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कहने पर भी चुनाव के कारण पीएम मोदी नहीं टालते निर्णयः पीयूष गोयल

हम पीएम से कई निर्णयों को टालने के लिए बोलते हैं लेकिन उनका सिर्फ एक सवाल होता है कि क्या यह निर्णय देश हित और लोक हित में है, अगर ऐसा है तो इसे अभी लागू किया जाना चाहिए

FP Staff Updated On: Feb 13, 2018 05:10 PM IST

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कहने पर भी चुनाव के कारण पीएम मोदी नहीं टालते निर्णयः पीयूष गोयल

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलवे में सुरक्षा मामलों के लिए हम अगले साल 73 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि पहले सबसे अच्छा बहाना था कि फंड नहीं मिल रहा है. पीएम मोदी ने इस सोच को बदल दिया है. अगर आपके पास अच्छे आइडिया हैं तो फंड की कमी नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि हमने मात्र 30 सेकेंड में तय कर लिया था कि भारतीय रेल और भारत के लोगों को अगले 6-7 सालों में दुनिया का सबसे मॉर्डन सिग्नल सिस्टम मुहैया कराएंगे. एएनआई इंफ्राकॉम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत सिग्नल सिस्टम को दुनिया में एक्सपोर्ट करने के लायक हो जाएगा.

स्टेशनों पर वाईफाई सुविधा मुहैया कराने के पीछे के कारणों पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि हम वहां आसपास के बच्चों, महिलाओं और किसानों को बुलाकर इंटरनेट की दुनिया से रूबरू कराएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हम देश के 8 हजार स्टेशनों पर वाईफाई उपलब्ध कराएंगे.

ट्रेन के हर कोच में सीसीटीवी लगाने की बात पर उन्होंने कहा कि इससे हर महिला अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगी. जो लड़के घर से भाग जाते हैं उन्हें भी पता लगाने में आसानी होगी.

चुनाव को देखकर प्रधानमंत्री नहीं टालते निर्णय

प्रधानमंत्री के कार्य करने के तरीकों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव को देखते हुए हम पीएम से कई निर्णयों को टालने के लिए बोलते हैं लेकिन उनका सिर्फ एक सवाल होता है कि क्या यह निर्णय देश हित और लोक हित में है. अगर ऐसा है तो इसे अभी लागू किया जाना चाहिए.

रेलवे बोर्ड में आए बदलाव पर उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड की अब हर सप्ताह बैठक होती है. पहले यह कई महीनों तक नहीं होती थी. पहले निर्णय को लटकाए रखा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

पीयूष गोयल ने कहा कि भारतीय रेल में 50 साल से कोई नयापन नहीं आया था. जनवरी में हमने 400 किलो मीटर से ज्यादा टूटे हुए रेलवे ट्रैक को बदला और लगभग 500 किलो मीटर दिसंबर में बदलाव का काम हुआ. अब हम जो बाकी बचा हुआ है उसे पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.

भारत में मेट्रों रेल के किराए पर उन्होंने कहा कि देश में मेट्रो किराया में भारी सब्सिडी है. कोई भी मेट्रो पैसे नहीं बना रही है. यह एक तरह से जनता की सेवा है.

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