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कांग्रेस CWC मीटिंग : क्या सोनिया गांधी होंगी मीटिंग का हिस्सा?

राहुल गांधी पहली बार पार्टी अध्यक्ष के तौर पर सीडबल्यूसी मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे

Updated On: Dec 22, 2017 01:08 PM IST

FP Staff

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कांग्रेस CWC मीटिंग : क्या सोनिया गांधी होंगी मीटिंग का हिस्सा?

शुक्रवार की शाम पहली बार राहुल गांधी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में अध्यक्षता करेंगे. भले ही वो लंबे समय से कांग्रेस के नीति निर्धारकों में रहे हैं, लेकिन पहली बार वो अध्यक्ष के तौर पर मीटिंग का हिस्सा होंगे. राहुल को अपनी मां सोनिया गांधी की जगह अध्यक्ष बने छह दिन हुए हैं. ऐसे में उम्मीद है कि मीटिंग की शुरुआत में सभी सदस्य नए अध्यक्ष को लेकर भरोसा जताएंगे और गुजरात चुनाव में जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए राहुल के नेतृत्व की प्रशंसा करेंगे.

सीडबल्यूसी की मीटिंग में नजरें इस पर होंगी कि 2जी मामले पर राहुल किस तरह विपक्षी पर हमला बोलते हैं या कांग्रेस पूरे मसले पर कैसी रणनीति अख्तियार करती है. लेकिन इससे अलग एक और मुद्दा है, जिस पर नजरें होंगी. मुद्दा है कि क्या सोनिया गांधी मीटिंग का हिस्सा बनती हैं?

सक्रिय राजनीति में सोनिया की भूमिका पर पिछले कई दिनों से अटकलें लगाई जा रही हैं. राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद सोनिया ने मीडिया से कहा था कि मेरा रोल अब रिटायर होने का है. यह बड़ी खबर बनी थी. उसके बाद से ही उनके रिटायरमेंट की चर्चा होती रही है.

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने वो किया, जो आमतौर पर होता नहीं है. उन्होंने ट्वीट करके मामले को साफ करने की कोशिश की.

 

सोनिया गांधी ने साफ-साफ यह नहीं कहा है कि वो सक्रिय राजनीति से संन्यास ले रह हैं या नहीं. न ही उन्होंने यह साफ किया कि क्या वह कांग्रेस में रुटीन कामों से खुद को अलग कर रही हैं, ताकि राहुल पूरी तरह कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपना काम कर सकें. वो एकमात्र पावर सेंटर की तरह नजर आएं.

सोनिया गांधी कांग्रेसियों के मन में किसी तरह की दुविधा की स्थिति नहीं रहने देना चाहती थीं. खासतौर पर वरिष्ठ नेताओं में जो पार्टी में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए उनकी तरफ देखते थे.

अगर सोनिया सीडबल्यूसी मीटिंग का हिस्सा होती हैं, तो पिछले कई दशकों में पहली बार ऐसा होगा कि पूर्व अध्यक्ष भी नए अध्यक्ष के साथ मीटिंग में शामिल हुआ. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी अपने जीवनकाल में कांग्रेस अध्यक्ष थे. उसके बाद यह जगह पीवी नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी ने भरी. यह वो दौर था, जब राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया सक्रिय राजनीति में नहीं आना चाहती थीं.

सोनिया अगर मीटिंग में नहीं आतीं, तो यह संकेत होगा कि वह राहुल को पूरी कमांड देना चाहती हैं. वो चाहती हैं कि पूरा फोकस राहुल पर हो. पार्टी को मालूम हो कि अब राहुल अकेली अथॉरिटी हैं और खुद सोनिया रिटायरमेंट मोड में आ चुकी हैं. जैसा भी होगा, जिस वक्त राहुल सीडब्ल्यूसी मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे, सोनिया कांग्रेस के इतिहास में नया चैप्टर लिखेंगी.

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