे हैं.’

फोटो रॉयटर से

फोटो रॉयटर से

सुरजेवाला ने पूछा, ‘अगर अनिल अंबानी की कंपनी राफेल विमान कीमत बता सकती है और डसॉल्ट बता सकती है तो मोदी सरकार क्यों नहीं बता सकती?’

उन्होंने कहा, ‘कानून मंत्री यह कहने की कोशिश कर रहे हैं कि संप्रग सरकार के समय जो राफेल खरीदा जा रहा था उसमें किसी तरह की युद्धक क्षमता नहीं थी. वह भारतीय वायुसेना की क्षमता और विश्वसनीयता को चुनौती दे रहे हैं जो राष्ट्र विरोधी बात है. यह राष्ट्र विरोधी कार्य है.’

पाकिस्तान की मदद कर रही है बीजेपी:

प्रसाद द्वारा राहुल पर पाकिस्तान की मदद करने लगाए जाने को लेकर सुरजेवाला ने कहा, ‘पाकिस्तान की मदद तो मोदी कर सरकार रही है. जब हमारी वायुसेना को 126 विमानों की जरूरत है तो वह सिर्फ 36 विमान क्यों खरीद रही है?’

उधर, राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए हुए भाजपा नेता प्रसाद ने कांग्रेस को ‘भ्रष्टाचार की जननी’ करार दिया और आरोप लगाया कि संप्रग शासन के दौरान बाहरी कारणों से राफेल सौदे को अंतिम रुप नहीं देने का दबाव था.

उन्होंने कहा कि रिलायंस तथा डसॉल्ट ने 2012 में ही एक समझौता किया था और तब संप्रग सत्ता में था.

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