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राहुल छेड़ेंगे नोटबंदी पर देशव्यापी आंदोलन

कांग्रेस नोटबंदी के मुद्दे के जरिये एक बार फिर उपाध्यक्ष राहुल गांधी की री ब्रांडिंग करने को तैयार है.

Updated On: Dec 26, 2016 06:30 PM IST

Sitesh Dwivedi

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राहुल छेड़ेंगे नोटबंदी पर देशव्यापी आंदोलन

नोटबंदी को लेकर जनता का मूड भांप रही कांग्रेस अब इस मुद्दे पर बड़े आंदोलन की तैयारी में है. विधान सभा चुनावो में अपनी खोई जमीन तलाश रही कांग्रेस इस मुद्दे के जरिये एक बार फिर उपाध्यक्ष राहुल गाँधी की री ब्रांडिंग करने को तैयार है.

सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पार्टी की रणनीति बना रहे प्रशांत किशोर की पहल पर राहुल के करीबी नेताओं अहमद पटेल, मोहन गोपाल और के राजू ने नोट बंदी पर देशव्यापी आंदोलन की रूप रेखा बनाई है.

इस मामले पर कांग्रेस ने सोमवार को पार्टी वॉर रूम कहे जाने वाले 15 गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित कार्यालय में सभी महासचिवों, सचिवों व प्रदेश अध्यक्षों की मीटिंग बुलाई है. इस बैठक में राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी भी मौजूद रहेंगी.

इस बैठक के बाद पार्टी के महासचिव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए मंथन करेंगे. जानकारी के मुताबिक नोटबंदी को लेकर पार्टी देश भर में डेढ़ सौ से अधिक रैलियां और पद यात्राएं आयोजित करेगी. इन रैलियों को पार्टी के युवा नेताओं के अलावा तकरीबन दो दर्जन सभाओं को खुद उपाध्यक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे.

राहुल की रिलॉचिंग की जबरदस्त तैयारी

इन रैलयों को संबोधित करने वाले तकरीबन सवा सौ नेताओं की लिस्ट भी पार्टी जारी करेगी. माना जा रहा है इस लिस्ट में राजनीति के अलावा पार्टी के लिए समाज के अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी स्थान दिया जाएगा.

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हालांकि, इस पूरी कवायद में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी की भूमिका को जानबूझकर बेहद सीमित रखा गया है. पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है नोटबंदी पर राहुल के बयानों का प्रधानमंत्री मोदी जिस आक्रमकता से जवाब दे रहे हैं, वह उन्हें जल्द ही उनके बरक्स खड़ा कर देगा.

ऐसे में पार्टी अध्यक्ष की मुखरता राहुल की बढ़ती भूमिका को कम कर सकती है. राहुल की री लॉचिंग में जुटे रणनीतिकार नोटबंदी के विरोध के जरिये राहुल को राष्ट्रीय स्तर के नेता के तौर पर स्थापित करने की कोशिश में हैं.

दरअसल इस मुद्दे पर तृणमूल नेता ममता बनर्जी के आक्रामक तेवरों के बाद कांग्रेस बैकफुट पर जाती दिख रही थी, जिसके बाद राहुल गांधी की कोर टीम ने इस इस मुद्दे को आक्रामक ढंग से उठाने का फैसला किया. अब जब पार्टी को इसमें शुरूआती सफलता मिलती दिख रही है, टीम राहुल इसे बड़े पैमाने पर आजमाने की तैयारी में है.

नोटबंदी पर विरोध के अगुआ होंगे राहुल गांधी

हालांकि, कांग्रेस पार्टी के इस कदम से केंद्र में काबिज मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष का संयुक्त मोर्चा बनने से पहले ही बिखर गया है. जबकि इसकी आंच उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी महसूस होनी शुरू हो गई है, जहाँ वजूद के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी या फिर बसपा के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है.

नोटबंदी पर कभी साथ, कभी एकला चलो की कांग्रेस पार्टी की रणनीति को देख कर सपा मुखिया मुलायम कांग्रेस से गठबंधन पर खुलकर अपने पत्ते नहीं खोल रहे, जबकि माया को लेकर खुद कांग्रेस में ही अभी असमंजस है. दरअसल लंबे समय से किसी मुद्दे की तलाश में लगी कांग्रेस नोटबंदी के मुद्दे को हाथ से निकलने नहीं देना चाहती.

पार्टी विरोध के इस मुद्दे को विरोधियों के हाथ गंवाना नहीं चाह रही है. जबकि इस मामलों में दूसरे दल भी कांग्रेस को बढ़त लेने नहीं देना चाहते. विपक्ष के अन्य दलों की नाराजगी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को लेकर भी है.

ऐसे में विपक्ष भी इस मुद्दे पर कांग्रेस से अलग राह पर चलने का फैसला कर चुकी है. विपक्ष के अन्य दलों की राजनीतिक मजबूरियां भी हैं. केंद्र में विरोध में साथ खड़े दलों को राज्यों में एक दूसरे का मुकाबला भी करना है. ऐसे में दिल्ली से बाहर तो दूर विपक्षी एकता संसद भवन परिसर के बाहर भी कामयाब नहीं दिखती.

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